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पेगासस निगरानी सूची: जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और अनिर्बान की भी हुई जासूसी
Wed, 21 Jul 2021 03:48 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 21 Jul 2021 03:48 AM IST
सार
- आंबेडकर कार्यकर्ता अशोक भारती, दिल्ली विवि के प्रोफेसर सरोज गिरि की भी जासूसी का अंदेशा
- एनएसओ ग्रुप के किसी एक ग्राहक की इन कार्यकर्ताओं में दिलचस्पी के संकेत
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जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय मीडिया कंसोर्टियम की रिपोर्ट में मंगलवार को खुलासा हुआ कि जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य, बंज्योत्सना लाहिड़ी और कई प्रमुख भारतीय कार्यकर्ताओं के नाम इस्राइली जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस की निगरानी सूची में थे, जिनसे जुडे़ फोन नंबरों की जासूसी कराई जा रही थी।
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रिपोर्ट के मुताबिक, इस सूची में आंबेडकर कार्यकर्ता अशोक भारती, नक्सल प्रभाव वाले इलाकों में जीवन गुजारने वाली बेला भाटिया, रेलवे यूनियन नेता शिव गोपाल मिश्रा और दिल्ली के मजदूर अधिकार कार्यकर्ता अंजनी कुमार भी शामिल थे।
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मीडिया समूह की तीसरी रिपोर्ट के मुताबिक, कोयला खनन विरोधी कार्यकर्ता आलोक शुक्ला, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सरोज गिरि, बस्तर के शांति मिशन कार्यकर्ता शुभ्रांशु चौधरी और बिहार की कार्यकर्ता इप्सा शताक्षी की भी जासूसी कराए जाने का अंदेशा जताया जा रहा है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल फॉरेंसिक कराए बिना यह कहना संभव नहीं है कि उनके फोन हैक किए गए थे या फोन के साथ छेड़छाड़ की गई थी। लेकिन इन कार्यकर्ताओं के नाम से साफ संकेत मिलते हैं कि एनएसओ ग्रुप के किसी एक अज्ञात ग्राहक की इन सभी व्यक्तियों में दिलचस्पी थी। गौरतलब है कि पेगासस स्पाईवेयर इस्राइली तकनीकी कंपनी एनएसओ ने ही तैयार किया है।
आंबेडकर महासभा के चेयरमैन हैं भारती
दलित अधिकार समूहों के मुख्य संगठन ऑल इंडिया आंबेडकर महासभा के चेयरमैन अशोक भारती ने 2 अप्रैल 2018 को सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ देशव्यापी भारत बंद का आह्वान किया था, जिसे उन्होंने अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार रोधी) कानून को कमजोर करने वाला फैसला करार दिया था। इस फैसले के विरोध में देशभर में व्यापक प्रदर्शन हुए और भारत बंद के दौरान 11 लोगों की जान गई थी जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे।
खालिद व अनिर्बाण पर है राष्ट्रदोह का आरोप
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र उमर खालिद और अनिर्बाण भट्टाचार्य उन लोगों में शामिल हैं जिन पर जेएनयू परिसर में देशविरोधी नारे लगाने के आरोप लगे थे।
व्हाट्सएप ने 2019 में ही जताई थी आशंका
व्हाट्सएप ने 2019 में ही आशंका जताई थी कि सरोज गिरि, बेला भाटिया, अशोक शुक्ला और शुभ्रांशु चौधरी के मोबाइल फोन पर पेगासस हमला हुआ है और इस कारण कंपनी की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।