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भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं के खिलाफ लगे पोस्टर हटे, लोगों ने बाताई ये वजह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Mon, 16 Apr 2018 08:48 PM IST
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इलाहाबाद के शिवकुटी में भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं के खिलाफ लगे पोस्टर अब हटा लिए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वहां पर विकास कार्य नहीं हो रहे थे। जिसके चलते क्षेत्र के नाराज लोगों ने यह कदम उठाया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि भाजपा नेताओं और यहां के लोगों की एक बैठक हुई जिसके बाद यह पोस्टर हटा लिए गए हैं।
इस पर भाजपा के एक पूर्व विधायक पीएस पांडेय ने कहा कि स्थानीय मुद्दों के चलते लोगों में नाराजगी थी लेकिन अब समस्याओं पर चर्चा हो गई है इसके बाद अब पोस्टरों को हटा लिया गया है। यह पोस्टर 14 अप्रैल को लगाए गए थे।
बता दें कि देश में बढ़ रहे अपराध और बलात्कार की घटनाओं को लेकर इलाहाबाद के शिवकुटी में एक नए तरह का विरोध दिखाई दिया था। मोहल्ले के लोगों ने अपने घरों के सामने पोस्टर लगाए थे, जिसमें लिखा था कि भाजपा के कार्यकर्ताओं और नेताओं का प्रवेश वर्जित है क्योंकि यहां बच्चियां और महिलाएं रहती हैं। लोगों की माने तो देश मे जिस तरह बलात्कार की घटनाओं में भाजपा नेताओं का नाम आ रहा है, उस कारण लोगों के मन मे महिलाओं की सुरक्षा को लेकर डर है, जिसके कारण उन्होंने ये पोस्टर लगाए थे।
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गौरतलब है कि उन्नाव की बांगरमऊ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर एक युवती ने बलात्कार का आरोप लगाया है। इसके बाद जिस तरह से इस पूरे मामले में यूपी पुलिस की भूमिका रही उस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी नाराजगी जहिर की। इसके बाद योगी सरकार ने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया। सीबीआई ने अपनी जांच में विधायक को दोषी पाया और उसे गिरफ्तार किया।
वहीं दूसरी ओर कश्मीर के कठुआ में 8 साल की बच्ची से रेप के बाद हत्या का मामला सामने आया। इसके बाद देश के लोगों में और विरोध उत्पन्न हो गया। लोग न्याय के लिए सड़कों पर उतर आए। उन्नाव और कठुआ की घटनाओं के विरोध में लोग देशभर में कैंडल मार्च भी निकल रहे हैं।
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इस पर भाजपा के एक पूर्व विधायक पीएस पांडेय ने कहा कि स्थानीय मुद्दों के चलते लोगों में नाराजगी थी लेकिन अब समस्याओं पर चर्चा हो गई है इसके बाद अब पोस्टरों को हटा लिया गया है। यह पोस्टर 14 अप्रैल को लगाए गए थे।
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बता दें कि देश में बढ़ रहे अपराध और बलात्कार की घटनाओं को लेकर इलाहाबाद के शिवकुटी में एक नए तरह का विरोध दिखाई दिया था। मोहल्ले के लोगों ने अपने घरों के सामने पोस्टर लगाए थे, जिसमें लिखा था कि भाजपा के कार्यकर्ताओं और नेताओं का प्रवेश वर्जित है क्योंकि यहां बच्चियां और महिलाएं रहती हैं। लोगों की माने तो देश मे जिस तरह बलात्कार की घटनाओं में भाजपा नेताओं का नाम आ रहा है, उस कारण लोगों के मन मे महिलाओं की सुरक्षा को लेकर डर है, जिसके कारण उन्होंने ये पोस्टर लगाए थे।
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गौरतलब है कि उन्नाव की बांगरमऊ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर एक युवती ने बलात्कार का आरोप लगाया है। इसके बाद जिस तरह से इस पूरे मामले में यूपी पुलिस की भूमिका रही उस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी नाराजगी जहिर की। इसके बाद योगी सरकार ने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया। सीबीआई ने अपनी जांच में विधायक को दोषी पाया और उसे गिरफ्तार किया।
वहीं दूसरी ओर कश्मीर के कठुआ में 8 साल की बच्ची से रेप के बाद हत्या का मामला सामने आया। इसके बाद देश के लोगों में और विरोध उत्पन्न हो गया। लोग न्याय के लिए सड़कों पर उतर आए। उन्नाव और कठुआ की घटनाओं के विरोध में लोग देशभर में कैंडल मार्च भी निकल रहे हैं।