पहलवान नरसिंह के परिजन बोले, हमारा बेटा नशेड़ी नहीं, उसे फंसाया गया
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बनारस के पहलवान नरसिंह पंचम यादव के डोप टेस्ट में फेल होने के बाद रियो में ओलंपिक खेलों के शुरू होने से पहले ही भारतीय उम्मीदों को झटका लगा है। नरसिंह पर लगे आरोपों के बाबत उनकी मां भुलना देवी ने कहा कि मैं अपने लाल को अच्छी तरह जानती हूं। वह नशेड़ी नहीं है। उसे फंसाया गया है।
वहीं उनके पिता पंचम यादव ने कहा कि कुछ लोग हैं जो नहीं चाहते कि नरसिंह रियो ओलंपिक में हिस्सा ले। शुरू से ही कुछ लोग उसे रोकने में लगे हुए हैं। कहा कि नरसिंह का डोप में पकड़ा जाना एक षड्यंत्र है। नरसिंह के डोप टेस्ट में फेल होने की खबर आने के बाद उनके गांव नीमा (मुरेरी) में सन्नाटा है।
परिवार के लोग स्तब्ध हैं जबकि प्रशंसक मायूस हैं। फिलहाल नरसिंह रियो जाएंगे या नहीं, इस पर संशय बरकरार है। उल्लेखनीय है कि रियो ओलंपिक में हिस्सा लेने को लेकर नरसिंह और सुशील कुमार में कांटे की टक्कर थी। मगर बाद में भारतीय कुश्ती संघ ने काशी के इस युवा मल्ल के नाम को मंजूरी दे दी थी।
शुशील कुमार ने कोर्ट का खटखटाया था दरवाजा
नरसिंह का नाम रियो ओलंपिक के लिए फाइनल होने के बाद नाराज ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार ने अदालत का रुख किया था, मगर वहां से उन्हें इस मामले में कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद सुशील ने भारतीय कुश्ती संघ के सामने ट्रायल का प्रस्ताव रखा था। सुशील का कहना था कि उनके और नरसिंह के बीच ट्रायल करा लिया जाय, जो उसमें जीते उसे रियो भेजा जाए। कुश्ती संघ ने उनके इस प्रस्ताव पर भी गौर नहीं किया।
मालूम हो कि नरसिंह ने पिछले साल लास वेगास में आयोजित विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक के साथ भारत के लिए ओलंपिक कोटा हासिल किया था। 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में नरसिंह ने कांस्य पदक जीता था। इससे पहले 2010 के दिल्ली कामनवेल्थ गेम्स में उन्होंने देश के लिए स्वर्ण पदक जीता था।
यहां चोलापुर विकास खंड के नीमा मुरेरी गांव में नरसिंह का परिवार रहता है। उनके पिता पंचम यादव किसान हैं जबकि मां भुलना देवी गृहिणी हैं। नरसिंह अपने बड़े भाई विनोद यादव के साथ मुंबई में रहते हैं। विनोद का मुंबई में दूध का कारोबार है।