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कर्नाटक: नेताओं के फोन टैपिंग से गरमाई राजनीति, अब सीबीआई करेगी जांच
Sun, 18 Aug 2019 12:15 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 18 Aug 2019 12:15 PM IST
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बीएस येदियुरप्पा
- फोटो : ANI
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कर्नाटक में नेताओं के फोन टैपिंग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने रविवार को कहा कि वह कांग्रेस के कई नेताओं की मांग पर इन आरोपों की सीबीआई जांच का आदेश देंगे। टैपिंग करने के आरोप कुमारस्वामी की पूर्व गठबंधन सरकार पर लगे हैं।
येदियुरप्पा ने यहां पत्रकारों से कहा कि टेलीफोन टैपिंग के मुद्दे पर कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्दरमैया समेत कई नेताओं ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए, इसलिए मैंने सीबीआई जांच का आदेश देने का फैसला किया है। कल ही मैं जांच का आदेश दूंगा। यह राज्य के लोगों की अपेक्षा है कि विस्तृत जांच की जाए और दोषियों को सजा दी जाए।
गौरतलब है कि अयोग्य करार दिए गए जद (एस) विधायक ए एच विश्वनाथ ने पिछले सप्ताह एच डी कुमारस्वामी की सरकार पर फोन टैप करने और उनके समेत 300 से अधिक नेताओं की जासूसी कराने के आरोप लगाए। इसके बाद येदियुरप्पा ने यह घोषणा की है।
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सिद्दरमैया, एम. मल्लिकार्जुन खड़गे और गठबंधन सरकार में गृह मंत्री रहे एम बी पाटिल समेत कांग्रेस नेताओं ने जांच की मांग की है जबकि पार्टी के एक अन्य अहम नेता और पूर्व मंत्री डी के शिवकुमार ने आरोपों को खारिज कर दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार समेत कई भाजपा नेताओं ने कुमारस्वामी पर अपनी सरकार बचाने के लिए इस प्रकरण के पीछे होने का आरोप लगाया है। ज्ञात हो कि विधानसभा में विश्वास मत हारने के बाद पिछले महीने गठबंधन सरकार गिर गई थी।
कुमारस्वामी ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि फोन टैप करके कुर्सी बचाने की कोई जरूरत नहीं है। इस मामले में कुछ लोगों ने मेरे खिलाफ जो आरोप लगाए हैं, वे सच्चाई से परे हैं।
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येदियुरप्पा ने यहां पत्रकारों से कहा कि टेलीफोन टैपिंग के मुद्दे पर कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्दरमैया समेत कई नेताओं ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए, इसलिए मैंने सीबीआई जांच का आदेश देने का फैसला किया है। कल ही मैं जांच का आदेश दूंगा। यह राज्य के लोगों की अपेक्षा है कि विस्तृत जांच की जाए और दोषियों को सजा दी जाए।
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गौरतलब है कि अयोग्य करार दिए गए जद (एस) विधायक ए एच विश्वनाथ ने पिछले सप्ताह एच डी कुमारस्वामी की सरकार पर फोन टैप करने और उनके समेत 300 से अधिक नेताओं की जासूसी कराने के आरोप लगाए। इसके बाद येदियुरप्पा ने यह घोषणा की है।
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सिद्दरमैया, एम. मल्लिकार्जुन खड़गे और गठबंधन सरकार में गृह मंत्री रहे एम बी पाटिल समेत कांग्रेस नेताओं ने जांच की मांग की है जबकि पार्टी के एक अन्य अहम नेता और पूर्व मंत्री डी के शिवकुमार ने आरोपों को खारिज कर दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार समेत कई भाजपा नेताओं ने कुमारस्वामी पर अपनी सरकार बचाने के लिए इस प्रकरण के पीछे होने का आरोप लगाया है। ज्ञात हो कि विधानसभा में विश्वास मत हारने के बाद पिछले महीने गठबंधन सरकार गिर गई थी।
कुमारस्वामी ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि फोन टैप करके कुर्सी बचाने की कोई जरूरत नहीं है। इस मामले में कुछ लोगों ने मेरे खिलाफ जो आरोप लगाए हैं, वे सच्चाई से परे हैं।