एडीएम से की फरियाद, 'साहब मेरा आशिक सऊदी अरब से ला दो'
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सऊदी अरब के शहर जेद्दा जेल में बंद अपने बेटे को रिहा कराकर भारत लाने की खातिर नानकगंज निवासी लियाकत अली ने सोमवार को अपर जिलाधिकारी से फरियाद की है। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
कोतवाली देहात क्षेत्र के नानकगंज रज्जुपुरवा के रहने वाले लियाकत अली रेलवे में गैंग मैन हैं। उन्होंने बताया कि उनका बड़ा बेटा आशिक अली 28 दिसंबर को उमरा करने सऊदी अरब गया था। इसके लिए उसे सऊदी अरब सरकार की ओर से आठ दिसंबर 2015 को 90 दिनों के लिए वीजा दिया गया था। बताया कि उमरा के बाद आशिक ने 21 जनवरी को स्वदेश वापसी के लिए टिकट भी करा रखा था।
पिता लियाकत ने बताया कि उमरा की प्रक्रिया के बाद सऊदी अरब के शहर जेद्दा में काम कर रहे लखनऊ निवासी दोस्तों के यहां उसके ठहरने की खबर मिली थी। 17 जनवरी को जेद्दा पुलिस ने उसके पुत्र को गिरफ्तार कर लिया और उसे जेद्दा जेल में बंद कर दिया था। इस बीच उसका वापसी का टिकट और वीजा दोनों का समय खत्म हो गया।
उसने बताया कि भारतीय दूतावास को भी अपनी परेशानी बताई लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। अपर जिलाधिकारी कुंज बिहारी अग्रवाल को पिता ने प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर अपने बेटे को भारत लाए जाने की फरियाद की है।
आशिक अली की पत्नी कुरैशा, बच्चे आसिफ, काशिफ, बेटी इमला के साथ साथ उसके पिता लियाकत व उसके भाई माशूक को अब भारत सरकार से ही उम्मीदें हैं। यदि वह दखल देगी तभी शायद उनका आशिक वापस लौट सकता है।
तो सऊदी सरकार ने उस पर जुर्माना
पिता लियाकत अली की माने तो उसके बेटे आशिक ने जेद्दा की जेल से उसे फोन पर सूचना दी कि आज तक उसको पकड़े जाने का कारण नहीं बताया गया है। सिर्फ इतना कहा कि उस पर वहां की सरकार ने गरामा यानी जुर्माना लगाया है। अब उसने अपने सारे जतन करके देख लिए हैं यदि अब कुछ हो सकेगा तो वह भारतीय दूतावास व भारत सरकार ही कर सकती है।
सेल नंबर जीम -76 में कैद है आशिक
परिजनों की माने तो सऊदी अरब की जेल जेद्दा में उसके बेटे आशिक को बंद कर रखा है। उसकी सेल नंबर जीम-76 उसने खुद बताई है और उसका नंबर जीम-4/8 है।
लखनऊ निवासी सवील के यहां से हुई गिरफ्तारी
आशिक के भाई माशूक ने बताया कि लखनऊ निवासी सवील के यहां से आशिक को गिरफ्तार किया गया था। सवील जरदोजी का काम करता है। पुलिस ने देर रात धावा बोल न सिर्फ उसे बल्कि सवील व उसके अन्य हिंदुस्तानी दोस्तों को भी गिरफ्तार किया है।
2 मिनट 27 सेकेंड का वीडियो भेजा
आशिक ने भारत सरकार तक अपनी अर्जी दो मिनट 27 सेकेंड के एक वीडियो के जरिए भेजी है। व्हाट्सअप के जरिए आए वीडियो में उसने प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री से गुहार की है कि उसे मालूम ही नहीं कि उसे किस गुनाह की सजा दी जा रही है। उसको यहां से निकाल के भारत बुलाया जाए।
यह मिली आशिक अली के पासपोर्ट संबंधी जानकारी
पासपोर्ट नंबर - 19721986
वैद्यता - 11 जून 2024 तक
जारी होने का दिनांक - 8.12.2015
वैद्यता - 90 दिन
रहने की अनुमति - किसी भी 30 दिन