फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   parliament-monsoon-session-government-opposition-deadlock-fcra-bill-jpc-discussion-amit-shah

Parliament: गतिरोध टूटा तो शाह आज देंगे संसद में जवाब, सरकार चढ़ावा चोरी पर भी चर्चा के लिए तैयार

Wed, 12 Aug 2026 03:23 AM IST
Devesh Tripathi अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Devesh Tripathi Updated Wed, 12 Aug 2026 03:23 AM IST
सार

सरकार छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी जैसे मुद्दों पर दोनों सदनों में बहस कराने को तैयार है। इसके बदले विपक्ष से संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने की अपेक्षा की गई है। प्रस्ताव में गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की बात भी कही गई है।

विज्ञापन
parliament-monsoon-session-government-opposition-deadlock-fcra-bill-jpc-discussion-amit-shah
अमित शाह दे सकते हैं संसद में बयान - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

मानसून सत्र में पहले दिन से जारी गतिरोध तोड़ने के लिए सरकार छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई के साथ राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर भी चर्चा के लिए तैयार है। सरकार ने विपक्ष की ओर से गतिरोध पूरी तरह तोड़ने की शर्त पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब देने का प्रस्ताव दिया।
विज्ञापन


दोनों सदनों और संसद परिसर में हालांकि मंगलवार को भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। परिसर में एनडीए सांसदों ने भी जवाबी प्रदर्शन किया। मगर इसी दौरान सरकार के वार्ताकारों ने विपक्षी दलों से अलग-अलग बात की। इसी दौरान कहा गया कि अगर विपक्ष गतिरोध तोड़ने पर राजी हुआ तो अंतिम दो बैठकों में दोनों मुद्दों पर सदन में चर्चा होगी और गृह मंत्री जवाब भी देंगे।
विज्ञापन

 
विपक्ष को सता रहा विशेष सत्र का भय
सरकार के प्रस्ताव से विपक्ष असमंजस में है। कांग्रेस व साथियों को लगता है कि दोनों मुद्दों पर चर्चा के बाद सरकार मानसून सत्र का समय बढ़ाकर परिसीमन बिल पेश कर सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एफसीआरए बिल जेपीसी को भेजने की तैयारी
सरकार परिसीमन बिल पर विपक्ष के डीएमके, एनसीपी (एसपी) जैसे कुछ दलों को साधने के लिए एफसीआरए बिल संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, बुधवार को विधेयक को लोकसभा में पेश कर इसे जेपीसी को भेजा जाएगा।

55,741 करोड़ मिले तीन साल में, निगरानी जरूरी
साल 2019-22 में 13,520 एनजीओ को 55,741 करोड़ रुपये विदेश से मिले। सरकार एफसीआरए कानून में बदलाव के जरिये ऐसी रकम की निगरानी चाहती है ताकि पैसा जिस मद में आए, वहीं खर्च हो।

FCRA बिल में किस तरह की नई व्यवस्था का प्रस्ताव है?
इस विधेयक का उद्देश्य एक ऐसी अथॉरिटी का गठन करना है, जो किसी संगठन का FCRA लाइसेंस रद्द होने की स्थिति में उसकी संपत्तियों के प्रबंधन और निपटान की प्रक्रिया संभाल सके। FCRA बिल का कड़ा विरोध कर रहे विपक्षी दलों का आरोप है कि इसके प्रावधान अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हैं। विपक्ष का कहना है कि विधेयक के कुछ प्रावधान ईसाई NGOs और अल्पसंख्यकों द्वारा संचालित सामाजिक कल्याण एवं शैक्षणिक संस्थानों के लिए मिलने वाली वैध विदेशी फंडिंग पर रोक लगा सकते हैं।


सरकार ने धार्मिक भेदभाव के आरोपों पर क्या कहा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित कानून किसी धर्म विशेष को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है। सरकार के मुताबिक, विधेयक का उद्देश्य देश में आने वाले विदेशी योगदान को विनियमित करना और उससे जुड़ी व्यवस्था को मजबूत करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed