पिछड़ा वर्ग आयोग बिल पर विपक्ष के अड़ंगे से PM नाराज
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पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने संबंधी संविधान संशोधन बिल पर राज्यसभा में विपक्ष के रुख को नकारात्मक राजनीति बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीखी आलोचना की है। भाजपा के ओबीसी सांसदों से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में इस बिल पर विपक्ष के रुख को हैरत में डालने वाला बताया।
विपक्ष के कदम को पिछड़ा वर्ग के अधिकारों को रोकने वाला करार देते हुए पीएम मोदी ने सांसदें से विपक्ष को समझाने की अपील की। सरकार ने भी इस मामले में विपक्ष पर पिछड़ी जातियों के साथ छल करने का आरोप लगाया। गौरतलब है कि राज्यसभा में विपक्ष के रुख के कारण सरकार को इस बिल को प्रवर समिति के पास भेजना पड़ा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने की मांग सभी पक्ष की ओर से की गई थी। संसदीय समिति जिसमें सभी दलों का प्रतिनिधित्व होता है, ने भी इस आशय की सिफारिश की थी। सभी दलों के सांसदों ने उनके व्यक्तिगत मुलाकात कर इसी आशय की मांग की थी।
सर्वसम्मति से पारित बिल राज्यसभा में रोक दिया गया
उन्होंने कहा कि लोकसभा में जिस बिल को सर्वसम्मति से पारित किया गया उसे राज्यसभा में रोक दिया गया। इस तरह की नकारात्मक राजनीति से पिछड़े वर्ग को अधिकारों से वंचित करना अफसोसनाक है। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार, राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी राज्यसभा में इस बिल पर विपक्ष के रुख की तीखी आलोचना की। दोनों मंत्रियों ने कहा कि सहमति के बावजूद बिल की राह में अड़ंगा लगा कर विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस ने पिछड़ा वर्ग के साथ छल किया है।
पीएम का जताया आभार
बुधवार को भाजपा के ओबीसी सांसदों ने इस बिल के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आयोग को संवैधानिक दर्जा हासिल होने से इस वर्ग में शामिल जातियों केजीवन में व्यापक बदलाव आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि खुद भी इसी वर्ग से आने केकारण उनका भी दायित्व है कि इस वर्ग के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आए। इस दौरान सांसद हुकुमदेव नारायण यादव, गणेश सिंह, भूपेंद्र याव, प्रहलाद पटेल, सांसदी कार्य मंत्री अनंत कुमार भी मौजूद थे।