Kerala:'17 साल पहले ही बन जाएगा विझिनजाम बंदरगाह', मालवाहक जहाज पहुंचने पर बोले CM विजयन
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने कहा कि भारत ने विझिनजाम बंदरगाह के जरिए वैश्विक मानचित्र में प्रवेश किया है। यह देश के लिए एक गर्व का पल है।
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विस्तार
केरल के कोवलम बीच के पास भारत के पहले ट्रांस-शिपमेंट अदाणी समूह के विझिनजाम बंदरगाह पर गुरुवार को पहला मालवाहक जहाज आया। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी मर्क्स के जहाज 'सैन फर्नांडो' ने एक हजार से अधिक कंटेनरों के साथ बंदरगाह पहुंच कर इतिहास रच दिया है। वहीं, आज केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने सैन फर्नांडो का स्वागत किया।
इस मौके पर सीएम ने कहा कि भारत ने विझिनजाम बंदरगाह के जरिए वैश्विक मानचित्र में प्रवेश किया है। यह देश के लिए एक गर्व का पल है।
यह गर्व का पल
उन्होंने आगे कहा, 'पहले मालवाहक जहाज के आने के साथ विझिनजाम बंदरगाह ने भारत को विश्व शिपिंग बिजनेस के पटल पर ला दिया है। आज देश ने इस बंदरगाह के जरिए वैश्विक मानचित्र में प्रवेश किया है। यह दुनियाभर के बंदरगाहों के बीच एक बड़ा बंदरगाह है। दुनिया के सबसे बड़े जहाज विझिनजम में रुक सकते हैं। फिलहाल यह जहाज बतौर ट्रायल आया है। जल्द ही बंदरगाह पूरी तरह से शुरू हो जाएगा। यह मदर पोर्ट बन रहा है और यह गर्व का पल है।'
कब पूरा होगा प्रोजेक्ट?
उन्होंने बताया कि पहला चरण करीब पूरा हो चुका है। दूसरे से लेकर चौथे चरण तक का काम 2045 तक पूरा होने वाला था। मगर अब यह करीब 17 साल पहले ही पूरी तरह से पूरा हो जाएगा। यानी साल 2028 परियोजना का दूसरा और तीसरा चरण 2028 में पूरा करने की योजना है।'
बता दें, यह दुनिया के सबसे ग्रीन पोर्ट में से एक होगा। यह पोर्ट रणनीतिक रूप से ऐसी जगह स्थित है, जहां से केवल 10 समुद्री मील की दूरी पर यूरोप, पर्शियन गल्फ और फार ईस्ट को जोड़ने वाला अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग है।
यह लोग भी रहे मौजूद
केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। वहीं मुख्य अतिथि अदाणी पोर्ट्स के एमडी करण अदाणी भी उपस्थित रहे।
कई मायनों में है खास
सैन फर्नांडो जहाज का विझिनजाम बंदरगाह पहुंचना परीक्षण संचालन का हिस्सा है और आधिकारिक रूप से इस बंदरगाह के इस साल सितंबर अक्तूबर में शुरू होने की उम्मीद है। विझिनजाम बंदरगाह देश का पहला अर्द्ध-स्वचालित (सेमी-ऑटोमैटिक) बंदरगाह है, जिसका निर्माण अदाणी समूह की कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकॉनोमिक जोन लिमिटेड द्वारा किया गया है।
इस प्रोजेक्ट को लेकर केरल सरकार और अदाणी पोर्ट्स कंपनी के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके बाद इस प्रोजेक्ट को पांच दिसंबर 2015 को अदाणी पोर्ट्स को दिया गया था। इस बंदरगाह के निर्माण के लिए कुल 8,867 करोड़ रुपये का निवेश किया गया, जिनमें से 5,595 करोड़ रुपये केरल सरकार ने दिए और केंद्र सरकार ने 818 करोड़ रुपये आवंटित किए। विझिनजाम बंदरगाह का निर्माण निजी-सार्वजनिक साझेदारी के आधार पर किया गया है।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यह बंदरगाह देश के आर्थिक विकास में उल्लेखनीय होगा।
#WATCH | Thiruvananthapuram, Kerala: On first mothership "San Fernando" reached Vizhinjam International Seaport, Union Minister Sarbananda Sonowal says, "Under the flagship initiative of our Ministry of Port Shipping and Waterways, Sagarmala, there are 55 projects worth more than… pic.twitter.com/KoLXXz8jJX
— ANI (@ANI) July 12, 2024
सोनोवाल ने कहा, 'हमारे बंदरगाह नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय की प्रमुख पहल सागरमाला के तहत, केरल राज्य में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की 55 परियोजनाएं हैं। इनमें से 5300 करोड़ रुपये से अधिक की 19 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और बाकी कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। विश्व बैंक के कंटेनर पोर्ट प्रदर्शन सूचकांक के अनुसार, केरल में हमारे मंत्रालय का प्रमुख बंदरगाह कोचीन पोर्ट अथॉरिटी आज दुनिया के शीर्ष सौ बंदरगाहों में सूचीबद्ध नौ भारतीय बंदरगाहों में से एक है। हम सभी पीएम नरेंद्र मोदी के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तैयार हैं। भारत जल्द ही दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा।'