Parliament Updates: 'चर्चा करते समय किसी संस्थान का नाम न लें', लोकसभा में कार्यवाही के दौरान बोले ओम बिरला
लोकसभा में कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मुद्दों पर चर्चा के दौरान किसी विशेष संस्थान या संगठन का नाम न लें।
विस्तार
अन्य संस्थानों का नाम न लें- ओम बिरला
सदन में सदस्यों से अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मैं आप सभी से अपील करता हूं कि किसी भी मुद्दे को उठाते समय किसी भी संस्थान का नाम ना लें। अगर आप लागातार ऐसा करेंगे तो इसका संसदीय प्रक्रियाओं पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। आप नीतिगत मुद्दों को उठात सकते हैं, जो बिल्कुल ठीक होगा, लेकिन किसी का नाम सही नहीं है। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग किसी भी मेडिकल कॉलेज में किसी भी चिकित्सा पाठ्यक्रम को मान्यता देने पर स्वतंत्र रूप से निर्णय लेता है।
मोदी सरकार में बढ़े है मेडिकल कॉलेज- एसपी सिंह बघेल
एसपी सिंह बघेल ने कहा कि 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही मेडिकल कॉलेज की संख्या 350 से बढ़कर 700 हो गई है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में सीटों में 100 प्रतिशत से अधिक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 126 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार देश के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की नीति का भी पालन कर रही है।
सदन की कार्यवाही के दौरान भाजपा के सांसद निशिकांत दुबने ने शुक्रवार को कांग्रेस पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उनके सहयोगी दल भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के प्रति अंधे हैं। यूपीए के 10 साल के कार्यकाल के दौरान केवल अपने कर्मों के बचानव करने के तरीके ढूंढ रहे हैं। निशिकांत दुबे ने कहा कि 1947 से 1990 के बीच की अवधि को लाइसेंस परमिट राज और 2004-2014 के बीच की अवधि को लूट राज कहा सकता है।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र पर चर्चा के दौरान निशिकांत दुबे ने दावा किया कि 2014 के बाद देश में राम राज आ गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सरकार चलाने के लिए कभी खुली छूट नहीं दी गई और कई बार उन्हें सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसलों की जानकारी नहीं होती थी। अपने भाषण के दौरान निशिकांत दुबे ने एक शीर्ष कांग्रेस नेता के रिश्तेदार का भी जिक्र किया, जिन्होंने उन पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया था।
संसद ने शुक्रवार को एक विधेयक पारित किया जिसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कदाचार और अनियमितताओं पर अंकुश लगाना है और इसमें अपराधों के लिए अधिकतम 10 साल की जेल की सजा और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। कुछ विपक्षी सदस्यों द्वारा प्रस्तावित संशोधनों को खारिज किए जाने के बाद विधेयक को राज्यसभा में ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। यह बिल 6 फरवरी को लोकसभा से पारित हो गया था।
राज्यसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2024 पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश की युवा शक्ति महत्वपूर्ण है और इस बात पर जोर दिया कि यह विधेयक उन लोगों को रोकने के लिए है जो उनके भविष्य के साथ खेल रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि योग्यता को गैर-योग्यता द्वारा हड़पने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
2023 में भारत-कनाडा व्यापार में 18 फीसदी की वृद्धि
भारत-कनाडा के बीच वस्तुओं का व्यापार 2023 के शुरुआती 10 महीनों में 8.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2022 में 6.9 अरब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 18.84 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। शुक्रवार को लोकसभा में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2023 (जनवरी से अक्तूबर) में कनाडा को भारत का निर्यात 4.1 खरब डॉलर था, जबकि 2022 में यह 3.76 खरब डॉलर था। उन्होंने कहा ये वृद्धि तब हुई है, जब दोनों देशों के बीच संबंधों में भारी गिरावट देखी जा रही है।
लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने को लेकर सरकार चिंतित
विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने को लेकर सरकार चिंतित है। भारत लाल सागर में नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन करता है। शुक्रवार को लोकसभा में विदेश राज्य मंत्री ने कहा, भारत क्षेत्र के घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है। भारतीय नौसेना समुद्र में जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात है।
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार यमन स्थित हूती आतंकवादी समूह को आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित करने पर विचार कर रही है, मुरलीधरन ने कहा, किसी संगठन को आतंकवादी घोषित करना गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत आता है। किसी भी संगठन को आतंकवादी घोषित करने पर संबंधित सरकारी विभाग अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार विचार करते हैं।
कृत्रिम मेधा के अलग बौद्धिक संपदा कानून का विचार नहीं : केंद्र
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जनित कंटेंट के लिए अलग से बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) कानून बनाने का कोई विचार नहीं है। शुक्रवार को राज्यसभा में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने इस संबंध में पूछे गए सवाल पर कहा कि पेटेंट और कॉपीराइट अधिनियम के तहत मौजूदा कानूनी ढांचा एआई जनित कार्यों और संबंधित नवाचारों की सुरक्षा के लिए उपयुक्त और सक्षम है। लिहाजा, इस संबंध किसी नए कानून पर विचार नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एआई जनित कंटेंट पर कॉपीराइट के लिए भी वही प्रक्रिया है, जो किसी मौलिक रचना पर लागू होती है।