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अर्धसैनिक बल के शहीदों को मिलेगी सेना के बराबर सुविधा

Tue, 27 Sep 2016 10:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 27 Sep 2016 10:01 PM IST
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paramilitary forces also get facilities like army
- फोटो : demo pic

आतंकवाद और उग्रवाद निरोधी कार्रवाई में प्राण न्यौछावर करने वाले केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीपीएमएफ) के जवान और अधिकारी अब सिर्फ शहीद ही नहीं कहलाएंगे बल्कि उनके परिवार को सेना केबराबर की सुविधा और आर्थिक मुआवजा मिलेगा। 

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गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीपीएमएफ केलिए भी बैटल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट (बीसीसी) जारी करने का फैसला किया है। स्वतंत्रता सैनानी शहीद भगत सिंह की पुण्य तिथि के एक दिन पहले सरकार का यह कदम सीपीएमएफ के  हौसला अफजाई का बड़ा कदम माना जा रहा है। सुरक्षा बलों के लिए बीसीसी जारी करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी।
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मंगलवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सुरक्षा  बल (बीएसएफ) का महानिदेश के साथ हुई बैठक में यह फैसला लिया है। गृहमंत्री ने कहा कि इसे जल्द ही लागू कर दिया जाएगा। अबतक कश्मीर, उत्तर पूर्व के  राज्यों और नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात अर्धसैनिक बलों के मारेजाने वाले जवान को शहीद तो कहा जाता था लेकिन उनकेपरिवार को वह सुविधा नहीं मिलती थी जो सेना केशहीदों के परिवार को मिलती  है। 

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सुविधा को अमली जामा पहनाने का काम जल्द शुरु होगा

paramilitary forces also get facilities like army

सरकारी नियम और  कानून  के मुताबिक बैटल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट सिर्फ फौज से शहीदों को जारी की जाती है। गृहमंत्रालय के मुताबिक  सीपीएमएफ के लिए इस सुविधा को अमली जामा पहनाने का काम जल्द शुरु होगा। 

गौरतलब है कि देश में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस  फोर्स (सीआरपीएफ), असम रायफल्स, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) केंद्रीय अर्धसैनिक बल की श्रेणी में आते हैं।

इन सातों बलों की संख्या करीब एक लाख है। सरकार का यह फैसला देश केअलग अलग हिस्सो में आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद निरोधी कार्रवाई में लगे बल केलिए बड़ी बात मानी जा रही है। 

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