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कृषि कानून: संसद में नया बिल आते ही सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो जाएंगी सभी याचिकाएं
Fri, 19 Nov 2021 10:51 PM IST
Amit Mandal
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 19 Nov 2021 10:51 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुरु नानक जयंती के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कृषि कानूनों को निरस्त करने का एलान किया था।
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Supreme Court
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
तीन विवादास्पद कृषि कानूनों की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने वाली याचिकाएं केंद्र द्वारा कानून खारिज करने का नया बिल पारित करने या एक अध्यादेश लाने के बाद निरस्त हो जाएंगी। अहम बात ये है कि तीनों कानून या तो एक अध्यादेश या एक अधिनियम द्वारा निरस्त किया जाना है, न कि मौखिक बयान से। वरिष्ठ वकील और संवैधानिक कानून विशेषज्ञ राकेश द्विवेदी ने कहा कि या तो अध्यादेश जारी होने के बाद या संसद में अधिनियम पारित करने के बाद सभी याचिकाएं निष्फल हो जाएंगी।
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सभी पक्षों के वकील बेंच को सूचित करेंगे
उन्होंने कहा कि अब शीर्ष अदालत को कानूनों के विवादास्पद प्रावधानों की संवैधानिकता से निपटने की आवश्यकता नहीं है और सभी पक्षों के वकील बेंच को सूचित करेंगे कि कानूनों को निरस्त करने के मामले कब आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुरु नानक जयंती के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए घोषणा की कि सरकार ने कृषि कानूनों को निरस्त करने का फैसला किया है। उन्होंने विरोध करने वाले किसानों से घर लौटने की अपील की।
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शीर्ष अदालत ने 12 अक्टूबर, 2020 को राज्यसभा से राजद विधायक मनोज झा, तमिलनाडु से द्रमुक के राज्यसभा सांसद तिरुचि शिवा और छत्तीसगढ़ किसान कांग्रेस के राकेश वैष्णव द्वारा दायर याचिकाओं पर केंद्र को नोटिस जारी किया था। इस साल 12 जनवरी को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने केंद्र के तीखे विरोध को खारिज करते हुए अगले आदेश तक कृषि कानूनों के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी थी।
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