फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   permission denied for the CM Yogi Adityanath west bengal mamata government bjp tmc

पश्चिम बंगाल: इजाजत नहीं मिलने पर योगी ने फोन से संबोधित की रैली, कहा- 'मेरी आवाज नहीं दबा सकते'

Sun, 03 Feb 2019 10:46 AM IST
Shani Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: Shani Mishra Updated Sun, 03 Feb 2019 10:46 AM IST
विज्ञापन
permission denied for the CM Yogi Adityanath west bengal mamata government bjp tmc
फोन से रैली को संबोधित करते योगी आदित्यनाथ - फोटो : ANI
रविवार को पश्चिम बंगाल में रैली की इजाजत नहीं मिलने के बाद योगी आदित्यनाथ ने दूसरा रास्ता निकाल लिया। दोनों ही जनसभा में भारी भीड़ आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मोबाइल फोन से रैली को संबोधित किया।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि बंगाल में जनविरोधी तृणमूल कांग्रेस सरकार के दिन गिने-चुने रह गए हैं। उन्होंने मुझे रैली में शामिल नहीं होने दिया लेकिन वे मेरी आवाज नहीं दबा सकते।
विज्ञापन


बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने इस रैली के लिए इजाजत नहीं दी थी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि बिना किसी नोटिस के रैली की इजाजत खारिज कर दी गई। जिसके बाद भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने ममता सरकार के इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा प्रदेश में 100 से ज्यादा रैली करने वाली है इसी कड़ी में रविवार को योगी बांकुरा और पुरुलिया में दो रैली करने वाले थे। इसके अलावा 5 फरवरी को उनका रायगंज और दिनाजपुर जिले के बालूरघाट में रैली को संबोधित करने का कार्यक्रम है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने कहा था कि यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता का असर है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हेलीकॉप्टर लैंडिंग की इजाजत तक नहीं दी। पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता मुकुल रॉय ने कहा कि आखिरकार भाजपा को इजाजत मिलेगी। बालुरघाट में नियमित एयरपोर्ट है। नियमित हेलिपैड पर हेलिकॉप्टर लैंडिंग की इजाजत देने से क्या समस्या होगी? बंगाल सरकार का यह फैसला पूरी तरह अलोकतांत्रिक है।
 



इससे पहले झारग्राम में भाजपा अध्यक्ष के हेलिकॉप्टर को उतारने की इजाजत नहीं दी गई थी। ये लगातार दूसरी बार था जब अमित शाह के हेलिकॉप्टर को बंगाल में लैंडिंग की इजाजत नहीं मिली थी। इससे पहले मालदा में भी ऐसा ही हुआ था।

शनिवार को प्रधानमंत्री ने राज्य में दो रैलियों को संबोधित किया था। प्रधानमंत्री 8 फरवरी को दार्जिलिंग या जलपाईगुड़ी में रैली को संबोधित करेंगे।

पार्टी को कार्यक्रम का लोकतांत्रिक अधिकार: राज्यपाल

permission denied for the CM Yogi Adityanath west bengal mamata government bjp tmc
Mamata Banerjee- Kesari nath Tripathi

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी का मानना है कि सभी राजनीतिक दलों को अपने कार्यक्रम आयोजित करने का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। त्रिपाठी की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा भाजपा को राज्य में रथ यात्रा निकालने की अनुमति नहीं दिए जाने की पृष्ठभूमि में आयी है।

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा पर टिप्पणी करते हुए त्रिपाठी ने कहा कि हिंसा चाहे राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी हो या आपराधिक, उसकी हमेशा निंदा होनी चाहिए।

त्रिपाठी ने एक साक्षात्कार में कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक कार्यक्रम तो होंगे ही। यह संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का हिस्सा है, इसलिए सभी दलों को संविधान की मूल भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उसके प्रावधानों का पालन करना चाहिए।

राज्यपाल से पूछा गया था कि क्या राज्य सरकार का राजनीतिक दलों को यात्रा या रैलियां निकालने से रोकना उचित है।

त्रिपाठी ने हालांकि इस पूरे मामले में किसी पार्टी या सरकार का नाम नहीं लिया। लेकिन कभी भाजपा से जुड़े रहे त्रिपाठी की यह टिप्पणी ऐसे वक्त में आयी है जब तृणमूल कांग्रेस सरकार ने भाजपा को राज्य में रथयात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी है। भाजपा की यह रथ यात्रा सभी 42 संसदीय क्षेत्रों से गुजरने वाली थी। यात्रा की अनुमति को लेकर दोनों दलों के बीच तनातनी चल रही है।

बंगाल के लोगों से लोकसभा चुनावों के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए त्रिपाठी ने कहा कि हिंसा चाहे राजनीतिक हो या आपराधिक उसका हमेशा विरोध और आलोचना होनी चाहिए। पश्चिम बंगाल में साम्प्रदायिक हिंसा की कथित घटनाओं में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए त्रिपाठी ने कहा कि साम्प्रदायिक या अन्य किसी भी कारण से होने वाली हिंसा को लोगों का समर्थन हासिल नहीं होता है।

बसीरहाट दंगों के दौरान उनके और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच हुई कहासुनी के बारे में सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य का कर्तव्य है कि वह बिना किसी भेदभाव के काम करे और सरकार में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखे।

बसीरहाट साम्प्रदायिक तनाव के दौरान मुख्यमंत्री और राज्यपाल में काफी कहासुनी हो गई थी। यहां तक कि बनर्जी ने त्रिपाठी के बारे में कहा था कि वह भाजपा के जिला प्रमुख की तरह व्यवहार कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में कभी भी राष्ट्रपति शासन लगाने का विचार मन में आने के संबंध में सवाल करने पर त्रिपाठी ने स्पष्ट कहा कि वह अपने पास उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अपने विचार तय करते हैं। उन्होंने कहा कि वैसे भी वह विचार समुचित प्राधिकार को बताया जाना है। यह गोपनीय होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed