सोशल मीडिया पर हिट होने के लिए पीएम मोदी नहीं करते एक पैसा भी खर्च
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ट्विटर पर 28 मिलियन और फेसबुक पर 40 मिलियन फॉलोअर। सोशल मीडिया पर ये आंकड़ा पीएम मोदी के फॉलोअरों का है। दुनिया में पीएम मोदी के मुकाबले कोई भी नेता इस आंकड़े को छूने से वंचित है। हर किसी के मन में पीएम मोदी की इस दमदार मौजूदगी को लेकर सवाल यही है कि इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय कितने पैसे खर्च करता है? जवाब जानकर आपको आश्चर्य होगा कि पीएम मोदी सोशल मीडिया पर हिट होने के लिए एक पैसा भी खर्च नहीं करते हैं।
यह हम नहीं, दरअसल सूचना का अधिकार कानून के तहत मिली जानकारी कह रही है। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने प्रधानमंत्री कार्यालय से सूचना के अधिकार कानून के तहत जानकारी मांगी थी कि पीएम मोदी अपने सोशल अकाउंट्स (फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब आदि) के लिए कितना पैसा खर्च करते हैं?
पीएमओ की तरफ से मिली जानकारी में साफ किया गया कि कार्यालय या पीएम मोदी उनके सोशल अकाउंट के लिए न तो पैसे खर्च करते हैं और न ही उन्हें चलाने के लिए किसी तरह की मुहिम चलाते हैं। आरटीआई में कहा गया कि 2014 से मोदी के पीएम बनने से लेकर अब तक इस काम के लिए एक पैसा भी खर्च नहीं किया गया।
एप के लिए भी पीएम नहीं करते हैं पैसे खर्च
पीएम मोदी का आधकारिक मोबाइल एप 'पीएमओ इंडिया' भी उन छात्रों ने डिजाइन किया है जिन्होंने गूगल और माई गोव की तरफ से आयोजित की गई एक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। हुनर मंद छात्रों को गूगल की तरफ से इनामी राशि भी दी गई थी।
'नरेंद्र मोदी एप' को बनाने में भी भारत सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की भूमिका नहीं है। इसे बीजेपी के आईटी सेल ने बनाया है। इसके लिए पीएम मोदी की तरफ से अलग से किसी भी प्रकार के बजट का प्रावधान नहीं किया गया था।
पीएम मोदी आकाशवाणी के जरिए लोगों से मन की बात करते हैं। इसके लिए भी ऑल इंडिया रेडियो अलग से कुछ भी खर्च नहीं करता है, बल्कि अब तक के विज्ञापनों से करीब पांच करोड़ की कमाई जरूर हुई है।