अर्धसैनिक बल के शहीदों को मिलेगी सेना के बराबर सुविधा
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आतंकवाद और उग्रवाद निरोधी कार्रवाई में प्राण न्यौछावर करने वाले केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीपीएमएफ) के जवान और अधिकारी अब सिर्फ शहीद ही नहीं कहलाएंगे बल्कि उनके परिवार को सेना केबराबर की सुविधा और आर्थिक मुआवजा मिलेगा।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीपीएमएफ केलिए भी बैटल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट (बीसीसी) जारी करने का फैसला किया है। स्वतंत्रता सैनानी शहीद भगत सिंह की पुण्य तिथि के एक दिन पहले सरकार का यह कदम सीपीएमएफ के हौसला अफजाई का बड़ा कदम माना जा रहा है। सुरक्षा बलों के लिए बीसीसी जारी करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी।
मंगलवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का महानिदेश के साथ हुई बैठक में यह फैसला लिया है। गृहमंत्री ने कहा कि इसे जल्द ही लागू कर दिया जाएगा। अबतक कश्मीर, उत्तर पूर्व के राज्यों और नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात अर्धसैनिक बलों के मारेजाने वाले जवान को शहीद तो कहा जाता था लेकिन उनकेपरिवार को वह सुविधा नहीं मिलती थी जो सेना केशहीदों के परिवार को मिलती है।
सुविधा को अमली जामा पहनाने का काम जल्द शुरु होगा
सरकारी नियम और कानून के मुताबिक बैटल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट सिर्फ फौज से शहीदों को जारी की जाती है। गृहमंत्रालय के मुताबिक सीपीएमएफ के लिए इस सुविधा को अमली जामा पहनाने का काम जल्द शुरु होगा।
गौरतलब है कि देश में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ), असम रायफल्स, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) केंद्रीय अर्धसैनिक बल की श्रेणी में आते हैं।
इन सातों बलों की संख्या करीब एक लाख है। सरकार का यह फैसला देश केअलग अलग हिस्सो में आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद निरोधी कार्रवाई में लगे बल केलिए बड़ी बात मानी जा रही है।