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India-Poland Ties: यूरोप में भारत का अहम साथी है पोलैंड, 45 साल बाद किसी भारतीय पीएम का यह दौरा क्यों खास?
Thu, 22 Aug 2024 11:35 AM IST
शिवेंद्र तिवारी
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Thu, 22 Aug 2024 11:35 AM IST
सार
PM Modi In Poland: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 से 22 अगस्त तक पोलैंड की यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री मोदी का पोलैंड के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात का कार्यक्रम है। इन बैठकों का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ बनाना है। पोलैंड मध्य और पूर्वी यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक और निवेश साझेदार है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा, पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क
- फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय पोलैंड यात्रा पर राजधानी वारसॉ में हैं। पीएम मोदी 21 और 22 अगस्त को यूरोपीय देश की यात्रा पर हैं। इसके बाद 23 अगस्त को पीएम मोदी युद्धग्रस्त यूक्रेन का दौरा करेंगे। पोलैंड मध्य यूरोप में भारत का अहम व्यापारिक साझेदार है। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह 45 साल बाद पहली पोलैंड यात्रा है। वारसॉ पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने अपनी यूक्रेन यात्रा से पहले बुधवार को कहा कि भारत अशांत क्षेत्र में शांति का समर्थक है। उन्होंने दोहराया कि यह युद्ध का समय नहीं है और किसी भी संघर्ष का समाधान कूटनीति और बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए।
आइये जानते हैं कि पीएम मोदी की पोलैंड यात्रा का कार्यक्रम क्या रहा? इस दौरे के एजेंडे में क्या? इस दौरे में अभी क्या-क्या हुआ?भारत और पोलैंड के रिश्ते कैसे हैं?
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आइये जानते हैं कि पीएम मोदी की पोलैंड यात्रा का कार्यक्रम क्या रहा? इस दौरे के एजेंडे में क्या? इस दौरे में अभी क्या-क्या हुआ?भारत और पोलैंड के रिश्ते कैसे हैं?
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा
- फोटो : AMAR UJALA
पीएम मोदी की पोलैंड यात्रा का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 से 22 अगस्त तक पोलैंड की यात्रा पर हैं। यात्रा के दूसरे दिन प्रधानमंत्री का पोलैंड की राजधानी वारसॉ में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। वह राष्ट्रपति आंद्रेज सेबेस्टियन डूडा से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को पुनर्जीवित करने का एक अवसर बनना है। प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को पोलैंड में भारतीय प्रवासियों की एक सभा को भी संबोधित किया।
भारत के प्रधानमंत्री की यह यात्रा पोलैंड और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ पर हो रही है। किसी भारतीय पीएम की पोलैंड की पिछली यात्रा 45 साल पहले 1979 में हुई थी। उस वक्त मोरारजी देसाई पोलैंड आए थे। इससे पहले जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने भी इस यूरोपीय देश का दौरा किया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 से 22 अगस्त तक पोलैंड की यात्रा पर हैं। यात्रा के दूसरे दिन प्रधानमंत्री का पोलैंड की राजधानी वारसॉ में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। वह राष्ट्रपति आंद्रेज सेबेस्टियन डूडा से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को पुनर्जीवित करने का एक अवसर बनना है। प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को पोलैंड में भारतीय प्रवासियों की एक सभा को भी संबोधित किया।
भारत के प्रधानमंत्री की यह यात्रा पोलैंड और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ पर हो रही है। किसी भारतीय पीएम की पोलैंड की पिछली यात्रा 45 साल पहले 1979 में हुई थी। उस वक्त मोरारजी देसाई पोलैंड आए थे। इससे पहले जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने भी इस यूरोपीय देश का दौरा किया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा
- फोटो : PTI
पीएम मोदी पोलैंड में कहां-क्या करेंगे?
