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संसद सत्र : एमएसपी कानून पर चर्चा के लिए आए नोटिस हुए खारिज, यहां जाने क्या-क्या हुआ कामकाज
Sat, 04 Dec 2021 06:30 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 04 Dec 2021 06:30 AM IST
सार
राज्यसभा सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा, मैंने ये नोटिस नहीं स्वीकारे हैं क्योंकि इन मुद्दों को सदन में उठाने के लिए अन्य व्यवस्था भी हैं।
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राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राज्यसभा सभापति एम वेंकैया नायडू ने नगर पालिका चुनाव और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानून बनाने के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए नियम 267 के तहत दिए गए नोटिस खारिज कर दिए।
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सभापति के मुताबिक, कांग्रेस सांसद जयराम रमेश और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मनोज कुमार झा ने नियमित कामकाज रोककर नगर पालिका चुनावों पर चर्चा करने के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिये थे।
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वहीं, कांग्रेस के दीपेंन्द्र सिंह हुड्डा और माकपा सदस्य वी शिवादासन ने एमएसपी पर कानून बनाने को लेकर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिए थे। नायडू ने कहा, मैंने ये नोटिस नहीं स्वीकारे हैं क्योंकि इन मुद्दों को सदन में उठाने के लिए अन्य व्यवस्था भी हैं।
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संसद से 3.73 लाख करोड़ अतिरिक्त खर्च की अनुमति मांगी
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद में वर्तमान वित्त वर्ष के लिए 3.73 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च की अनुमति मांगी। इसमें से 62 हजार करोड़ रुपये एआईएएचएल कंपनी में डाले जाएंगे।
एयर इंडिया को टाटा समूह को बेचे जाने के बाद उसकी अनुसंगी इकाइयां और उसकी देनदारियां इसी कंपनी के पास हैं। अतिरिक्त खर्च की जो अनुमति मांगी गई है उसमें सरकार ने 58430 करोड़ रुपये अतिरिक्त खाद सब्सिडी, 52123 करोड़ रुपये लंबित निर्यात इंसेंटिव के भुगतान और 22039 करोड़ रुपये राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी फंड के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय को देने की बात कही है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज ने अनुपूरक मांग का विधेयक लोकसभा में जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अनुपूरक डिमांड फॉर ग्रांट राज्य सभा में पेश किया। अन्य अतिरिक्त खर्चों में 49805 करोड़ रुपये खाद्य और जन वितरण विभाग को, 2400 करोड़ रुपये वाणिज्य मंत्रालय को, करीब 5 हजार करोड़ रुपये रक्षा और 4 हजार करोड़ रुपये गृह मंत्रालय के लिए रखे गए हैं।
अमेरिका फिर बना सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार
अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय कारोबार के मामले में अमेरिका फिर से भारत का सबसे बड़ा साझेदार बन गया है। दोनों के बीच 6,741 करोड़ डॉलर यानी करीब 5.08 लाख करोड़ रुपए का कारोबार अप्रैल से अक्तूबर 2021 के बीच हुआ। यह भारत के कुल कारोबार का 11.98 प्रतिशत है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने यह जानकारी राज्य सभा में एक सवाल के जवाब में दी।
उल्लेखनीय है कि 2018-19 से अमेरिका भारत का सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार बन गया था, लेकिन 2020-21 में कोविड-19 की वजह से इसमें गिरावट आई। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि देश की जीडीपी में सेवा एवं उत्पाद निर्यात का योगदान 2019-20 के 18.4 प्रतिशत से बढ़कर 2020-21 में 18.7 प्रतिशत हो गया।
पिछले साल अप्रैल से सितंबर में यह 19.4 प्रतिशत था, लेकिन इस वर्ष पहले छह महीनों में 21.7 प्रतिशत दर्ज हुआ है। पटेल ने बताया कि दालों का आयात मौजूदा वित्त के पहले छह महीने में घटा है। यह 10,39,861 टन से 10,34,491 टन पर दर्ज हुआ। वहीं 2019-20 में 28,98,078 टन दाल आयात हुआ था, यह 2020-21 में घटकर 24,66,156 टन रहा।
ईडी और सीबीआई प्रमुखों का कार्यकाल बढ़ाने वाले बिल पेश
केंद्रीय जांच एजेंसियों प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई के प्रमुखों का कार्यकाल पांच साल तक वाले केंद्रीय सतर्कता आयोग संशोधन और दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पेश हो गए। विपक्ष ने दोनों विधेयकों को असांविधानिक बताते हुए इनका तीखा विरोध किया, जबकि सरकार ने बदली परिस्थितियों में इसे जरूरी करार देते हुए अध्यादेश के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
प्रश्नकाल के बाद दोनों विधेयकों को पेश किए जाने का विरोध करते हुए कांग्रेस के सांसद शशि थरूर, टीएमसी के सौगत राय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट व्याख्या के बावजूद सरकार ने एक पदाधिकारी को उपकृत करने के लिए विधेयक लेकर आई है।
इस पर कार्मिक मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अधिकारियों को सेवा विस्तार देना नई बात नहीं है। पूर्ववर्ती सरकारों ने कई बार नियम-कायदे ताक पर रखकर सेवा विस्तार दिया था। यह सरकार इसे नियम के दायरे में लाना चाहती है।