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पीएम ने संभाला मोर्चा: अगले 20 दिन महत्वपूर्ण, मई के पहले सप्ताह से बदलेंगे हालात

Mon, 26 Apr 2021 10:21 PM IST
सुरेंद्र जोशी शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 26 Apr 2021 10:21 PM IST
सार

  • पीएम हर दिन विभिन्न स्तरों पर ले रहे हैं बैठक
  • 24 घंटे के हाई अलर्ट पर चल रही है सरकार
  • सरकार अब कुछ करते हुए दिखना चाहती है

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PM handles front: next 20 days important, circumstances will change from first week of May
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI

विस्तार

अगले 20 दिन कोरोना संक्रमण के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण हैं। नेशनल कोविड टास्कफोर्स के सूत्र की मानें तो कोरी नकारात्मकता में कुछ नहीं रखा है। हालात की गंभीरता को समझकर प्रधानमंत्री ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। इसलिए अब हालात बहुत विकराल नहीं होंगे। बताते हैं 29-30 अप्रैल से लोगों का दर्द काफी कम हो जाएगा। मई के पहले सप्ताह से स्थितियां तेजी से बदलेंगी। देश के 10 प्रमुख राज्यों को शीर्ष पर रखकर कोविड टास्कफोर्स भी अपना काम कर रहा है। 

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उप्र समेत इन राज्यों पर ध्यान
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम काफी संवेदनशीलता से लोगों की पीड़ा कम करने में जुटी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी उप्र के हालात पर लगातार ध्यान है। उप्र के अलावा केन्द्र सरकार बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्, गुजरात, राजस्थान, केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु के हालात पर नजर बनाए हुए है। 
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वाराणसी को लेकर भी अपडेट ले रहे पीएम, जापान के पीएम से बात की
प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को लेकर भी लगातार अपडेट ले रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि शीर्ष स्तर से पहल के बाद दुनिया के कई देशों ने सकारात्मक रुख दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने जापान के समकक्ष योशिहिदे सुगा से बात की है। प्रधानमंत्री सुगा ने भारत को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। 
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विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत तमाम देशों में भारतीय मिशन भी देश के हालात के बाबद अपना काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने सोमवार को ही सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ भी मंत्रणा की है। इसमें कोविड-19 से निबटने के प्रयास और पहल मुख्य विषय रहा।

जून तक सतर्क रहना होगा

कोविड टास्कफोर्स से जुड़े लोगों का अनुमान है कि मई के पहले सप्ताह से थोड़ा हालात में सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि जून के पहले कोविड संक्रमण के मामले में कोई खास राहत के आसार नहीं हैं। बताते हैं केंद्र सरकार इस समय दो फ्रंट पर काम कर रही है। पहला लक्ष्य संसाधन मुहैया कराना है और दूसरा लक्ष्य टीकाकरण पर जोर देना है। 

टीकाकरण तेज होगा, मेडिकल उपकरण पहुंचेंगे
एक मई से टीकाकरण अभियान को काफी गति मिल जाने के आसार हैं। वहीं दूसरी तरफ मई के पहले सप्ताह से दुनिया से बड़े पैमाने पर आयात हो रहे मेडिकल इक्विपेंट की खेप तेजी से आने लगेगी। इसमें ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर ऑक्सीजन की बॉटल, सिलिंडर समेत तमाम चिकित्सीय साजो सामान हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार समुद्र के रास्ते से तमाम मालवाहक जहाज भारतीय बंदरगाह तक पहुंचने लगेंगे। ऐसा होने के बाद महानगरों में स्थिति को सुधारने में तेजी से मदद मिलेगी।  

हवा में फैल रहा है संक्रमण, घर में भी लगाइए मास्क

नीति आयोग के सदस्य डाॅ. वीके पॉल ने घर में मास्क पहनने की सलाह दी है। अमर उजाला से बातचीत में डाॅ. पाल का कहना है कि कोविड व्यवहार की कोई भी अनदेखी भारी पड़ेगी। कोविड का वायरस लगातार नए रूप में सामने आ रहा है। इसलिए अब वह समय आ गया है कि जब लोगों को घरों में भी मास्क पस्क पहनकर रहना होगा। जबकि पिछले साल के कोविड-19 संक्रमण में इस तरह की कोई स्थिति नहीं थी। वैशाली मैक्स के डाॅ. अश्विन चौबे के कहते हैं कि कोविड का वायरस लगातार अपनी आक्रामकता बढ़ा रहा है। आरटीपीसीआर टेस्ट भी अब कोविड संक्रमण की सटीक जानकारी नहीं दे पा रहा है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।  
 

बांग्लादेश ने सील की भारत से लगती सीमा, नेपाल बरत रहा सावधानी

कोविड-19 की भारत में भयानक स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार 26 अप्रैल को बांग्लादेश ने भारत से लगती अपनी सीमा को सील कर दिया है। बांग्लादेश ने यह कदम भारत में कोविड संक्रमण के भयानक हालात के कारण उठाया है। बताते हैं पश्चिम बंगाल में कोविड संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पश्चिम बंगाल में 88800 सक्रिय मामले हैं और 10941 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। बांग्लादेश की तरह ही नेपाल ने भी सीमावर्ती क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है।

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