{"_id":"610458c58ebc3e584206e51c","slug":"parliament-coconut-development-board-amendment-bill-2021-passed-by-rajya-sabha-amid-heavy-uproar","type":"story","status":"publish","title_hn":"संसद: भारी हंगामे के बीच नारियल विकास बोर्ड संशोधन विधेयक 2021 राज्यसभा ने किया पास ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
संसद: भारी हंगामे के बीच नारियल विकास बोर्ड संशोधन विधेयक 2021 राज्यसभा ने किया पास
Sat, 31 Jul 2021 01:23 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 31 Jul 2021 01:23 AM IST
सार
- ओडिशा में लंबा समुद्री तट होने के कारण अक्सर रहती है तूफान की समस्या
- कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, इस बिल का मकसद तटीय क्षेत्रों का विकास करना है
विज्ञापन
राज्यसभा
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विपक्ष के भारी हंगामे के बीच उच्च सदन ने शुक्रवार को नारियल विकास बोर्ड संशोधन विधेयक 2021 को पारित कर दिया। इसमें नारियल विकास बोर्ड अधिनियम, 1979 की धारा 4 में संशोधन कर एक गैर-कार्यकारी अध्यक्ष, एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी और बागवानी के एकीकृत विकास मिशन के प्रभारी व भारत सरकार के पदेन संयुक्त सचिव को बोर्ड का सदस्य बनाने का प्रावधान है।
विज्ञापन
बिल पर चर्चा के दौरान बीजद के मुजीबुल्ला खान ने कहा, इसमें तटीय क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ओडिशा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, वहां लंबा समुद्री तट है और अक्सर तूफान की समस्या रहती है। इसके चलते वह पिछड़ा राज्य है, लिहाजा ऐसे राज्यों को प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है। इसके बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा, इस बिल का मकसद तटीय क्षेत्रों का विकास करना है।
विज्ञापन
इससे नारियल की खेती करने वाले किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा। विपक्ष ने इस मुद्दे पर मत विभाजन की मांग की। इस पर उपसभापति हरिवंश ने कहा, पहले हंगामा कर रहे सदस्य अपने स्थान पर जाएं तभी मत विभाजन होगा।
विज्ञापन
इसके बाद भी सदन में हंगामा नहीं रुका और इसी शोरगुल में उपसभापति ने विधेयक को पारित करा दिया। इसके बाद भी सदन में विपक्ष का हंगामा नहीं रुका। इससे पहले कारपोरेट कार्य राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने सीमित दायित्व भागीदारी (संशोधन) विधेयक 2021 और वित्त राज्यमंत्री भगवत कराड ने बीमा और प्रत्यक्ष गारंटी निगम संशोधन विधेयक 2021 पेश किया।