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क्या पीएम मोदी भी करते हैं मिथक पर यकीन, तो इसलिए नहीं गए अमरकंटक
amarujala.com- Written by: श्रवण शुक्ला
Updated Mon, 15 May 2017 10:25 PM IST
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नरेंद्र मोदी
- फोटो : SELF
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नर्मदा को जीवनदायनी माना जाता है। पर उसी नर्मदा के उद्गम स्थल के आठ किमी के दायरे में अगर किसी भी राजनेता ने नर्मदा माता के ऊपर से उड़ान भर ली, तो उसे अपने पद से भी हाथ धोना पड़ता है। और नरेंद्र मोदी इसी अमरकंटक आज पहुंचे थे। पर नरेंद्र मोदी भी शायद इस मिथक से वाकिफ हैं, तभी तो उन्होंने अमरकंटक के उस मिथक का पूरा सम्मान किया और खुद करीब 8 किमी की उस सीमा से बाहर ही हेलीकॉप्टर को लैंड कराया, जो नर्मदा नदी और अमरकंटक से जुड़ा है।
जी हां, अमरकंटक के बारे में मिथक है कि नर्मदा के उद्गम स्थल के आठ किमी के दायरे में जो भी हेलिकॉप्टर से आया, उसे सत्ता से हाथ धोना पड़ा। चर्चा है कि इसी मिथक के चलते पीएम मोदी के लिए डिंडोरी जिले में अमरकंटक से आठ किमी की दूरी पर हेलीपैड बनाया गया था।
अबतक इस मिथक के चलते करीब 5 बड़े नेताओं को अपने पद के साथ ही सत्ता सुख से भी हाथ धोना पड़ा है।
इस लिस्ट में सबसे पहला और सबसे बड़ा नाम है पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का। इंदिरा को तो जान से हाथ धोना पड़ा था। साल 1982 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी में हेलीकॉप्टर से अमरकंटक गयी थीं, जिसके दो साल बाद ही साल 1984 में उनकी हत्या हो गयी।
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इंदिरा गांधी के बाद इस लिस्ट में दूसरा सबसे बड़ा नाम आता है देश के उपराष्ट्रपति रहे भैरोसिंह शेखावत का। वो राष्ट्रपति पद के चुनाव में खड़े थे। पर न तो राष्ट्रपति बन पाए और न ही वो उप-राष्ट्रपति रहे। वो बुरी तरह से राष्ट्रपति चुनाव में हारे।
अमरकंटक के मिथक से मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय सुंदरलाल पटवा भी नहीं बच पाए थे। पटवा बाबरी मसजिद ध्वंस से पहले हेलीकॉप्टर से अमरकंटक गये थे, पर जब लौटे तो कुर्सी जा चुकी थी।
सुंदरलाल पटवा के बाद कभी देश की राजनीति में बड़ा नाम रहे मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह मुख्यमंत्री रहते हुए हेलीकॉप्टर से अमरकंटक गए। इस यात्रा के बाद न सिर्फ उनकी कुर्सी गई। बल्कि कांग्रेस पार्टी तक छोड़नी पड़ी। उन्होंने अपनी पार्टी भी बनाई, पर सफलता उनसे कोसों दूर रही।
इस लिस्ट में पांचवां बड़ा नाम है मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का। कभी महिला राजनेता के तौर पर उनका नाम प्रमुखता से गिना जाता था। वो मुख्यमंत्री रहते हुए साल 2004 में हेलीकॉप्टर से अमरकंटक गयीं थी। पर कुछ ही दिनों में उन्हें न सिर्फ सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ी, बल्कि राजनीतिक जीवन में काफी उतार चढ़ाव भी देखना पड़ा।
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जी हां, अमरकंटक के बारे में मिथक है कि नर्मदा के उद्गम स्थल के आठ किमी के दायरे में जो भी हेलिकॉप्टर से आया, उसे सत्ता से हाथ धोना पड़ा। चर्चा है कि इसी मिथक के चलते पीएम मोदी के लिए डिंडोरी जिले में अमरकंटक से आठ किमी की दूरी पर हेलीपैड बनाया गया था।
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अबतक इस मिथक के चलते करीब 5 बड़े नेताओं को अपने पद के साथ ही सत्ता सुख से भी हाथ धोना पड़ा है।
इस लिस्ट में सबसे पहला और सबसे बड़ा नाम है पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का। इंदिरा को तो जान से हाथ धोना पड़ा था। साल 1982 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी में हेलीकॉप्टर से अमरकंटक गयी थीं, जिसके दो साल बाद ही साल 1984 में उनकी हत्या हो गयी।
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इंदिरा गांधी के बाद इस लिस्ट में दूसरा सबसे बड़ा नाम आता है देश के उपराष्ट्रपति रहे भैरोसिंह शेखावत का। वो राष्ट्रपति पद के चुनाव में खड़े थे। पर न तो राष्ट्रपति बन पाए और न ही वो उप-राष्ट्रपति रहे। वो बुरी तरह से राष्ट्रपति चुनाव में हारे।
अमरकंटक के मिथक से मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय सुंदरलाल पटवा भी नहीं बच पाए थे। पटवा बाबरी मसजिद ध्वंस से पहले हेलीकॉप्टर से अमरकंटक गये थे, पर जब लौटे तो कुर्सी जा चुकी थी।
सुंदरलाल पटवा के बाद कभी देश की राजनीति में बड़ा नाम रहे मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह मुख्यमंत्री रहते हुए हेलीकॉप्टर से अमरकंटक गए। इस यात्रा के बाद न सिर्फ उनकी कुर्सी गई। बल्कि कांग्रेस पार्टी तक छोड़नी पड़ी। उन्होंने अपनी पार्टी भी बनाई, पर सफलता उनसे कोसों दूर रही।
इस लिस्ट में पांचवां बड़ा नाम है मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का। कभी महिला राजनेता के तौर पर उनका नाम प्रमुखता से गिना जाता था। वो मुख्यमंत्री रहते हुए साल 2004 में हेलीकॉप्टर से अमरकंटक गयीं थी। पर कुछ ही दिनों में उन्हें न सिर्फ सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ी, बल्कि राजनीतिक जीवन में काफी उतार चढ़ाव भी देखना पड़ा।