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PM Modi: विश्व पर्यावरण दिवस पर पीएम मोदी ने की वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत, लाखों पेड़ लगाने का लिया संकल्प
Wed, 05 Jun 2024 12:25 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 05 Jun 2024 12:25 PM IST
सार
प्रत्येक साल पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। पर्यावरण का अर्थ संपूर्ण प्राकृतिक परिवेश से है जिसमें हम रहते हैं। इसमें हमारे चारों ओर के सभी जीवित और निर्जीव तत्व शामिल हैं, जैसे कि हवा, पानी, मिट्टी, पेड़-पौधे, जानवर और अन्य जीव-जंतु। पर्यावरण के घटक परस्पर एक-दूसरे के साथ जुड़कर एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करते हैं।
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विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने की वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत
- फोटो : PTI
विस्तार
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुद्ध जयंती पार्क में वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की। एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत देशभर में लाखों पेड़ लगाए जाएंगे। इस दौरान पीएम मोदी के साथ केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना भी मौजूद रहें।
बता दें कि प्रत्येक साल पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। पर्यावरण का अर्थ संपूर्ण प्राकृतिक परिवेश से है जिसमें हम रहते हैं। इसमें हमारे चारों ओर के सभी जीवित और निर्जीव तत्व शामिल हैं, जैसे कि हवा, पानी, मिट्टी, पेड़-पौधे, जानवर और अन्य जीव-जंतु। पर्यावरण के घटक परस्पर एक-दूसरे के साथ जुड़कर एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करते हैं।
पांच जून को ही क्यों मनाते हैं विश्व पर्यावरण दिवस
पर्यावरण दिवस मनाने की नींव 1972 में पड़ी, जब संयुक्त राष्ट्र संघ ने पहला पर्यावरण दिवस मनाया है और हर साल इस दिन को मनाने का एलान किया। पहला पर्यावरण सम्मेलन 5 जून 1972 को मनाया गया था, जिसमें 119 देशों ने भाग लिया था। स्वीडन की राजधानी स्टाॅकहोम में सम्मेलन हुआ। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानव पर्यावरण पर स्टाॅकहोम सम्मेलन के पहले दिन को चिंहित करते हुए 5 जून को पर्यावरण दिवस के तौर पर नामित कर लिया।
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पर्यावरण दिवस का महत्व
दुनियाभर में प्रदूषण तेजी से फैल रहा है। बढ़ते प्रदूषण के कारण प्रकृति खतरे में हैं। प्रकृति जीवों को जीवन जीने के लिए हर जरूरी चीज उपलब्ध कराती है। ऐसे में अगर प्रकृति प्रभावित होगी तो जीवन प्रभावित होगा। प्रकृति को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत हुई। इस दिन लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाता है और प्रकृति को प्रदूषित होने से बचाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
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बता दें कि प्रत्येक साल पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। पर्यावरण का अर्थ संपूर्ण प्राकृतिक परिवेश से है जिसमें हम रहते हैं। इसमें हमारे चारों ओर के सभी जीवित और निर्जीव तत्व शामिल हैं, जैसे कि हवा, पानी, मिट्टी, पेड़-पौधे, जानवर और अन्य जीव-जंतु। पर्यावरण के घटक परस्पर एक-दूसरे के साथ जुड़कर एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करते हैं।
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पांच जून को ही क्यों मनाते हैं विश्व पर्यावरण दिवस
पर्यावरण दिवस मनाने की नींव 1972 में पड़ी, जब संयुक्त राष्ट्र संघ ने पहला पर्यावरण दिवस मनाया है और हर साल इस दिन को मनाने का एलान किया। पहला पर्यावरण सम्मेलन 5 जून 1972 को मनाया गया था, जिसमें 119 देशों ने भाग लिया था। स्वीडन की राजधानी स्टाॅकहोम में सम्मेलन हुआ। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानव पर्यावरण पर स्टाॅकहोम सम्मेलन के पहले दिन को चिंहित करते हुए 5 जून को पर्यावरण दिवस के तौर पर नामित कर लिया।
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पर्यावरण दिवस का महत्व
दुनियाभर में प्रदूषण तेजी से फैल रहा है। बढ़ते प्रदूषण के कारण प्रकृति खतरे में हैं। प्रकृति जीवों को जीवन जीने के लिए हर जरूरी चीज उपलब्ध कराती है। ऐसे में अगर प्रकृति प्रभावित होगी तो जीवन प्रभावित होगा। प्रकृति को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत हुई। इस दिन लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाता है और प्रकृति को प्रदूषित होने से बचाने के लिए प्रेरित किया जाता है।