पीएम मोदी गुरुवार सुबह 10 बजे (स्थानीय समयानुसार) पोलिस प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क से मुलाकात करेंगे। वहीं गुरुवार दोपहर को प्रधानमंत्री मोदी पोलिश राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा से मिलेंगे। यह बैठक गुरुवार को बेल्वेडर में होगी। बेल्वेडर पोलिश राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास है और साथ ही एक राजकीय अतिथि गृह भी है।
पीएम मोदी इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान ज्यादातर समय राजधानी वारसॉ में बिताएंगे। वारसॉ पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने सबसे पहले तीन स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पोलैंड में भारतीय राजदूत नगमा मोहम्मद मलिक ने कहा कि वह इन तीनों स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं।
बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने जामनगर और कोल्हापुर के महाराजाओं के स्मारकों का दौरा किया। जामनगर और कोल्हापुर के इन महाराजाओं ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हजारों पोलिश शरणार्थियों को आश्रय दिया था। पीएम मोदी ने पहले दिन बैटल ऑफ मोंटे कैसिनो स्मारक का भी दौरा किया, जिसमें दोनों देशों ने भाग लिया था। पीएम मोदी को पोलैंड में उच्चतम स्तर पर बैठकें करनी हैं। इस यात्रा में आर्थिक पहलू भी शामिल होने की उम्मीद है।
पीएम मोदी गुरुवार सुबह 10 बजे (स्थानीय समयानुसार) पोलिस प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क से मुलाकात करेंगे। वहीं गुरुवार दोपहर को प्रधानमंत्री मोदी पोलिश राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा से मिलेंगे। यह बैठक गुरुवार को बेल्वेडर में होगी। बेल्वेडर पोलिश राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास है और साथ ही एक राजकीय अतिथि गृह भी है।
पीएम मोदी इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान ज्यादातर समय राजधानी वारसॉ में बिताएंगे। वारसॉ पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने सबसे पहले तीन स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पोलैंड में भारतीय राजदूत नगमा मोहम्मद मलिक ने कहा कि वह इन तीनों स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं।
बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने जामनगर और कोल्हापुर के महाराजाओं के स्मारकों का दौरा किया। जामनगर और कोल्हापुर के इन महाराजाओं ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हजारों पोलिश शरणार्थियों को आश्रय दिया था। पीएम मोदी ने पहले दिन बैटल ऑफ मोंटे कैसिनो स्मारक का भी दौरा किया, जिसमें दोनों देशों ने भाग लिया था। पीएम मोदी को पोलैंड में उच्चतम स्तर पर बैठकें करनी हैं। इस यात्रा में आर्थिक पहलू भी शामिल होने की उम्मीद है।
पोलैंड में भारतीयों ने पीएम मोदी का स्वागत किया
- फोटो : X/@narendramodi
इस दौरे का उद्देश्य क्या है?
दो दिवसीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य रक्षा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना और पोलैंड और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा करना है। यात्रा के दौरान मोदी को द्विपक्षीय संबंधों को नवीनीकृत और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना है। कई वर्षों के बाद, भारत ने पोलैंड के साथ रणनीतिक सहयोग के बढ़ते महत्व पर जोर देते हुए वारसॉ में अपना पहला 'सैन्य अताशे' नियुक्त किया था। सैन्य अताशे या डिफेंस अताशे सैन्य एक्सपर्ट होते हैं जो दूतावास से जुड़े होते हैं। इसके लिए आमतौर पर एक उच्च सैन्य अधिकारी नियुक्त होता है। रक्षा अताशे मित्र देशों के साथ आपसी रक्षा सहयोग विकसित करने में सहायक माने जाते हैं।
दो दिवसीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य रक्षा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना और पोलैंड और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा करना है। यात्रा के दौरान मोदी को द्विपक्षीय संबंधों को नवीनीकृत और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना है। कई वर्षों के बाद, भारत ने पोलैंड के साथ रणनीतिक सहयोग के बढ़ते महत्व पर जोर देते हुए वारसॉ में अपना पहला 'सैन्य अताशे' नियुक्त किया था। सैन्य अताशे या डिफेंस अताशे सैन्य एक्सपर्ट होते हैं जो दूतावास से जुड़े होते हैं। इसके लिए आमतौर पर एक उच्च सैन्य अधिकारी नियुक्त होता है। रक्षा अताशे मित्र देशों के साथ आपसी रक्षा सहयोग विकसित करने में सहायक माने जाते हैं।
पोलैंड में भारतीयों ने पीएम मोदी का स्वागत किया
- फोटो : X/@narendramodi
भारत और पोलैंड के रिश्ते कैसे रहे हैं?
लगभग 3.8 करोड़ की आबादी के साथ, यह यूरोपीय संघ का छठा सबसे अधिक आबादी वाला देश है। भारत और पोलैंड के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। साल 1954 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए, जिसके बाद 1957 में वारसॉ में भारतीय दूतावास खोला गया। 1989 में पोलैंड द्वारा लोकतांत्रिक मार्ग चुनने के बाद भी यह संबंध घनिष्ठ बना रहा। भारत और पोलैंड ने मजबूत मुद्रा व्यापार व्यवस्था अपनाई, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं की बढ़ोतरी के साथ व्यापार के बढ़ते स्तरों पर कायम रही। इस शताब्दी में पोलैंड एक सौहार्दपूर्ण राजनीतिक संबंध उभरा है। विशेष रूप से 2004 में पोलैंड के यूरोपीय संघ में शामिल होने के बाद यह मध्य यूरोप में भारत का प्रमुख आर्थिक भागीदार बन गया है।
