Bulli Bai App: 'सुल्ली डील्स' के बाद 'बुल्ली बाई' से मुस्लिम महिलाओं को बनाया निशाना, तस्वीरों का गलत इस्तेमाल
'बुल्ली बाई' एप को गिटहब पर बनाया गया है। यह एक होस्टिंग प्लेटफॉर्म है जहां पर ओपन सोर्स कोड का भंडार रहता है। लेकिन अब गिटहब और इस पर बनाए जा रहे ऐसे एप्स को लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।
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सोशल मीडिया में 'बुल्ली बाई' एप को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। इस एप की लगातार आलोचना हो रही है। आरोप है कि इस एप पर कई चर्चित मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें अपलोड की गईं है, जिसपर अभद्र टिप्पणी की जा रही हैं। उनकी तस्वीरों का सौदा हो रहा है। इन महिलाओं में एक महिला पत्रकार भी शामिल है जिसकी तस्वीरों को आपत्तिजनक कंटेंट के साथ शेयर किया जा रहा है।
गिटहब का गलत इस्तेमाल
'बुल्ली बाई' एप को गिटहब पर बनाया गया है। यह एक होस्टिंग प्लेटफॉर्म है जहां पर ओपन सोर्स कोड का भंडार रहता है। लेकिन अब गिटहब और इस पर बनाए जा रहे ऐसे एप्स को लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।
इस मामले को उठाते हुए शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शनिवार को कहा कि होस्टिंग प्लेटफॉर्म गिटहब का इस्तेमाल करते हुए सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें एक एप पर अपलोड की गई हैं। चतुर्वेदी ने कहा कि उन्होंने इस मामले को मुंबई पुलिस के सामने उठाया है और मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैंने मुंबई पुलिस आयुक्त और पुलिस उपायुक्त (अपराध) रश्मि करांदिकर जी से बात की है। वे इसकी जांच करेंगे। मैंने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से भी हस्तक्षेप करने के लिए बात की है। उम्मीद है कि इस तरह की गलत और सेक्सिस्ट साइटों के पीछे जो लोग हैं उन्हें पकड़ा जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव जी उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का कई बार आग्रह किया जो 'सुल्ली डील्स' जैसे प्लेटफार्म के जरिए महिलाओं को निशाना बना रहे हैं। शर्म की बात है कि इसे नजरअंदाज किया जा रहा है।’’
मुंबई साइबर पुलिस ने शुरू की जांच
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया जताते हुए, मुंबई पुलिस ने कहा कि उसने मामले का संज्ञान लिया है और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। एक अधिकारी ने कहा कि मुंबई साइबर पुलिस ने आपत्तिजनक सामग्री के संबंध में जांच शुरू कर दी है।
'सुल्ली डील्स' की तरह काम करता है 'बुल्ली बाई'
एक सोशल मीडिया यूजर ने कहा, "एप 'बुल्ली बाई' ठीक उसी तरह काम करता है जैसे 'सुल्ली डील्स' ने किया था। एक बार जब आप इसे खोलते हैं, तो आप बेतरतीब ढंग से एक मुस्लिम महिला के चेहरे को बुल्ली बाई के रूप में प्रदर्शित करते हुए पाते हैं।"
एक पत्रकार, जो एप में नामित महिलाओं में से एक है, ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को "डर और घृणा की भावना" के साथ नए वर्ष की शुरुआत करनी पड़ी है। पिछले साल 'सुल्ली डील्स' विवाद में दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दो प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों का दुरुपयोग किया गया था, लेकिन अपराधियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी।