नोट बंदी से चैन की नींद सो रहा गरीब, भ्रष्टाचारी खा रहे नींद की गोलियांः मोदी
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कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने परिवर्तन रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे दो साल में दो बार आपके दर्शन करने का अवसर मिला। भोजपुरी से अपने भाषण की शुरूआत करते हुए मोदी ने कहा कि अगर गाजीपुर और यूपी की जनता ने मेरी बात पर यकीन कर हमारा सहयोग न किया होता तो केंद्र में सरकार बनाना मुश्किल था।
गाजीपुर और पूर्वांचल के विकास के मुद्दे पर मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर कड़ा निशाना साधा। कहा कि शुरू से ही गाजीपुर के विकास का किसी ने ख्याल नहीं रखा। साल 1962 में गाजीपुर के सांसद विश्वनाथ प्रताप सिंह ने संसद में प्रधानमंत्री नेहरू के सामने गाजीपुर की दुर्दशा का जिक्र करते हुए कहा था कि हमारे यहां लोग इस कदर परेशान हैं कि गोबर से गेंहूं के दाने निकालकर अपनी भूख मिटाते हैं।
कई सरकारें बदल गईं प्रधानमंत्री भी बदले लेकिन किसी ने गाजीपुर की ओर ध्यान नहीं दिया। मोदी ने कहा मैं उप्र से नौंवा प्रधानमंत्री हूं मुझसे पहले आठ आए लेकिन किसी की निगाह इस क्षेत्र की दुर्दशा पर नहीं पड़ी।
बोले प्रधानमंत्री आपने भ्रष्टाचार दूर करने के लिए मुझे पीएम बनाया
नोटबंदी के मुद्दे पर लोगों से सीधे रूबरू होते हुए प्रधानमंत्री ने पूछा कि आप लोगों ने ही तो मुझे भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री बनाया था अब मैं वो काम करूं या न करूं।
मैंने अगर भ्रष्टाचारियों पर लगाम कस दी तो कुछ गलत तो नहीं किया। 500 और 1000 का नोट बंद करने का निर्णय लिया वो भ्रष्टाचार की कमर तोड़ने के लिए है। क्या आप लोग इस पर मेरा साथ देंगे या नहीं? क्या आप थोड़ा कष्ट सहेंगे या नहीं? इस निर्णय के बाद से गरीब चैन की नींद सो रहा है कालेधन वाले नींद की गोलियां खाकर सो रहे हैं।
ये जो मैं कर रहा हूं देश की भलाई के लिए कर रहा हूं। गरीबों की भलाई के लिए कर रहा हूं। गांव की भलाई के लिए कर रहा हूं, किसान की भलाई के लिए कर रहा हूं।
जो राजनीतिक दल परेशान हैं उनको चिंता सता रही है कि अब करें क्या। वो नोटों की मालाएं जो लोगों के गलों में पड़ती थी अब वो नहीं दिखेंगी।
कांग्रेस ने 19 महीने क्यों लगाई इमरजेंसी जवाब दे?
मैं कांग्रेस वालों से खासतौर पर पूछना चाहता हूं कि आप जो बयान दे रहे हैं कि जनता को तकलीफ हो रही है आप वो वक्त भूल गए जब 19 महीने इमरजेंसी लगाकर आपने लोकतंत्र का गला घोंट दिया। आपने मुंह खोलने वालों को जेल भेज दिया।
कांग्रेस जवाब दे की ये काम किसके लिए किया था गरीबों की भलाई के लिए, भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए...। नहीं, आपकी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का इलाहाबाद कोर्ट ने चुनाव ही रद कर दिया था इसलिए लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया। अपनी सरकार बचाने के लिए संविधान को ताक पर रख दिया गया।
नोटबंदी पर कहा, 'मेरा निर्णय थोड़ा कड़क है क्योंकि बचपन से मुझे कहा जाता था कि मोदी जी चाय थोड़ा कड़क बनाना। गरीब को भी कड़क चाय भाती है।' 'इसलिए उसे इस निर्णय से कोई दिक्कत नहीं है, दिक्कत है तो कालाधन जमा करने वालों और विपक्ष को।'