हारेगा कोरोना: जानिए देश में आने वाले टीकों की लगेंगी कितनी खुराकें, एक से तीन डोज तक रोकेंगी संक्रमण को
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर एनके अरोड़ा कहते हैं ये सभी टीके अगले कुछ महीने में अपने देश में उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि सभी वैक्सीन कारगर हैं। खुद को कोरोना से बचाने के लिए किसी भी कंपनी का टीका अवश्य लगवाएं...
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देश में वैक्सीन की डोज को लेकर लगातार चर्चाओं का दौर चल रहा है। कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी डोज को लेकर सवाल हों या कोवाक्सिन की टाइमिंग को लेकर। लेकिन इंजेक्शन के अलावा देश में आने वाली और बहुत सारी वैक्सीन को लगाने का अंतराल पूरी तरीके से अलग-अलग है। कोई वैक्सीन तीन डोज में कोरोना पर नियंत्रण का दावा कर रही है, तो कोई वैक्सीन सिंगल डोज में ही कोविड के लिए फायदेमंद बता रही है। दुनियाभर में अलग-अलग तरीके से और अलग इंटरवल के साथ ली जाने वाली वैक्सीन अपने देश में भी अगले कुछ महीनों में उपलब्ध हो जाएंगी। आइए जानते हैं कि किस वैक्सीन का कितना इंटरवल है।
जाइडस कैडिला की वैक्सीन तीन डोज में रोकेगी कोरोना को
कैडिला की वैक्सीन के लिए एक या दो डोज नहीं बल्कि पूरी तीन डोज लगवानी होंगी। यह वैक्सीन भी कोविशील्ड की तरह तीन महीने में अपना चक्र पूरा कर पाएगी और वैक्सीन लगवाने वाले के लिए तीन महीने बाद बेहतर एंटीबॉडी बनाकर कारगर साबित होगी। इस टीके को लगवाने वाले हर व्यक्ति को एक महीने के अंतराल के बाद एक डोज लगाई जाएगी। तीन महीने तक चलने वाली प्रक्रिया के बाद इस वैक्सीन को लगवाने वाला सुरक्षित माना जाएगा।
रूस की स्पूतनिक वैक्सीन का तीन हफ्ते का अंतराल
रूस की स्पूतनिक वैक्सीन का तीन हफ्ते का अंतराल है। यानी कि इस टीके की पहली और दूसरी डोज में सिर्फ तीन हफ्ते का ही अंतराल रहेगा। पहली डोज लेने के तीन हफ्ते बाद दूसरी डोज लगाई जाएगी। उसके बाद मरीजों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी शरीर में बनने लगेंगी। अपने देश में कोविशिल्ड और कोवक्सीन के अलावा इस वक्त स्पूतनिक का टीका भी लग रहा है।
फाइजर के टीके में भी तीन हफ्ते का अंतराल
सिर्फ स्पूतनिक के टीके में ही तीन हफ्ते का अंतराल नहीं है बल्कि फाइजर के टीके में भी तीन हफ्ते का ही अंतराल तय किया गया है। पूरी दुनिया में लगाए जाने वाले फायदे के टीके की पहली डोज के बाद में दूसरी डोज तीसरे हफ्ते में ही लगाई जाती है।
जॉनसन एंड जॉनसन की सिंगल डोज ही कारगर
पूरी दुनिया में सिंगल डोज वैक्सीन को लेकर के सबसे ज्यादा चर्चा जॉनसन एंड जॉनसन के टीके की है। यह वैक्सीन सिर्फ एक बार ही लगाई जाती है और इस वैक्सीन को बनाने वाली कंपनी का दावा है कि सिंगल डोज के बाद में ही शरीर में एंटीबॉडीज बनने लगती हैं। देश में जल्द ही जॉनसन एंड जॉनसन का टीका भी उपलब्ध होगा।
स्पूतनिक लाइट भी सिंगल डोज टीका है
रूस का टीका स्पूतनिक तो देश में उपलब्ध है। लेकिन जल्द ही स्पूतनिक का एक टीका "स्पूतनिक लाइट" भी अपने देश में आने वाला है। यह टीका भी जॉनसन एंड जॉनसन की तर्ज पर सिर्फ एक बार ही लगाने वाला टीका तैयार किया गया है। दो से तीन महीने के भीतर स्पूतनिक लाइट टीका भी अपने देश में आ जाएगा। और लोगों को लगने लगेगा।
पूरे देश में कोविड टीकाकरण के मामले पर नजर रखने वाली केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर एनके अरोड़ा कहते हैं ये सभी टीके अगले कुछ महीने में अपने देश में उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि सभी वैक्सीन कारगर हैं। खुद को कोरोना से बचाने के लिए किसी भी कंपनी का टीका अवश्य लगवाएं। डॉक्टर अरोड़ा कहते हैं कि अगले दो से तीन महीने के भीतर अपने देश में सिर्फ सिंगल डोज वाला स्पूतनिक लाइट टीका भी उपलब्ध हो जाएगा। इसके अलावा जाइडस कैडिला के तीन डोज वाला टीका जल्द ही आने वाला है।