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पिच ब्लैक युद्धाभ्यास: शौर्य दिखाएगी भारतीय वायुसेना, 19 देशों के 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान होंगे शामिल
Tue, 16 Jun 2026 06:47 AM IST
निर्मल कांत
ब्यूरो, नई दिल्ली।
ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 16 Jun 2026 06:47 AM IST
सार
भारतीय वायुसेना ऑस्ट्रेलिया के डार्विन में 20 जुलाई से 7 अगस्त तक होने वाले पिच ब्लैक-2026 युद्धाभ्यास में हिस्सा लेगी, जहां वह अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगी। इस अभ्यास में 19 देशों के 100 से अधिक विमान और बड़ी संख्या में सैन्य कर्मी शामिल होंगे। पढ़िए रिपोर्ट-
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पिच ब्लैक युद्धाभ्यास
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/आईएएफ (फाइल)
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विस्तार
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी ताकत का लोहा मनवाने के लिए वायुसेना एक बार फिर तैयार है। ऑस्ट्रेलिया के डार्विन में 20 जुलाई से 7 अगस्त तक चलने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास पिच ब्लैक-2026 में वायुसेना भाग लेने जा रही है। इस दौरान वायुसेना अपने जांबाज पायलटों और अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों के साथ दुनिया के 18 अन्य मित्र देशों के सामने दमखम दिखाएगी।
इस युद्धाभ्यास में 19 देशों के 100 से ज्यादा लड़ाकू व परिवहन विमान और सैकड़ों सैन्य कर्मी शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य जटिल और युद्ध जैसी परिस्थितियों में आपसी तालमेल और युद्धक्षमता मजबूत करना है। यह युद्धाभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पिच ब्लैक युद्धाभ्यास में भाग लेने वाले प्रमुख देशों में भारत, ब्रुनेई, कनाडा, फिजी, फिनलैंड, फ्रांस, इंडोनेशिया, जापान, मलेशिया, न्यूजीलैंड, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, स्पेन, स्वीडन, थाईलैंड, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका शामिल होंगे।
युद्धाभ्यास के दौरान स्थानीय नागरिकों और विमानन प्रेमियों के लिए 23 जुलाई को मिडिल बीच फ्लाइंग डिस्प्ले आयोजित किया जाएगा। इस दौरान लोग शाम 5 से 6:30 बजे तक आसमान में लड़ाकू विमानों के हैरतअंगेज करतब देख सकेंगे। साथ ही, एक अगस्त को आम जनता को सैन्य विमानों और उपकरणों को करीब से देखने और जांबाज पायलटों से मिलने का मौका भी मिलेगा।
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ये भी पढ़ें: सेना की नेगेव गन पर इस्राइल की हाई-टेक आंख: 800 मीटर दूर तक सटीक निशाना, भारत में होगा लेंसों का निर्माण
इसलिए रखा पिच ब्लैक नाम
इस अभ्यास का एक बड़ा हिस्सा रात में आयोजित किया जाता है, ताकि पायलट बेहद कठिन परिस्थितियों में भी सटीक निशाना लगाने और दुश्मन से निपटने में माहिर हो सकें। इसीलिए इसका नाम पिच ब्लैक रखा गया है। अभ्यास के दौरान आसमान में रणनीतिक छद्म युद्ध, आक्रामक और रक्षात्मक दोनों तरह के एयर कॉम्बैट का अभ्यास किया जाता है।
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इस युद्धाभ्यास में 19 देशों के 100 से ज्यादा लड़ाकू व परिवहन विमान और सैकड़ों सैन्य कर्मी शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य जटिल और युद्ध जैसी परिस्थितियों में आपसी तालमेल और युद्धक्षमता मजबूत करना है। यह युद्धाभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पिच ब्लैक युद्धाभ्यास में भाग लेने वाले प्रमुख देशों में भारत, ब्रुनेई, कनाडा, फिजी, फिनलैंड, फ्रांस, इंडोनेशिया, जापान, मलेशिया, न्यूजीलैंड, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, स्पेन, स्वीडन, थाईलैंड, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका शामिल होंगे।
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युद्धाभ्यास के दौरान स्थानीय नागरिकों और विमानन प्रेमियों के लिए 23 जुलाई को मिडिल बीच फ्लाइंग डिस्प्ले आयोजित किया जाएगा। इस दौरान लोग शाम 5 से 6:30 बजे तक आसमान में लड़ाकू विमानों के हैरतअंगेज करतब देख सकेंगे। साथ ही, एक अगस्त को आम जनता को सैन्य विमानों और उपकरणों को करीब से देखने और जांबाज पायलटों से मिलने का मौका भी मिलेगा।
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इसलिए रखा पिच ब्लैक नाम
इस अभ्यास का एक बड़ा हिस्सा रात में आयोजित किया जाता है, ताकि पायलट बेहद कठिन परिस्थितियों में भी सटीक निशाना लगाने और दुश्मन से निपटने में माहिर हो सकें। इसीलिए इसका नाम पिच ब्लैक रखा गया है। अभ्यास के दौरान आसमान में रणनीतिक छद्म युद्ध, आक्रामक और रक्षात्मक दोनों तरह के एयर कॉम्बैट का अभ्यास किया जाता है।