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संसदीय पैनल ने SSC से कहा- कोई कोर कसर न छोड़ें, भ्रष्टाचार से मुक्त होनी चाहिए परीक्षाएं

Sun, 25 Mar 2018 09:42 PM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Sun, 25 Mar 2018 09:42 PM IST
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Parliamentary panel statement over ssc question paper leak issue

संसद की एक समिति ने सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली परीक्षाओं की शुचिता को हर कीमत पर बनाए रखने पर जोर दिया है। समिति ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) से कहा है कि वह यह सुनिश्चित करने में कोई कोर कसर न छोड़ें कि परीक्षाएं हर तरह के भ्रष्टाचार से मुक्त हों। 

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केंद्र सरकार की विभिन्न नौकरियों के लिए एसएससी परीक्षा के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करती है। पिछले पांच साल में पूरी तरह या आंशिक तौर पर नौ परीक्षाएं रद्द की जा चुकी हैं। हाल ही में एसएससी ने संयुक्त स्नातक स्तर (ग्रेड-2) परीक्षा 2017 के पेपर लीक होने के आरोपों की सीबीआई जांच की सिफारिश की है।
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कार्मिक, लोक शिकायत, कानून एवं न्याय संबंधी मामलों की संसद की स्थायी समिति से जुड़े विभाग ने हाल ही में संसद में रखी रिपोर्ट में कहा है कि इस तरह परीक्षाओं का रद्द होना उम्मीदवारों और सरकार के प्रयासों एवं संसाधनों का पूरी तरह बर्बाद होने जैसा है। इससे लोगों की निगाह में आयोग की छवि भी खराब होती है। 
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नौकरी की चाह में लोग इन परीक्षाओं की तैयारी में अपना कीमती वक्त लगाते हैं और जीतोड़ प्रयास करते हैं। वहीं दूसरी तरफ आयोग का समय और पैसा दोनों खर्च होता है। वहीं चयनित उम्मीदवारों के लिए विभिन्न विभागों का इंतजार और लंबा खिंच जाता है। इसलिए, समिति की सिफारिश है कि पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परीक्षा प्रक्रिया भ्रष्टाचार और तकनीकी खामियों से मुक्त हो। 

समिति को लगता है कि इन परीक्षाओं की प्रक्रिया की शुचिता हर कीमत पर बनाई रखे जानी चाहिए। इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि आम लोगों और खासतौर पर परीक्षा देने वालों का भरोसा बना रहे।

तकनीकी सहायता देने वाली कंपनियों पर रखी जाए नजर 
समिति की सिफारिश है कि अब जबकि परीक्षाएं ऑनलाइन होने लगी हैं। इन परीक्षाओं को कराने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी इंफ्रास्ट्रक्चर का जिम्मा निजी संस्थाओं/लैब और तकनीकी सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों को दिया जा रहा है, ऐसे में आयोग की ओर से इन कंपनियों पर करीब से नजर रखी जानी चाहिए।


परीक्षा केंद्रों में निगरानी के लिए पर्याप्त संख्या में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तैनाती की जानी चाहिए। इसके साथ ही परीक्षाओं को फूलप्रूफ बनाने के लिए हॉर्डवेयर और सॉफ्टवेयर का सरकारी एजेंसियों से निरंतर ऑडिट कराया जाना चाहिए। 

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