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फर्जी सैन्य ठिकाने चलाने के नाम पर 54 लाख का बिल पास कराया
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Thu, 11 Jan 2018 04:44 AM IST
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India Pakistan Border
- फोटो : File Photo
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सीबीआई ने 53.63 लाख रुपये के फर्जी बिल पास कराने के आरोप में डिफेंस अकाउंट के दो कर्मचारियों और एक नागरिक के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने एक ऐसे सैन्य अड्डे को चलाने के नाम पर बिल पास करवाया, जिसका वजूद ही नहीं था। सूत्रों ने बताया कि इस फर्जीवाड़े का पता पिछले साल उस वक्त चला, जब अन्य सैन्य ठिकाने चलाने के लिए एक करोड़ का ऐसा ही फर्जी बिल पास कराने के लिए जमा करवाया गया।
उत्तरी कमान स्थित डिफेंस अकाउंट के प्रधान नियंत्रक की ओर से दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रिकॉर्ड क्लर्क अश्विनी कुमार और सतीश कुमार से एक निजी व्यक्ति ने छल से 2016 में यह बिल पास करवा लिया था। शिकायत में कहा गया है कि धोखेबाजों ने कहा कि गुवाहाटी से एक नई यूनिट 604एसआईयू जम्मू डिफेंस अकाउंट कार्यालय के ऑडिट अधिकार क्षेत्र में आ गई है।
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उत्तरी कमान स्थित डिफेंस अकाउंट के प्रधान नियंत्रक की ओर से दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रिकॉर्ड क्लर्क अश्विनी कुमार और सतीश कुमार से एक निजी व्यक्ति ने छल से 2016 में यह बिल पास करवा लिया था। शिकायत में कहा गया है कि धोखेबाजों ने कहा कि गुवाहाटी से एक नई यूनिट 604एसआईयू जम्मू डिफेंस अकाउंट कार्यालय के ऑडिट अधिकार क्षेत्र में आ गई है।
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एक करोड़ के बिल पास कराने के दौरान हुआ भंडाफोड़
सेना
उन्होंने 53.63 लाख के तीन बिल जमा किए। उसके साथ ऑडिट की औपचारिकता सहित कथित रूप से गुवाहाटी डिफेंस अकाउंट नियंत्रक कार्यालय का अथॉरिटी लेटर भी संलग्न था। वह बिल मार्च, 2016 के अंत में जमा करवाया गया था और उस समय पास कराने के लिए बिल का अंबार रहता है। ऐसे में संभव है कि कुछ अधिकारियों की सांठगांठ से वह पास हो गया हो। उस बिल में जम्मू का बैंक खाता अंकित था और राशि उसी खाते में हस्तांतरित करने का निवेदन किया गया था।
मार्च, 2017 में उसी तरह का एक करोड़ रुपये का एक बिल फर्जी आर्मी यूनिट के नाम पर जमा करवाया गया और उसका भुगतान रोक दिया गया। ऐसे सभी बिल की जांच की गई और उसमें जम्मू के अधिकारियों के कथित फर्जीवाड़े का पता चला। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने रणबीर पीनल कोड के तहत रिकॉर्ड क्लर्क अश्विनी कुमार और सतीश कुमार के खिलाफ आपराधिक साजिश, ठगी और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
मार्च, 2017 में उसी तरह का एक करोड़ रुपये का एक बिल फर्जी आर्मी यूनिट के नाम पर जमा करवाया गया और उसका भुगतान रोक दिया गया। ऐसे सभी बिल की जांच की गई और उसमें जम्मू के अधिकारियों के कथित फर्जीवाड़े का पता चला। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने रणबीर पीनल कोड के तहत रिकॉर्ड क्लर्क अश्विनी कुमार और सतीश कुमार के खिलाफ आपराधिक साजिश, ठगी और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।