99वें जन्मदिन पर फिलिपोज मर क्राइजोस्टोम से मिले पीएम मोदी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के मर थोमा चर्च के बिशप फिलिपोज मर क्राइजोस्टोम के 99वें जन्मदिन के मौके पर उन्हें बधाई देते हुए उनकी लंबी उम्र की कामना की। इस दौरान उन्होंने बिशप के साथ अपनी मुलाकात की एक तस्वीर भी साझा की जिसमें वह बिशप का हाथ पकड़ चलते नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री बिशप फिलिपोज और उनके ज्ञान से काफी ज्यादा प्रभावित भी नजर आए। तो आइए जानते हैं कौन हैं बिशप फिलिपोज?
Warm greetings to Metropolitan Emeritus, His Grace Dr. Philipose Mar Chrysostom on his 99th birthday. I pray for his long life & good health
— Narendra Modi (@narendramodi) April 27, 2016
बिशप फिलिपोज क्राइजोस्टोम केरल के 'मर थोमा चर्च' के बिशप हैं। फिलिपोज पिछले 62 साल से भी ज्यादा समय से बतौर बिशप काम कर रहे हैं। इतने लंबे समय से बिशप के तौर पर काम करने वाले फिलिपोज दुनिया के पहले बिशप हैं। फिलिपोज का जन्म 27 अप्रैल 1918 में हुआ था।
फिलिपोज को 'बिशप ऑफ गोल्डेन टंग' के नाम से भी जाना जाता है। उन्हें यह नाम उनके धार्मिक सिद्धांतों के संवादों को हास्य के रूप में आसानी से श्रोताओ तक पहुंचाने की क्षमता की वजह से दिया गया है। फिलिपोज को बिशप का पद भार सौंपते वक्त (अभिषेक के दौरान) ही 'मर क्राइजोस्टोम' की उपाधि से नवाजा गया था।
कई अहम जिम्मेदारियों का किया निर्वहन
इस दौरान उन्हें 1 जनवरी 1944 को मर थोमा चर्च का डीकॉन बना दिया गया और कुछ ही महीनों बाद 3 जून 1944 को कसीसा बनाया गया। भारत की आजादी के बाद 20 मई 1953 को उन्हें रम्बन बना दिया गया। फिलहाल वह इस पद पर सबसे लंबे समय तक काम करने वाले पहले बिशप हैं जो करीब 62 वर्षों से इस पद पर काबिज हैं।
इतने लंबे कार्यकाल में फिलिपोज ने कई अहम पदों की भी जिम्मेदारी का निर्वहन किया। उन्हें मई 1978 में सुफ्रागन मेट्रोपोलिटन का कार्यभार की जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान वह अलेक्जेंडर मर थोमा के साथ काम किया करते थे। जब अलेक्जेंडर को वलिया (सीनियर) मेट्रोपोलिटन बनाए गए तो फिलिपोज को आधिकारिक तौर पर 15 मार्च 1999 को मेट्रोपोलिटन बना दिया गया। इस दौरान अपने सभी जिम्मेदारियों को सफल निर्वहन भी किया। फिलिपोज के ज्ञान के नरेंद्र मोदी भी कायल हैं और कई बार उनकी तारीफ कर चुके हैं।