लगभग 3.8 करोड़ की आबादी के साथ, यह यूरोपीय संघ का छठा सबसे अधिक आबादी वाला देश है। भारत और पोलैंड के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। साल 1954 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए, जिसके बाद 1957 में वारसॉ में भारतीय दूतावास खोला गया। 1989 में पोलैंड द्वारा लोकतांत्रिक मार्ग चुनने के बाद भी यह संबंध घनिष्ठ बना रहा। भारत और पोलैंड ने मजबूत मुद्रा व्यापार व्यवस्था अपनाई, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं की बढ़ोतरी के साथ व्यापार के बढ़ते स्तरों पर कायम रही। इस शताब्दी में पोलैंड एक सौहार्दपूर्ण राजनीतिक संबंध उभरा है। विशेष रूप से 2004 में पोलैंड के यूरोपीय संघ में शामिल होने के बाद यह मध्य यूरोप में भारत का प्रमुख आर्थिक भागीदार बन गया है।
पोलैंड में भारतीयों ने पीएम मोदी का स्वागत किया
- फोटो : X/@narendramodi
आर्थिक और वाणिज्यिक संबंध
पोलैंड मध्य और पूर्वी यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक और निवेश साझेदार बना हुआ है। 2013 से 2023 के बीच पोलैंड के साथ कुल द्विपक्षीय व्यापार में 192 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 2013 में द्विपक्षीय व्यापार 1.95 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2023 में 5.72 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है।
पोलैंड में भारतीय निवेश पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ रहा है और अब यह तीन बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। भारतीय कंपनियां पोलैंड के विकास में भागीदार हैं और उन्होंने स्थानीय स्तर पर करीब 10,000 नौकरियां पैदा की हैं, खासकर भारतीय आईटी कंपनियां जिन्होंने पोलैंड में निवेश किया है। पोलैंड में लगभग 11 भारतीय आईटी कंपनियां हैं जिनमें 10,000 से अधिक पेशेवर काम करते हैं। भारत में कुल पोलिश निवेश $685 मिलियन होने का अनुमान है।
रासायनिक उद्योग पोलिश अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है और पोलैंड रसायनों का शुद्ध आयातक है। भारत से पोलैंड को निर्यात की जाने वाली शीर्ष पांच वस्तुओं में रासायनिक उत्पाद शामिल हैं, जिनमें कार्बनिक रसायन सबसे आगे हैं। पोलैंड महत्वपूर्ण दवाओं के लिए सक्रिय पदार्थों के लिए भारत पर निर्भर है और एंटीबायोटिक दवाओं के उत्पादन के लिए कच्चे माल का आयात करता है।
पोलैंड को भारतीय निर्यात में कपड़ा सबसे बड़ा हिस्सा है। भारत से पोलैंड द्वारा कपड़ा और इससे जुड़ी वस्तुओं का आयात 2023 में बढ़कर 645 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है।
पोलैंड मध्य और पूर्वी यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक और निवेश साझेदार बना हुआ है। 2013 से 2023 के बीच पोलैंड के साथ कुल द्विपक्षीय व्यापार में 192 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 2013 में द्विपक्षीय व्यापार 1.95 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2023 में 5.72 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है।
पोलैंड में भारतीय निवेश पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ रहा है और अब यह तीन बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। भारतीय कंपनियां पोलैंड के विकास में भागीदार हैं और उन्होंने स्थानीय स्तर पर करीब 10,000 नौकरियां पैदा की हैं, खासकर भारतीय आईटी कंपनियां जिन्होंने पोलैंड में निवेश किया है। पोलैंड में लगभग 11 भारतीय आईटी कंपनियां हैं जिनमें 10,000 से अधिक पेशेवर काम करते हैं। भारत में कुल पोलिश निवेश $685 मिलियन होने का अनुमान है।
रासायनिक उद्योग पोलिश अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है और पोलैंड रसायनों का शुद्ध आयातक है। भारत से पोलैंड को निर्यात की जाने वाली शीर्ष पांच वस्तुओं में रासायनिक उत्पाद शामिल हैं, जिनमें कार्बनिक रसायन सबसे आगे हैं। पोलैंड महत्वपूर्ण दवाओं के लिए सक्रिय पदार्थों के लिए भारत पर निर्भर है और एंटीबायोटिक दवाओं के उत्पादन के लिए कच्चे माल का आयात करता है।
पोलैंड को भारतीय निर्यात में कपड़ा सबसे बड़ा हिस्सा है। भारत से पोलैंड द्वारा कपड़ा और इससे जुड़ी वस्तुओं का आयात 2023 में बढ़कर 645 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है।
पोलैंड में भारतीय
- फोटो : X/@narendramodi
पोलैंड में कितने भारतीय रहते हैं?
यूरोपीय राष्ट्र में भारतीय समुदाय के लगभग 25,000 लोग रहते है। इनमें वस्त्र और इलेक्ट्रॉनिक्स के व्यापारी शामिल हैं जो साम्यवाद के पतन के बाद यहां आए। इसके साथ ही बहुराष्ट्रीय और भारतीय कंपनियों और सॉफ्टवेयर/आईटी व्यवसायों के साथ काम करने वाले पेशेवर भी हैं। लगभग 5000 छात्र वर्तमान में पोलैंड के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई रहे हैं। पोलैंड में 100 से अधिक भारतीय रेस्तरां हैं।
यूरोपीय राष्ट्र में भारतीय समुदाय के लगभग 25,000 लोग रहते है। इनमें वस्त्र और इलेक्ट्रॉनिक्स के व्यापारी शामिल हैं जो साम्यवाद के पतन के बाद यहां आए। इसके साथ ही बहुराष्ट्रीय और भारतीय कंपनियों और सॉफ्टवेयर/आईटी व्यवसायों के साथ काम करने वाले पेशेवर भी हैं। लगभग 5000 छात्र वर्तमान में पोलैंड के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई रहे हैं। पोलैंड में 100 से अधिक भारतीय रेस्तरां हैं।