एससी-एसटी आरक्षण 10 साल बढ़ाने वाले संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी
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Thu, 12 Dec 2019 06:27 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 12 Dec 2019 06:27 PM IST
खास बातें
कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक संसद से पारित होने के बाद पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में हिंसा फैल रही है। वहां सेना तैनात की गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर पूर्व के राज्यों में इंटरनेट बंद है और हालात कश्मीर जैसे होते दिख रहे हैं। कांग्रेस नेता चौधरी ने इस संबंध में बांग्लादेश के विदेश मंत्री के एक बयान का भी उल्लेख किया जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि हमारा देश और यह संसद हमारे संविधान से चलते हैं। कोई दूसरा देश हमें निर्देशित नहीं कर सकता।
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लोकसभा (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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लाइव अपडेट
06:17 PM, 12-Dec-2019
लोकसभा में गुरूवार को भाजपा और द्रमुक के सदस्यों के बीच संस्कृत और तमिल भाषा के मुद्दे पर नोकझोंक की स्थिति बन गई जहां केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और भाजपा सांसद सत्यपाल सिंह ने संस्कृत को वैज्ञानिक भाषा और सभी भाषाओं की जननी कहा तो द्रमुक ने इसका विरोध करते हुए कहा कि तमिल भाषा संस्कृत से नहीं निकली है।
लोकसभा में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने देश में तीन संस्कृत संस्थानों जिन्हें मानद विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त है, को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय बनाने के प्रावधान वाला ‘केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक, 2019’ चर्चा और पारित किए जाने के लिए रखा।
06:05 PM, 12-Dec-2019
एससी-एसटी आरक्षण 10 साल बढ़ाने वाले संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी
संसद ने गुरुवार को लोकसभा और राज्यों की विधानसभा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों को दिए गए आरक्षण को दस साल बढ़ाकर 2030 तक करने के प्रावधान वाले संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी। राज्यसभा ने संविधान (126वां संशोधन) विधेयक-2019 को उच्च सदन में मौजूद सभी 163 सदस्यों के मतों से मंजूरी प्रदान की। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। एससी व एसटी वर्ग को लोकसभा एवं राज्यों की विधानसभा में दिए गये आरक्षण की वर्तमान सीमा 25 जनवरी 2020 को समाप्त हो रही है। इस विधेयक में लोकसभा में एंग्लो इंडियन समुदाय के दो और 13 विधानसभाओं में एक-एक प्रतिनिधि को मनोनीत करने के बारे में कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
संसद ने गुरुवार को लोकसभा और राज्यों की विधानसभा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों को दिए गए आरक्षण को दस साल बढ़ाकर 2030 तक करने के प्रावधान वाले संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी। राज्यसभा ने संविधान (126वां संशोधन) विधेयक-2019 को उच्च सदन में मौजूद सभी 163 सदस्यों के मतों से मंजूरी प्रदान की। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। एससी व एसटी वर्ग को लोकसभा एवं राज्यों की विधानसभा में दिए गये आरक्षण की वर्तमान सीमा 25 जनवरी 2020 को समाप्त हो रही है। इस विधेयक में लोकसभा में एंग्लो इंडियन समुदाय के दो और 13 विधानसभाओं में एक-एक प्रतिनिधि को मनोनीत करने के बारे में कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
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01:49 PM, 12-Dec-2019
लोकसभा में दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता दूसरा संशोधन विधेयक 2019 पेश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता दूसरा संशोधन विधेयक 2019 पेश किया। दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, 2016 का और संशोधन करने के लिए लाये गये इस विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को ही मंजूरी दी है। इससे पहले संहिता में तीन संशोधन हो चुके हैं।
01:49 PM, 12-Dec-2019
भारत की मंगल ग्रह पर मानवयुक्त मिशन भेजने की कोई योजना नहीं
भारत की मंग्रल ग्रह पर मानवयुक्त मिशन भेजने की कोई योजना नहीं है और इसके लिए अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि इस समय मंग्रल ग्रह पर मानवयुक्त मिशन भेजने की कोई योजना नहीं है।01:33 PM, 12-Dec-2019
