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संवेदनशील निजी जानकारी में सेंध पर 15 करोड़ रुपये तक जुर्माना 

Sat, 28 Jul 2018 12:47 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 28 Jul 2018 12:47 AM IST
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Penalty up to 15 crores on dent in sensitive personal information

केंद्र की ओर से गठित जस्टिस श्रीकृष्ण समिति ने संवेदनशील निजी जानकारी में सेंधमारी करने वालों पर एक करोड़ से 15 करोड़ रुपये तक के जुर्माने की सिफारिश की है। डाटा संरक्षण पर सौंपी रिपोर्ट में समिति ने संवेदनशील की श्रेणी में 14 निजी जानकारियों को रखा है। इससे छेड़छाड़, सेंधमारी या उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, संस्था या कंपनी के आधार पर जुर्माने की रकम तय की जाएगी। समिति ने डाटा संरक्षण उल्लंघन में पीड़ित को मुआवजे की सिफारिश भी की है। 

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समिति ने 213 पन्नों की रिपोर्ट के साथ एक मसौदा विधेयक भी सूचना व प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद को सौंपा है। समिति ने पूरे देश में डाटा संरक्षण के लिए एक संरक्षण प्राधिकरण बनाने की सिफारिश की है। किसी व्यक्ति को निजी डाटा को लेकर किसी कंपनी से शिकायत होने पर निपटारे की व्यवस्था भी रिपोर्ट में दी गई है। इसमें डाटा संरक्षण अधिकारी, संरक्षण प्राधिकरण और अपीलीय ट्रिब्यूनल होगा। डाटा संरक्षण की जिम्मेदारी सरकार की होगी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी अपील की जा सकती है। 
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रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर कोई कंपनी डाटा संरक्षण के नियम तोड़ती है तो 15 करोड़ रुपये तक जुर्माने के साथ आपराधिक मुकदमा भी चलाए जाए। हालांकि, सार्वजनिक हित, कर्ज की वसूली, गैरकानूनी गतिविधि, नेटवर्क व सूचना सुरक्षा, क्रेडिट स्कोर जानने समेत अन्य में सरकारी प्राधिकरणों और एजेंसियों को छूट दी गई है।
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आतंकी गतिविधि में डाटा खंगालने का प्रावधान 
रिपोर्ट और मसौदा विधेयक में कहा गया है कि बच्चों के डाटा का संरक्षण व उनकी उम्र की पुष्टि के लिए समुचित तंत्र बनाया जाए। आतंकी गतिविधि जैसे विशेष हालात में निजी डाटा खंगालने के अधिकार का प्रावधान भी किया गया है। नागरिकों के डाटा पर सरकार के अधिकार की सीमा का प्रावधान भी है। 

समिति ने डाटा को नहीं माना है संपत्ति
नागरिकों को डाटा वापस लेने का अधिकार और डाटा पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी रहेगी। समिति ने डाटा को संपत्ति की तरह नहीं माना है। रिपोर्ट के मुताबिक डाटा के इस्तेमाल को ग्राहक से मंजूरी लेनी होगी। अगर कोई मंजूरी नहीं देता और कोई उसके डाटा में सेंध लगाती है तो जुर्माना और सजा का प्रावधान किया गया है। 


नया कानून आरबीआई के नियमों से ऊपर रहेगा
समिति ने जोर दिया कि डाटा स्टोर देश में ही हो। अगर किसी अन्य देश में स्टोर किया जाए तो उसका प्रतिरूप भारत में रहे। सुप्रीम कोर्ट के जज, सेना समेत अन्य का अहम डाटा देश में ही रखना होगा। डाटा संरक्षण पर बनाया जाने वाला कानून रिजर्व बैंक के नियमों से ऊपर होगा। 

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