फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pakistan wants to investigate Indus river valley projects of India

भारत के सिंधु नदी घाटी प्रोजेक्टों की जांच करना चाहता है पाकिस्तान

Sat, 31 Mar 2018 05:51 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Sat, 31 Mar 2018 05:51 AM IST
विज्ञापन
Pakistan wants to investigate Indus river valley projects of India
सिंधु नदी घाटी
पाकिस्तान ने भारत से उसके अधिकारियों को सिंधु नदी घाटी में चल रही भारतीय परियोजनाओं का निरीक्षण करने के लिए जाने की इजाजत मांगी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र ने सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) के प्रावधानों के तहत इसकी व्यवस्था करने की बात कही है। पाकिस्तान ने यहां दोनों देशों के बीच चल रही स्थायी सिंधु आयोग (पीआइसी) की दो दिवसीय बैठक के दौरान शुक्रवार को ये आग्रह किया।  
विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को 114वीं पीआइसी बैठक के दौरान दोनों देश सिंधु नदी पर जम्मू-कश्मीर में भारत की दो जलविद्युत परियोजनाओं पाकल दुल और लोअर कालनई पर अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे। हालांकि दोनों देशों के बीच चल रहे तनावपूर्ण संबंधों के बीच इस मुद्दे पर बैठक में सौहार्दपूर्ण तरीके से बातचीत हुई। हालांकि इन दो परियोजनाओं पर पाकिस्तान के विरोध के बीच जम्मू-कश्मीर में एक अन्य भारतीय जलविद्युत परियोजना रत्ले (850 मेगावाट) पर बात ही नहीं हो पाई, जिसके डिजाइन पर भी इस्लामाबाद को आपत्ति है। 
विज्ञापन


भारत ने इस पर वार्ता की पेशकश की, लेकिन पाक प्रतिनिधिमंडल ने इसके लिए पहले ही आयोग से ऊंचे यानि सचिव स्तर पर वार्ता जारी होने की बात कहकर प्रस्ताव नकार दिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में सिंधु जल आयुक्त पीके सक्सेना, तकनीकी एक्सपर्ट और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि थे, जबकि छह सदस्यीय पाक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सैयद मुहम्मद मेहर अली शाह कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है विवाद

सिंधु की सहायक नदी चिनाव की घाटी पर हैं भारत की दो परियोजनाएं
पाकल दुल में 1000 मेगावाट व लोअर कालनई में 48 मेगावाट जलविद्युत बनेगी
पाकिस्तान इन परियोजनाओं के लिए बांध बनाने को बताता है सिंधु संधि का उल्लंघन
1960 में हुई सिंधु जल बंटवारा संधि के तहत भारत इन परियोजनाओं के डिजाइन को बताता है सही
दोनों देश एक-दूसरे के यहां की स्थिति जानने के लिए इस संधि के तहत निरीक्षण करते रहते हैँ
118 दौरे दोनों देशों में हुए हैं, जिसमें भारत में पाक ने 70 बार और पाक में भारत ने 48 दौरे किए
2014 में आखिरी बार पाकिस्तान के अधिकारियों ने सिंधु नदी घाटी की जांच की थी
दोनों देश साल में कम से कम एक बार स्थायी सिंधु आयोग की बैठक में वार्ता करते हैं
पिछली बार मार्च 2017 में इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बैठक आयोजित की गई थी

सिंधु संधि पर एक नजर

06 नदियों ब्यास, रावी, सतलुज, सिंधु, चिनाव और झेलम के जल बंटवारे पर है संधि
03 पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चिनाव का पानी इससे पाकिस्तान के लिए संरक्षित होता है
03 पूर्वी नदियों ब्यास, रावी और सतलुज का पानी इससे भारत के लिए संरक्षित होता है
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed