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Pegasus Case: पेगासस का मामला फिर पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के आधार पर नई अर्जी

Sun, 30 Jan 2022 12:15 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 30 Jan 2022 12:15 PM IST
सार

पेगासस मामले की जांच के लिए न्यूयॉर्क टाइम्स ( New York Times) की खबर को आधार बनाकर सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी दी गई है।  

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Pegasus Case Supreme Court New York times Fir, New York Times
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

पेगासस मामले के याचिकाकर्ताओं में से एक वकील एमएल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में नया आवेदन दाखिल किया है। शर्मा ने न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी खबर पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए पूर्व जज की निगरानी में पहले ही एक कमेटी बना रखी है। 

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न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के बाद सियासी बवाल, केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप
दरअसल, अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सरकार ने 2017 में इस्राइल का जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस खरीदा था। इसमें कहा गया है कि मोदी सरकार ने पांच साल पहले दो अरब डॉलर (करीब 15 हजार करोड़ रुपये) का जो रक्षा सौदा इस्राइल से किया था, उसमें पेगासस स्पाईवेयर की खरीद भी शामिल थी। इस रक्षा डील में भारत ने कुछ हथियारों के साथ एक मिसाइल सिस्टम भी खरीदा था। 
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 अमेरिका की जांच एजेंसी ने भी पेगासस की खरीद की थी: न्यूयॉर्क टाइम्स
अखबार ने अपनी सालभर लंबी चली जांच के बाद खुलासा किया है कि अमेरिका की जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने भी इस्राइल की एनएसओ फर्म से पेगासस की खरीद की थी। एफबीआई ने इसे घरेलू निगरानी के लिए इस्तेमाल करने की योजना के तहत इसकी कई वर्षों तक टेस्टिंग भी की, लेकिन पिछले साल एजेंसी ने पेगासस का उपयोग बंद करने का फैसला किया। हालांकि, रिपोर्ट में यह साफ नहीं है कि एफबीआई का यह फैसला पेगासस का राज खुलने से पहले आया या बाद में। 

जुलाई 2021 में हुआ था पेगासस को लेकर खुलासा
जुलाई 2021 में मीडिया समूहों के एक कंसोर्शियम ने खुलासा किया था कि यह स्पाईवेयर दुनियाभर के कई देशों में पत्रकारों-व्यापारियों की जासूसी के लिए इस्तेमाल हो रहा है। भारत में भी इसके जरिए कई नेताओं और बड़े नामों की जासूसी की बात कही गई थी। 

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के बाद कांग्रेस हुई हमलावर
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर चौतरफा हमला किया। सरकार पर संसद को धोखा देने, सुप्रीम कोर्ट को धोखा देने, लोकतंत्र का अपहरण करने और देशद्रोह में शामिल होने का आरोप लगाया। एक मीडिया रिपोर्ट ने दावा किया है कि भारत ने 2017 में एक रक्षा सौदे के हिस्से के तौर पर इस्रायल से पेगासस स्पाइवेयर खरीदा है। 


कांग्रेस ने कहा कि वह अगले सप्ताह से शुरू हो रहे बजट सत्र में इस मुद्दे को उठाएगी और संसद के पटल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार से जवाबदेही की मांग करेगी। प्रमुख विपक्षी दल ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले का स्वत: संज्ञान लेने और सरकार के खिलाफ जानबूझकर और जानबूझकर इसे धोखा देने के प्रयास के लिए उचित दंडात्मक कार्यवाही शुरू करने का भी आग्रह किया।

रिपोर्ट का संज्ञान ले जस्टिस रवींद्रन कमेटी: एडिटर्स गिल्ड एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पेगासस मामले की जांच के लिए गठित जस्टिस आरवी रवींद्रन कमेटी से रविवार को अनुरोध किया कि भारत-इस्राइल रक्षा सौदे के तहत पेगासस की खरीद के बारे में न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी खबर का संज्ञान ले और इस बारे में सरकार और उन मंत्रालयों से जवाब मांगे जो 2017 के कथित सौदे में शामिल थे। कमेटी को लिखे पत्र में यह मांग भी की गई है कि कमेटी की कार्यवाही आम जनता के लिए खुली रखी जाए ताकि गवाहों को बुलाने और उनसे होने वाले सवाल-जवाब को लेकर पूरी पारदर्शिता बनी रहे।

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