फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   parliament diary updates panel flags delays in clearances for critical mineral projects

संसद डायरी: संसदीय पैनल ने खदानों के चालू होने में देरी पर जताई चिंता, केंद्र सरकार से की अपील

Thu, 18 Dec 2025 02:17 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 18 Dec 2025 02:17 PM IST
विज्ञापन
parliament diary updates panel flags delays in clearances for critical mineral projects
संसद डायरी में जानें संसद में दिनभर की कार्यवाही - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
एक संसदीय पैनल ने खदानों की नीलामी और उनके चालू होने के बीच होने वाली देरी पर चिंता जताई है। समिति ने सुझाव दिया है कि खनिज और महत्वपूर्ण खनिज परियोजनाओं के लिए नीलामी के बाद की प्रगति की निगरानी के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समिति गठित की जाए। पैनल ने इस बात पर भी जोर दिया कि महत्वपूर्ण खनिज परियोजनाओं को जरूरी वैधानिक मंजूरी में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
विज्ञापन


समिति ने कहा कि खदानों में काम शुरू करने की रेगुलेशन क्लीयरेंस की प्रक्रिया बहुत लंबी है। जिससे खदान की नीलामी से लेकर खदान में काम शुरू करने के बीच लंबा वक्त लगता है। सरकार को इसमें दखल देने की जरूरत है। ये सुझाव कोयला, खदान और स्टील मामलों की संसदीय समिति ने अपनी हालिया रिपोर्ट में दिए हैं। कहा गया है कि खदानों के संचालन में देरी पर पेनल्टी लगनी चाहिए और उत्पादन में तेजी लाने के उपायों पर विचार किया जाना चाहिए। हालांकि समिति ने ये भी माना कि साल 2015 से 2023 के बीच नीतियों में कई सुधार किए गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2015 से अब तक 486 खनिज ब्लॉक की नीलामी हुई है, जिनमें से 462 की नीलामी राज्यों ने और 24 की केंद्र सरकार ने की है।  
विज्ञापन



 

राज्यसभा में उठा रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या का मुद्दा 

राज्यसभा में गुरुवार को झारखंड जैसे राज्यों में मातृत्व स्वास्थ्य योजनाओं की कमी का मुद्दा उठा। एक सांसद ने सदन में उत्तर प्रदेश में रेलवे क्रॉसिंग पर इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और इसके चलते भारी जाम लगने की समस्या का मुद्दा उठाया। शून्य काल के दौरान भाजपा सांसद संगीत बलवंत ने कहा कि रेलवे क्रॉसिंग पर देर तक गेट बंद होने के चलते जाम की समस्या पैदा होती है, जिससे हर रोज हजारों लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर ओवरब्रिज बनाने की मांग की। 

झामुमो की सांसद महुआ माझी ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को लेकर चिंता जाहिर की। इस योजना का उद्देश्य गर्भावस्था के खतरों और गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की मौतों की संख्या को कम करना है। झामुमो सांसद ने कहा कि कई राज्यों को इस योजना के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टर और अन्य सुविधाएं मिली हैं, लेकिन झारखंड जैसे राज्य अभी भी संघर्ष कर रहे हैं। सांसद ने केंद्र से योजना के तहत संसाधनों के समान वितरण की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मातृत्व की सुरक्षा किसी राज्य या पार्टी की चिंता नहीं है ब्लकि यह संविधान के तहत मिला सामाजिक न्याय का सवाल है। 

पीएम और मुख्यमंत्रियों को हटाने वाले विधेयकों पर संसदीय समिति को समय बढ़ा
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने से जुड़े विधेयकों की जांच कर रही संसदीय समिति को अपनी रिपोर्ट देने के लिए और समय मिल गया है। गुरुवार को लोकसभा में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया। संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की अध्यक्ष अपराजिता सारंगी ने लोकसभा में प्रस्ताव रखा कि समिति को बजट सत्र 2026 के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक रिपोर्ट सौंपने की अनुमति दी जाए। यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पास हो गया। आमतौर पर बजट सत्र अप्रैल के पहले सप्ताह में समाप्त होता है। समिति का मौजूदा कार्यकाल जल्द खत्म होने वाला था, जबकि अब तक उसकी सिर्फ एक ही बैठक हो पाई है।

यह संयुक्त समिति संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकार (संशोधन) विधेयक पर विचार कर रही है। इस महीने की शुरुआत में समिति ने उन राजनीतिक दलों को भी आमंत्रित करने का फैसला किया था, जिन्होंने अब तक बैठकों का बहिष्कार किया है। कई विपक्षी दलों का कहना है कि ये विधेयक दोष सिद्ध होने तक निर्दोष माने जाने के कानूनी सिद्धांत के खिलाफ हैं। उनका आरोप है कि गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के बाद अगर एक महीने के भीतर जमानत नहीं मिलती, तो प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को अपने आप पद से हटा दिया जाएगा, जो गलत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed