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Terrorist attacks: हमले में शहीद हुए सिद्धांत छेत्री की दो महीने पहले हुई थी शादी, कहानी सुन आखें हो जाएंगी नम
Sun, 07 May 2023 01:05 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दार्जिलिंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दार्जिलिंग
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 07 May 2023 01:05 AM IST
सार
पैरा कमांडो सिद्धांत छेत्री बचपन से ही सेना में जाने का सपना देखते थे, उनको केवल देश की सेवा करने का जुनून था।
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Siddhant Chettri
- फोटो : Twitter
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विस्तार
आतंकी हमेशा अपनी कायराना करतूतों से लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं। जम्मू-कश्मीर में राजौरी के कांडी वन क्षेत्र में शुक्रवार को हुए आतंकी हमले में सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे, इन जवानों 9 पैरा कमांडो के राइफलमैन सिद्धांत छेत्री भी थे जिनकी मात्र दो महीने पहले ही शादी हुई थी और वह देश के लिए कुर्बान हो गए।
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सेना के जवान रहे उनके बड़े भाई ने सिद्धांत के सेना के लिए जुनून के बारे में बात करते हुए कहा कि सिद्धांत छेत्री बचपन से ही सेना में जाने का सपना देखते थे, उनको केवल देश की सेवा करने का जुनून था। शहीद जवान सिद्धांत छेत्री पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के बिजनबाड़ी इलाके के रहने वाले थे। सिद्धांत के बड़े भाई ओम प्रकाश छेत्री हाल ही में सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं।
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ओम प्रकाश छेत्री ने आगे बताया कि मेरे भाई को देश की सेवा करने का बहुत जुनून था। इसलिए, वह 2020 में सेना में शामिल हो गए। उनके अच्छे प्रदर्शन के कारण, उन्हें पैरा (विशेष बल) में नियुक्त किया गया। उन्होंने दो महीने पहले ही शादी की थी और और कश्मीर में अपनी ड्यूटी पर लौट आए और लौटने के 15 दिनों के भीतर ही वह शहीद हो गए।
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पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
ओम प्रकाश ने कहा कि वह बहुत छोटा था केवल 24 साल का। उसकी पत्नी केवल 22 साल की है और दार्जिलिंग की रहने वाली है। सिद्धांत की मौत की खबर सुनने के बाद से वह बार-बार होश खो रही है। हमारे माता-पिता मां हैं और एक शब्द नहीं कह रहे हैं।
सिद्धांत का पार्थिव शरीर जम्मू से वायु सेना के विशेष विमान से बागडोगरा हवाईअड्डे पर पहुंचा। वहां से इसे सड़क मार्ग से बंगडूबी आर्मी बेस ले जाया गया। बंगडूबी अड्डे पर उन्हें पूर्ण सैन्य सम्मान दिया गया। सिलीगुड़ी मेट्रो पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। स्थानीय भाजपा विधायक शंकर घोष और कर्नल अंजन कुमार बासुमतारी सहित भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उन्हें अंतिम सम्मान दिया।
वहां से उनके पार्थिव शरीर को बिजनबाड़ी स्थित उनके घर किजोमबस्ती ले जाया गया। ओम प्रकाश ने कहा कि परिवार के शोक मनाने के लिए सिद्धांत का शव शनिवार की रात उनके घर पर रखा जाएगा और रविवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह बहुत दुखी हैं।