Digital India Week: प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया वीक कार्यक्रम में की शिरकत, बोले- दुनिया को दिशा दे रहा भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के गांधीनगर में डिजिटल इंडिया वीक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया इस बात पर चर्चा कर रही है कि कैसे हम लोगों को टीका लगने के बिल्कुल ठीक बाद कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र देने में कामयाब रहे लेकिन कुछ लोगों का ध्यान इस बात पर था कि इन प्रमाणपत्रों पर मोदी की तस्वीर क्यों है?
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पीएम ने कहा, तकनीक का सही इस्तेमाल पूरी मानवता के लिए क्रांतिकारी
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, आज का ये कार्यक्रम 21वीं सदी में निरंतर आधुनिक होते भारत की एक झलक लेकर आया है, तकनीक का सही इस्तेमाल पूरी मानवता के लिए कितना क्रांतिकारी है इसका उदाहरण भारत ने डिजिटल इंडिया अभियान के तौर पर पूरे विश्व के सामने रखा है।
मुझे खुशी है कि 8 वर्ष पहले शुरू हुआ ये अभियान बदलते हुए समय के साथ खुद को विस्तार दे रहा है। हर साल डिजिटल इंडिया अभियान में नए आयाम जुड़े हैं, नई तकनीक का समावेश हुआ है।आज जो नए प्लेटफार्म और प्रोग्राम लॉन्च हुए हैं, वो इसी श्रृंखला को आगे बढ़ा रहे हैं।
इनका बड़ा लाभ भारत के बड़े इकोसिस्टम को होगा। समय के साथ जो देश आधुनिक तकनीक को नहीं अपनाता, समय उसे पीछे छोड़कर आगे निकल जाता है। तीसरी औद्योगिक क्रांति के समय भारत इसका भुक्तभोगी रहा है। लेकिन आज भारत चौथी औद्योगिक क्रांति इंडस्ट्री 4.0 में दुनिया को दिशा दे रहा है।
#WATCH गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर में डिजिटल इंडिया वीक कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रदर्शनी में हिस्सा लिया।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 4, 2022
(सोर्स-डीडी) pic.twitter.com/xRmJp4C3xM
आठ साल पहले इंटरनेट डेटा बहुत महंगा था
पीएम ने कहा, आठ साल पहले इंटरनेट डेटा के लिए जितने पैसे खर्च करने पड़ते थे उससे कई गुना कम यानी एक प्रकार से नगण्य में आज उससे भी बेहतर इंटरनेट डेटा सुविधा मिल रही है। डीबीटी के माध्यम से बीते 8 साल में 23 लाख करोड़ रुपए से अधिक सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजे गए हैं। इस तकनीक की वजह से देश के 2 लाख 23 हजार करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचे हैं। गांव में सैंकड़ों सरकारी सेवाएं डिजिटली देने के लिए पिछले 8 वर्ष में 4 लाख से अधिक नए कॉमन सर्विस सेंटर जोड़े जा चुके हैं। आज गांव के लोग इन केंद्रों से डिजिटल इंडिया का लाभ ले रहे हैं।
अश्विनी वैष्णव बोले, स्टार्टअप इंडिया शुरू होने पर विपक्ष ने तंज कसा था
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- जब स्टार्टअप इंडिया शुरू हुआ था तब प्रतिपक्ष किस तरह कटाक्ष करता था। 2014 में जहां मात्र 400-700 स्टार्टअप थे लेकिन आज 73 हजार स्टार्टअप हैं। इन स्टार्टअप ने 7 लाख रोजगार का सृजन किया है। 2014 में भारत में जहां 2-5 यूनिकॉर्न थे और आज 100 से अधिक यूनिकॉर्न हैं। आज हमें दुनिया के तीन सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में स्वीकारा गया है।