फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Parliament Panel on home affairs chairperson Anand Sharma writes to Amit Shah for taking effective steps to curb hate speech

संसदीय समिति के अध्यक्ष की मांग: 'नफरती भाषणों को रोकने के लिए कदम उठाएं गृह मंत्री, जरूरत पड़े तो कानून में करें बदलाव'

Thu, 20 Jan 2022 07:15 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Thu, 20 Jan 2022 07:15 PM IST
सार

राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता ने कहा कि अगर जरूरत पड़े तो गृह मंत्रालय को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और दण्ड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में भी संशोधन का प्रस्ताव देना चाहिए, ताकि नफरती भाषणों की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

विज्ञापन
Parliament Panel on home affairs chairperson Anand Sharma writes to Amit Shah for taking effective steps to curb hate speech
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखी चिट्ठी। - फोटो : Social Media

विस्तार

गृह मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष आनंद शर्मा ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने शाह से मांग की है कि वे नफरती भाषणों (हेट स्पीच) पर लगाम लगाने के लिए कुछ प्रभावी कदम उठाएं। कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता ने मांग की कि गृह मंत्री इस बारे में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) को निर्देश दें। ताकि वे ऐसे नफरती बयान देने वालों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई करें। 
विज्ञापन


राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता ने कहा कि अगर जरूरत पड़े तो गृह मंत्रालय को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और दण्ड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में भी संशोधन का प्रस्ताव देना चाहिए, ताकि नफरती भाषणों की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
विज्ञापन


आनंद शर्मा ने चिट्ठी के जरिए शाह का ध्यान हेट स्पीच की बढ़ती घटनाओं की तरफ खींचने की भी कोशिश की। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे भाषण नागरिकों के एक वर्ग को लक्षित कर के दिए जाते हैं। खासकर अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर निशाना साधते हुए। इसलिए ये काफी गंभीर चिंता की बात है। इतना ही नहीं ऐसे भाषण लोगों में जुनून पैदा करते हैं, जिससे असुरक्षा और अविश्वास का माहौल पैदा होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पत्र में कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ नफरत भरे बोल का इस्तेमाल धर्म, जाति और नस्ल के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता और वैमनस्य को बढ़ावा देने के हथियार के तौर पर किया जा रहा है। मेरे विचार में अगर इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह कानून के राज को कमजोर करेगा और हमारे नागरिकों के जीवन के मौलिक अधिकार, स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए खतरा पैदा करेगा।’’


शर्मा ने कहा, ‘‘मैं इसमें आपका तत्काल दखल चाहता हूं। यह आग्रह किया जाता है कि गृह सचिव को सलाह दी जाए कि वे राज्यों के मुख्य सचिवों एवं पुलिस महानिदेशकों को कानून-व्यवस्था लागू करने के संदर्भ में कड़े और ठोस कदम उठाने के लिए संवेदनशील बनाएं।’’ संसदीय समिति के प्रमुख ने कहा कि कुछ हालिया घटनाओं और हिंसा के सुनियोजित कृत्यों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियां बनी हैं। उनके मुताबिक, इससे देश की छवि धूमिल होती है तथा यह जरूरी है कि संविधान की मूल भावना की रक्षा की जाए।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed