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Agnipath Protest: अग्निपथ योजना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका, अधिसूचना को बताया अवैध
Tue, 21 Jun 2022 02:23 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 21 Jun 2022 02:23 AM IST
सार
याचिका में कहा गया है कि सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन प्रविष्टि के माध्यम से चयनित होने वाले अधिकारी के पास 60 वर्ष की आयु तक राष्ट्र की सेवा करने का विकल्प होता है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर सशस्त्र बलों के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ भर्ती योजना को चुनौती दी गई है। याचिका वकील एमएल शर्मा ने दायर की है। याचिका में रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी 14 जून, 2022 की अधिसूचना को रद्द करने की मांग करते हुए कहा गया है कि अधिसूचना अवैध और असंवैधानिक है।
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याचिका में कहा गया है कि सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन प्रविष्टि के माध्यम से चयनित होने वाले अधिकारी के पास 60 वर्ष की आयु तक राष्ट्र की सेवा करने का विकल्प होता है।
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शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) में एक अधिकारी के पास सेना में शामिल होने और 10/14 वर्षों की अवधि के लिए कमीशन अधिकारी के रूप में सेवा करने का विकल्प होता है। लेकिन अग्निपथ योजना के माध्यम से भर्ती किए गए अग्निवीरों में से केवल 25 फीसदी को ही बलों में रखा जाएगा और बाकी 75 फीसदी को सेवा से बाहर कर दिया जाएगा।
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