राज ठाकरे को परिकर की दो टूक, सेना नहीं लेती जबरदस्ती का दान
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फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ को बिना बाधा के रिलीज करने की मनसे की शर्तों में से सेना को दान देने वाली शर्त पर रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने सख्त ऐतराज जताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना के लिए दान पूरी तरह स्वैच्छिक है और वह किसी पर दबाव डाला जाना को पसंद नहीं करते।
बता दें कि मनसे ने पाकिस्तानी कलाकारों को लेकर फिल्म बनाने वाले फिल्म निर्माताओं से सेना कल्याण कोष (आर्मी वेलफेयर फंड) में पांच करोड़ रुपये दान देने को कहा था। सेना ने खुद को राजनीति में घसीटे जाने पर नाखुशी जताई थी।
सेना स्वेच्छा से दान लेती है
रक्षा मंत्री ने मंगलवार को यहां नौसेना कमांडरों की एक बैठक से इतर कहा, अवधारणा स्वैच्छिक दान की है न कि किसी पर दबाव डाल कर लेने की..। हम इसे पसंद नहीं करते। नवगठित ‘बैटल कैजुअल्टी फंड’ का गठन यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि जो लोग शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए स्वेच्छा से दान देना चाहते हैं, वह दान दे सकें। यह पूरी तरह स्वैच्छिक अनुदान है और इसके लिए दान देने की किसी भी मांग से हमारा संबंध नहीं है।
परिकर ने कहा कि मंत्रालय एक योजना बना रहा है जिसके जरिए शहीदों के सभी परिवारों की समान मदद की जाएगी। बता दें कि उड़ी हमले के बाद पाकिस्तानी कलाकारों के बॉलीवुड में काम करने को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। ऐसे में ‘ऐ दिल है मुश्किल’ को रिलीज की अनुमति तब दी गई जब इसके निर्माता मनसे प्रमुख राज ठाकरे की तीन शर्तें मानने को तैयार हो गए।