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PM Modi: 'उन्होंने कानून का इस्तेमाल ही नहीं किया', जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोपों पर ये बोले पीएम मोदी
Mon, 01 Apr 2024 11:08 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 01 Apr 2024 11:08 AM IST
सार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा समय में ईडी करीब 7000 मामलों की जांच कर रही है, जिनमें से 3 प्रतिशत से भी कम मामले राजनीति से जुड़े हैं।
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पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष द्वारा सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोपों पर तीखा जवाब दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियां स्वतंत्र तौर पर काम करती हैं। उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि सरकार द्वारा केंद्रीय जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि देश में मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम के लिए कानून पहले से मौजूद है, लेकिन विपक्ष की सरकारों ने इसका इस्तेमाल ही नहीं किया।
'स्वतंत्र तरीके से जांच करती हैं केंद्रीय जांच एजेंसियां'
तमिलनाडु के एक मीडिया चैनल को दिए अपने ताजा इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि 'न तो हम जांच एजेंसियों के काम में बाधा डालते हैं और न ही उनकी कार्रवाई में कोई दखल देते हैं। वे निष्पक्ष और स्वतंत्र तौर पर जांच करती हैं।' प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन मामलों की जांच फिलहाल ईडी द्वारा की जा रही है, उनमें से 3 फीसदी से भी कम मामले राजनीति से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'मौजूदा समय में ईडी करीब 7000 मामलों की जांच कर रही है, जिनमें से 3 प्रतिशत से भी कम मामले राजनीति से जुड़े हैं। उनके (विपक्षी सरकार) 10 वर्षों के कार्यकाल में ईडी ने सिर्फ 35 लाख रुपये जब्त किए थे। वहीं हमारी सरकार में करीब 2200 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं।'
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'विपक्ष ने पीएमएलए कानून का इस्तेमाल ही नहीं किया'
विपक्ष के सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने के आरोपों पर पीएम मोदी ने कहा कि 'जांच एजेंसियों के मामला दर्ज करने की प्रक्रिया पहले जैसी ही है और सत्ता में कौन है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। विभिन्न विभाग पहले मामला दर्ज करते हैं और उसके बाद ही ईडी कार्रवाई करती है। पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) पहले से मौजूद है, लेकिन उन्होंने (विपक्ष) इसका इस्तेमाल ही नहीं किया। उन्होंने न्यायपालिका का हथियार की तरह इस्तेमाल किया क्योंकि उन्हें पता है कि मोदी की भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं रुकेगी। उन्हें (विपक्ष) लगता है कि वे अदालतों के जरिए इन संस्थाओं को रोक सकते हैं।'
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'स्वतंत्र तरीके से जांच करती हैं केंद्रीय जांच एजेंसियां'
तमिलनाडु के एक मीडिया चैनल को दिए अपने ताजा इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि 'न तो हम जांच एजेंसियों के काम में बाधा डालते हैं और न ही उनकी कार्रवाई में कोई दखल देते हैं। वे निष्पक्ष और स्वतंत्र तौर पर जांच करती हैं।' प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन मामलों की जांच फिलहाल ईडी द्वारा की जा रही है, उनमें से 3 फीसदी से भी कम मामले राजनीति से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'मौजूदा समय में ईडी करीब 7000 मामलों की जांच कर रही है, जिनमें से 3 प्रतिशत से भी कम मामले राजनीति से जुड़े हैं। उनके (विपक्षी सरकार) 10 वर्षों के कार्यकाल में ईडी ने सिर्फ 35 लाख रुपये जब्त किए थे। वहीं हमारी सरकार में करीब 2200 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं।'
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'विपक्ष ने पीएमएलए कानून का इस्तेमाल ही नहीं किया'
विपक्ष के सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने के आरोपों पर पीएम मोदी ने कहा कि 'जांच एजेंसियों के मामला दर्ज करने की प्रक्रिया पहले जैसी ही है और सत्ता में कौन है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। विभिन्न विभाग पहले मामला दर्ज करते हैं और उसके बाद ही ईडी कार्रवाई करती है। पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) पहले से मौजूद है, लेकिन उन्होंने (विपक्ष) इसका इस्तेमाल ही नहीं किया। उन्होंने न्यायपालिका का हथियार की तरह इस्तेमाल किया क्योंकि उन्हें पता है कि मोदी की भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं रुकेगी। उन्हें (विपक्ष) लगता है कि वे अदालतों के जरिए इन संस्थाओं को रोक सकते हैं।'