{"_id":"5c011ef1bdec22419b5de263","slug":"petitions-challenging-fir-against-members-of-military-forces-dismissed","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफस्पा वाले क्षेत्रों में सैन्य बलों के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अफस्पा वाले क्षेत्रों में सैन्य बलों के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज
भाषा, नई दिल्ली
Updated Fri, 30 Nov 2018 04:58 PM IST
विज्ञापन
AFSPA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उच्चतम न्यायालय ने मणिपुर और जम्मू कश्मीर में अभियान चलाने वाले सैन्य बलों के सदस्यों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देने वाले 350 से ज्यादा सैन्यकर्मियों की याचिकाएं शुक्रवार को खारिज कर दी। इन दोनों राज्यों में सैन्य बल विशेष अधिकार कानून (अफ्सपा) लागू है।
न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति उदय यू ललित की पीठ के समक्ष केंद्र ने अफस्पा लगे इलाके में सैन्य बलों के सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किये जाने के खिलाफ इन याचिकाओं का समर्थन किया। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ‘‘एक व्यवस्था होनी चाहिए जहां आतंकवाद से मुकाबले के वक्त हमारे सैनिकों के हाथ बंधे नहीं हों।’’
इस पर पीठ ने उनसे कहा कि इस तरह की व्यवस्था करने से केंद्र को कौन रोक रहा है। पीठ ने कहा, ‘‘ऐसी व्यवस्था बनाने से आपको किसने रोका है। इन मुद्दों पर आपको विमर्श करना है, अदालत को नहीं।’’
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति उदय यू ललित की पीठ के समक्ष केंद्र ने अफस्पा लगे इलाके में सैन्य बलों के सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किये जाने के खिलाफ इन याचिकाओं का समर्थन किया। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ‘‘एक व्यवस्था होनी चाहिए जहां आतंकवाद से मुकाबले के वक्त हमारे सैनिकों के हाथ बंधे नहीं हों।’’
विज्ञापन
इस पर पीठ ने उनसे कहा कि इस तरह की व्यवस्था करने से केंद्र को कौन रोक रहा है। पीठ ने कहा, ‘‘ऐसी व्यवस्था बनाने से आपको किसने रोका है। इन मुद्दों पर आपको विमर्श करना है, अदालत को नहीं।’’
विज्ञापन