{"_id":"6557c44f6f7028291407bf89","slug":"planners-and-architects-have-key-role-to-play-in-india-s-urbanisation-amitabh-kant-2023-11-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amitabh kant: भारत के शहरीकरण में योजनाकारों की अहम भूमिका, दीक्षांत समारोह में बोले नीति आयोग के पूर्व सीईओ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Amitabh kant: भारत के शहरीकरण में योजनाकारों की अहम भूमिका, दीक्षांत समारोह में बोले नीति आयोग के पूर्व सीईओ
Sat, 18 Nov 2023 01:21 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Sat, 18 Nov 2023 01:21 AM IST
सार
उन्होंने कहा, 'मेरा हमेशा से मानना रहा है कि योजना और वास्तुकला भारत में सबसे महत्वपूर्ण व्यवसाय है और किसी भी छात्र के लिए सबसे रचनात्मक यात्रा है, अगर भारतीय शहरों को नया जीवन देना है, तो केवल योजनाकार और वास्तुकार ही ऐसा कर सकते हैं।'
विज्ञापन
नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत
- फोटो : ANI
विस्तार
नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने शुक्रवार को कहा कि योजना और वास्तुकला भारत में महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं और देश के शहरीकरण में अहम योगदान देंगे। कांत ने यहां स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के 41वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा, आर्किटेक्ट देश के शहरों को जीवन देते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, 'मेरा हमेशा से मानना रहा है कि योजना और वास्तुकला भारत में सबसे महत्वपूर्ण व्यवसाय है और किसी भी छात्र के लिए सबसे रचनात्मक यात्रा है, अगर भारतीय शहरों को नया जीवन देना है, तो केवल योजनाकार और वास्तुकार ही ऐसा कर सकते हैं।'
विज्ञापन
कांत ने आगे कहा, 'केरल में पर्यटन सचिव के रूप में अपने करियर की शुरुआत में मुझे लगा कि मैं शायद गलत पेशे में आ गया हूं, मुझे एक योजनाकार या वास्तुकार बनना चाहिए था।' उन्होंने कहा कि भारत बड़े पैमाने पर शहरीकरण के दौर से गुजर रहा है और इस प्रक्रिया में अगले चार से पांच दशकों में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
नये भारत के निर्माण में योजनाकारों और वास्तुकारों की अहम भूमिका
पूर्व सीईओ ने कहा कि भविष्य के नये भारत के निर्माण में योजनाकारों और वास्तुकारों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा, 'अगले चार से पांच दशकों में, भारत शहरीकरण की मौजूदा दर से दो अमेरिका बनाएगा और नए भारत के निर्माण में वास्तुकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है।'
दीक्षांत समारोह में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के निदेशक योगेश सिंह और काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर के अध्यक्ष अभय विनायक पुरोहित भी उपस्थित थे।
सिंह ने इस अवसर पर स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की वार्षिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की, जिसके दौरान छात्रों को 12 पीएचडी डिग्री, 235 पीजी डिग्री और 140 यूजी डिग्री प्रदान की गईं।
अमिताभ कांत ने छात्रों को दिए सुझाव
अमिताभ कांत ने छात्रों को वास्तुकला में योजना और सांस्कृतिक लोकाचार के बारे में जानकारी दी। छात्रों को सुझाव देते हुए अमिताभ कांत ने कहा कि उन्हें अपने देश में वास्तुकला के ऐसे डिजाइन तैयार करने चाहिए, जो कॉम्पैक्ट, सार्वजनिक परिवहन अनुकूल और पर्यावरण के अनुकूल हो। इसमें भारतीय जरूरतों व आधुनिक तकनीक से तालमेल बिठाना चाहिए।
अमिताभ कांत ने कहा कि यहां पर मौजूद हर छात्र आगे जाकर देश का नाम रोशन करेंगे। देश का भविष्य इन पर ही निर्भर करता है। उन्होंने यकीन जताया कि एसपीए से निकले छात्र देश-दुनिया में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। दूसरी तरफ एसपीए के निदेशक प्रो. योगेश सिंह ने छात्रों से कहा कि इस तरह की मेहनत आगे जाकर उनकी सफलता तय करेगी। देश तेजी से तरक्की कर रहा है।
वार्षिक रिपोर्ट हुई पेश
प्रो. योगेश सिंह ने दीक्षांत समारोह में वार्षिक रिपोर्ट भी पेश की। उन्होंने बताया कि एसपीए शिक्षा मंत्रालय के नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क के अनुसार यह संस्थान 5वीं रैंक पर है और अधिक बेहतरी के लिए विभिन्न कदम उठा रहा है। स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), नई दिल्ली भारत में अत्याधुनिक वास्तुकला, योजना और डिजाइन शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान क्षेत्र में सराहनीय सुविधाएं प्रदान करता है।