हम केंद्र, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को धन्यवाद देते हैं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भैय्याजी जोशी ने कहा, 'हम नागरिकता संशोधन विधेयक लाने के साहसिक कदम के लिए केंद्र, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देना चाहते हैं। भारत में रहने वाले शरणार्थियों (अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से) को सम्मानजनक स्थान देना वर्तमान सरकार की एक बड़ी पहल है। हम उनका स्वागत करते हैं।'Bhaiyyaji Joshi, RSS: We want to thank Centre, PM & HM Amit Shah for the courageous step of bringing #CitizenshipAmendmentBill. It is a big initiative of present govt to give honorable place to refugees (from Afghanistan, Pakistan and Bangladesh) living in India. We welcome them. pic.twitter.com/Lzqjlb9Yku
— ANI (@ANI) December 12, 2019
01:14 PM, 12-Dec-2019
सरकार ने कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार
कांग्रेस ने नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होने के बाद लोकसभा में गुरूवार को पूर्वोत्तर क्षेत्र में हिंसा भड़कने का दावा किया, जिस पर सरकार ने कहा कि उत्तर पूर्वी राज्यों में मुख्य विपक्षी दल हिंसा भड़का रहा है। कांग्रेस, द्रमुक और तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सदन से वाकआउट किया।
सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक संसद से पारित होने के बाद पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में हिंसा फैल रही है। वहां सेना तैनात की गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर पूर्व के राज्यों में इंटरनेट बंद है और हालात कश्मीर जैसे होते दिख रहे हैं। कांग्रेस नेता चौधरी ने इस संबंध में बांग्लादेश के विदेश मंत्री के एक बयान का भी उल्लेख किया जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि हमारा देश और यह संसद हमारे संविधान से चलते हैं। कोई दूसरा देश हमें निर्देशित नहीं कर सकता।
सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक संसद से पारित होने के बाद पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में हिंसा फैल रही है। वहां सेना तैनात की गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर पूर्व के राज्यों में इंटरनेट बंद है और हालात कश्मीर जैसे होते दिख रहे हैं। कांग्रेस नेता चौधरी ने इस संबंध में बांग्लादेश के विदेश मंत्री के एक बयान का भी उल्लेख किया जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि हमारा देश और यह संसद हमारे संविधान से चलते हैं। कोई दूसरा देश हमें निर्देशित नहीं कर सकता।
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01:14 PM, 12-Dec-2019
मंडी हाउस पर प्रदर्शन कर रहे दिव्यांगों को हटाए जाने का मुद्दा उठा
राज्यसभा में बसपा सांसद सतीश चंद्र मिश्र ने दिल्ली के मंडी हाउस पर पिछले 16 दिनों से प्रदर्शन कर रहे दिव्यांगों को ‘जबरन’ हटाए जाने का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि उनके साथ बर्बर व्यवहार किया गया। मिश्र ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाया और कहा कि उन लोगों को रेलवे में नौकरियों के लिए चयन हो गया था और उन्हें नियुक्तियां नहीं मिल रही हैं। वे अपने हक के लिए शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन अर्धसैनिक बल द्वारा उन्हें हटा दिया गया और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने रेल मंत्री से इस मुद्दे पर गौर करने और दिव्यांग लोगों को न्याय दिलाने की मांग की।01:01 PM, 12-Dec-2019
कांग्रेस सदस्य रिपुन वोरा ने राज्यसभा से वाकआउट किया
कांग्रेस सदस्य रिपुन वोरा ने अपना मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं मिलने पर गुरूवार को राज्यसभा से वाकआउट किया। उच्च सदन में शून्यकाल शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि उन्हें रिपुन वोरा और आप के संजय सिंह से नोटिस मिले हैं। उन्होंने दोनों नोटिसों को अस्वीकर करते हुए कहा कि उन मुद्दों पर कल चर्चा हो चुकी है। लेकिन वोरा लगातार अपना मुद्दा उठाने का प्रयास करते रहे। सभापति नायडू ने कहा कि उनकी बातें रिकार्ड में नहीं जाएंगी। इसके बाद रिपुन वोरा ने सदन से वाकआउट किया।
01:01 PM, 12-Dec-2019
सड़क निर्माण के लिए पेड़ों को काटने की बजाया उनका प्रतिरोपण होगा : गडकरी
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में कहा कि अब राजमार्गों के निर्माण के लिए पेड़ों को काटने की बजाय उनके प्रतिरोपण (ट्रांसप्लांटेशन) का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि हमने निर्णय लिया है कि पेड़ों काटा नहीं जाएगा और इनका प्रतिरोपण होगा। इससे सड़क के निर्माण में देरी नहीं होगी और पर्यावरण संरक्षण भी होगा। गडकरी ने कहा कि पेड़ों के प्रतिरोपण के लिए स्थानीय अभियंताओं की मदद ली जा सकती है। एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने सड़कों के निर्माण के लिए पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश को 55 हजार करोड़ रुपये दिए हैं जो खर्च भी हुए हैं। सबसे ज्यादा पैसे उत्तर प्रदेश को दिए गए हैं।
01:01 PM, 12-Dec-2019
लोकसभा में दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (दूसरा संशोधन) विधेयक 2019 पेश।