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Delhi: स्कूल फीस बिल के खिलाफ अभिभावकों का दिल्ली विधानसभा के बाहर प्रदर्शन, आप ने किया समर्थन
Tue, 05 Aug 2025 08:30 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 05 Aug 2025 08:30 PM IST
सार
दिल्ली सरकार स्कूल फीस बिल लेकर आई है। इस बिल के खिलाफ मंगलवार को अभिभावकों ने दिल्ली विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। अभिभावकों के प्रदर्शन का आम आदमी पार्टी ने समर्थन किया।
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आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज
- फोटो : ANI
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विस्तार
दिल्ली सरकार के स्कूल फीस बिल को लेकर अभिभावकों में आक्रोश है। मंगलवार को दिल्ली विधानसभा के बाहर बड़ी संख्या में अभिभावकों ने बिल के विरोध में प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं अभिभावकों के प्रदर्शन का आम आदमी पार्टी ने भी समर्थन किया। आप दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रदर्शन में शामिल होकर अभिभावकों की मांग का समर्थन किया।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली विधानसभा के पास चंदगी राम अखाड़ा पर अभिभावकों ने बढ़ी फीस वापस लो, स्कूल की मनमानी नहीं चलेगी, शिक्षा है व्यापार नहीं के नारे लगाए। अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद के इस्तीफे की मांग की। वहीं यूनाइटेड पैरेंट्स वॉयस के बैनर तले हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। आप दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में निजी स्कूलों में फीस तय करने को लेकर जो कानून लाया जा रहा है, उस बारे में अभिभावकों से कोई राय नहीं ली गई।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अभिभावकों की मांग है कि सभी प्राइवेट स्कूलों का ऑडिट कराया जाए। भाजपा सरकार कह रही है कि वह हर स्कूल का ऑडिट करा चुकी है। लेकिन नए कानून में स्कूलों के ऑडिट का कोई प्रावधान नहीं है। अगर स्कूल के खिलाफ शिकायत भी करनी होगी तो 15 फीसदी अभिभावकों की जरूरत पड़ेगी। अगर किसी स्कूल में तीन हजार बच्चे पढ़ रहे हैं तो 450 अभिभावक हस्ताक्षर करेंगे तभी स्कूल के खिलाफ शिकायत की जा सकती है।
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आप प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कमेटी के पास न कोई सीए है और ना कोई ऑडिटेट अकाउंट है तो प्राइवेट स्कूलों में फीस तय करने का फैसला कोई कमेटी कैसे करेगी? स्कूलों के टीचर कहेंगे कि हमारी सैलरी बढ़ानी है, तो अभिभावक इसमें क्या करेंगे? इसका साधारण तरीका यह था कि दिल्ली के 1677 स्कूलों का सरकार हर साल ऑडिट कराए। ऑडिट को सार्वजनिक किया जाए ताकि स्कूल को कितना फायदा या घाटा हुआ है, अभिभावकों को पता चल सके। इसके मुताबिक फीस घटाई या बढ़ाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने स्कूल फीस बिल में कई संशोधन करने के के लिए कई सुझाव दिए हैं। प्राइवेट स्कूल के खिलाफ शिकायत करने के लिए 15 फीसद अभिभावकों की अनिवार्यता को हटाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाा कि भाजपा प्राइवेट स्कूल मालिकों के साथ मिली हुई है।
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प्रदर्शन के दौरान दिल्ली विधानसभा के पास चंदगी राम अखाड़ा पर अभिभावकों ने बढ़ी फीस वापस लो, स्कूल की मनमानी नहीं चलेगी, शिक्षा है व्यापार नहीं के नारे लगाए। अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद के इस्तीफे की मांग की। वहीं यूनाइटेड पैरेंट्स वॉयस के बैनर तले हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। आप दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में निजी स्कूलों में फीस तय करने को लेकर जो कानून लाया जा रहा है, उस बारे में अभिभावकों से कोई राय नहीं ली गई।
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सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अभिभावकों की मांग है कि सभी प्राइवेट स्कूलों का ऑडिट कराया जाए। भाजपा सरकार कह रही है कि वह हर स्कूल का ऑडिट करा चुकी है। लेकिन नए कानून में स्कूलों के ऑडिट का कोई प्रावधान नहीं है। अगर स्कूल के खिलाफ शिकायत भी करनी होगी तो 15 फीसदी अभिभावकों की जरूरत पड़ेगी। अगर किसी स्कूल में तीन हजार बच्चे पढ़ रहे हैं तो 450 अभिभावक हस्ताक्षर करेंगे तभी स्कूल के खिलाफ शिकायत की जा सकती है।
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आप प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कमेटी के पास न कोई सीए है और ना कोई ऑडिटेट अकाउंट है तो प्राइवेट स्कूलों में फीस तय करने का फैसला कोई कमेटी कैसे करेगी? स्कूलों के टीचर कहेंगे कि हमारी सैलरी बढ़ानी है, तो अभिभावक इसमें क्या करेंगे? इसका साधारण तरीका यह था कि दिल्ली के 1677 स्कूलों का सरकार हर साल ऑडिट कराए। ऑडिट को सार्वजनिक किया जाए ताकि स्कूल को कितना फायदा या घाटा हुआ है, अभिभावकों को पता चल सके। इसके मुताबिक फीस घटाई या बढ़ाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने स्कूल फीस बिल में कई संशोधन करने के के लिए कई सुझाव दिए हैं। प्राइवेट स्कूल के खिलाफ शिकायत करने के लिए 15 फीसद अभिभावकों की अनिवार्यता को हटाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाा कि भाजपा प्राइवेट स्कूल मालिकों के साथ मिली हुई है।