फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Parliament: 61000 crores of loans got back to eleven banks, this amount was found in one-time settlement of more than 38 lakh cases

संसद : ग्यारह बैंकों को वापस मिले ऋण के 61000 करोड़, 38 लाख से ज्यादा मामलों के एकमुश्त निपटान में मिली इतनी राशि

Tue, 22 Mar 2022 06:27 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 22 Mar 2022 06:27 AM IST
सार

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सेवाओं के लिए संचित निधि से अतिरिक्त खर्च की मंजूरी के लिए राज्यसभा में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए विनियोग विधेयक (3) और वित्त वर्ष 2018-19 के लिए विनियोग विधेयक (2) पेश किया। विनियोग विधेयक पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने कहा, राजस्व बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा अमीरों और बड़े उद्योगपतियों को कर के दायरे में लाया जाए, लेकिन मध्य वर्ग और गरीबों को बख्श दें।

विज्ञापन
Parliament: 61000 crores of loans got back to eleven banks, this amount was found in one-time settlement of more than 38 lakh cases
loksabha - फोटो : PTI

विस्तार

सरकार ने सोमवार को संसद में बताया कि 11 बैंकों को चार साल में ऋण राशि के एकमुश्त निपटारे के तहत करीब 61,000 करोड़ रुपये वापस मिल गए। ये आंकड़े पिछले तीन साल और मौजूदा वित्त वर्ष के दिसंबर 2021 तक के हैं। वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड ने लोकसभा को बताया कि एनपीए हो चुके बैंकों के ऋण को समझौते के तहत निपटान या एकमुश्त निपटान के जरिये समाधान किया गया।

विज्ञापन
  • कराड ने बताया कि इस कदम से बैंकों को अपने फंड को तेजी से अर्थव्यवस्था में लाने में मदद मिली। दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देश के तहत बैंकों को ऋण वसूली नीति के लिए बोर्ड की मंजूरी जरूरी होती है।
  • विज्ञापन
  • उन्होंने कहा कि 11 राष्ट्रीयकृत बैंकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले तीन वित्तीय वर्ष में एकमुश्त निपटान के तहत 38,23,432 मामलों की मंजूरी मिली। इनमें सबसे ज्यादा पंजाब नेशनल बैंक के 8.87 लाख मामले थे।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन

कांग्रेस ने की अमीरों पर कर लगाए जाने की मांग
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सेवाओं के लिए संचित निधि से अतिरिक्त खर्च की मंजूरी के लिए राज्यसभा में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए विनियोग विधेयक (3) और वित्त वर्ष 2018-19 के लिए विनियोग विधेयक (2) पेश किया। विनियोग विधेयक पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने कहा, राजस्व बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा अमीरों और बड़े उद्योगपतियों को कर के दायरे में लाया जाए, लेकिन मध्य वर्ग और गरीबों को बख्श दें। गोहिल ने कहा कि समाज का यह वर्ग कोरोना महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुआ है, इसलिए इन पर कर न लगाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed