इसरो में छात्रों को पीएम मोदी ने समझाए सफलता-असफलता के मायने, बच्चों संग ली सेल्फी
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मिशन चंद्रयान-2 के आखिरी क्षणों में लैंडर 'विक्रम' से इसरो का संपर्क टूट जाने के बाद प्रधानमंत्री ने न केवल वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया, बल्कि वहां मौजूद छात्रों को भी सफलता और असफलता के मायने समझाए। उन्होंने बच्चों से कहा कि लक्ष्य हमेशा बड़ा रखें और उसे छोटे हिस्सों में बांट कर पूरा कीजिए। बच्चों ने पीएम मोदी संग तस्वीरें भी ली।
Bengaluru: Prime Minister Narendra Modi with the students from across the country, who were selected through ISRO's 'Space Quiz' competition to watch the landing of #VikramLander along with PM. pic.twitter.com/wLaPovy8tK
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— ANI (@ANI) September 6, 2019
एक छात्रा ने पूछा कि जब कोई क्विज या प्रतियोगिता नई होती है, तो हम उत्साहित रहते हैं। लेकिन यह अक्सर देखा जाता है कि बाद में उत्साह खत्म होने लगता है, इसे कैसे बनाए रखें? छात्रा के इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि सबसे पहले तो ये कि हमें लक्ष्य बहुत बड़ा रखना चाहिए। इस लक्ष्य को छोटे-छोटे हिस्सो में बांटना चाहिए। ...और अबतक जो पाया है, उसे जोड़ते जाना चाहिए और जो मिस किया है, उसे भूलते जाना चाहिए।
पीएम बोले कि ऐसा नहीं करने से मन में निराशा आ जाएगी कि ये करना था, और नहीं कर पाए। वो करना था और नहीं कर पाए। निराशा को मन में घुसने ही नहीं देना चाहिए।
'राष्ट्रपति बनना चाहते हो, प्रधानमंत्री क्यों नहीं'
''आई वांट टू बिकम दि प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया'' अपनी इच्छा जताते हुए एक अन्य छात्र जब पीएम मोदी से मुखातिब हुआ कि वह देश का राष्ट्रपति बनना चाहता है, तो प्रधानमंत्री ने उस छात्र की पीठ थपथपाई।
उन्होंने हंस कर यह भी पूछा कि राष्ट्रपति बनना चाहते हो, प्रधानमंत्री क्यों नहीं? उनकी इस बात पर वहां मौजूद अन्य छात्र भी खिलखिलाने लगे। पीएम मोदी ने उस छात्र की हौसलाफजाई भी की।