पाकिस्तान का सियासी संकट: देश से ‘वफादारी’ के खिलाफ माना गया ‘अदम-ए-अहतमाद’, जानिए इमरान ने किसे ढाल बनाकर खारिज कराया अविश्वास प्रस्ताव
नेशनल असेंबली के स्पीकर कासिम सूरी ने अविश्वास प्रस्ताव को विदेशी महाशक्ति (अमेरिका की ओर संकेत) से मिलकर देश के खिलाफ विपक्ष की साजिश माना। इससे पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने सदन में अनुच्छेद-5 का हवाला दे कर कहा, इसे रद्द कर देना चाहिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अल्पमत में होते हुए भी पीएम इमरान ‘अदम-ए-अहतमाद’ (अविश्वास प्रस्ताव) से बच निकले। उनकी ढाल बना पाकिस्तानी संविधान का अनुच्छेद-5। यह अनुच्छेद पाकिस्तानी नागरिकों को मुल्क से वफादारी रखने का वादा लेता है।
नेशनल असेंबली के स्पीकर कासिम सूरी ने अविश्वास प्रस्ताव को विदेशी महाशक्ति (अमेरिका की ओर संकेत) से मिलकर देश के खिलाफ विपक्ष की साजिश माना। इससे पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने सदन में अनुच्छेद-5 का हवाला दे कर कहा, इसे रद्द कर देना चाहिए।
क्या कहती हैं अनुच्छेद-5 की दो अहम धाराएं
- धारा-1 : मुल्क से वफादारी रखना हर नागरिक का फर्ज है।
- धारा-2 : कहीं भी रह रहे नागरिक और पाकिस्तान में मौजूद हर शख्स के लिए मुल्क के संविधान और कानून की आज्ञा का पालन अनुल्लंघनीय है।
बहुमत से मजबूत हुए विपक्ष की देश के प्रति वफादारी पर शक की आड़
सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने सदन में कहा, इमरान ने प्रस्ताव को विदेशी षड्यंत्र साबित किया है। एक बड़ा मुल्क नहीं चाहता, हमारी विदेश नीति स्वतंत्र रहे। मंत्री के मुताबिक 7 मार्च को कई देशों के राजदूतों ने बैठक कर तय किया कि खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाए। इसके अगले दिन अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया। फवाद ने कहा, यह सब मुल्क से वफादारी के खिलाफ हुआ। ऐसे अदम-ए-अहतमाद को रद्द कर देना चाहिए। कासिम सूरी ने इसे मान लिया।
विपक्ष का सवाल, अनुच्छेद-6 क्यों भूले
विपक्ष ने भी अनुच्छेद 5 की दूसरी धारा का हवाला देकर कहा क्या इमरान खान इसी अनुच्छेद की दूसरी धारा भूल गए, जो संविधान और कानून का हर हाल में पालन अनिवार्य बनाती है? उन्होंने अनुच्छेद 6 के आधार पर इमरान खान, सरकार और कासिम सूरी पर देशद्रोह की कार्रवाई की मांग की। अनुच्छेद 6 के अनुसार कोई व्यक्ति अगर संविधान के खिलाफ काम करता है तो उसे देशद्रोही माना जाएगा।
पंजाब के गवर्नर सरवर बर्खास्त नए सीएम का चुनाव 6 तक टला
इमरान सरकार ने रविवार को पंजाब प्रांत के गवर्नर चौधरी सरवर को बर्खास्त कर दिया। राज्य के नए मुख्यमंत्री का चुनाव टाल दिया गया। पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर सरदार दोस्त मुहम्मद मजारी ने इमरान सरकार को गिराने की विदेशी साजिश का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री का चुनाव कराने से इनकार कर दिया और सत्र को छह अप्रैल तक के लिए टाल दिया। पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने ट्वीट पर बताया, पंजाब के नए गवर्नर का एलान बाद में किया जाएगा। उन्होंने कहा, संविधान के मुताबिक डिप्टी स्पीकर कार्यवाहक गवर्नर होंगे।
गवर्नर सरवर की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार का इस्तीफा स्वीकार करने के कुछ दिनों बाद ही उन्हें हटाया गया है। हालांकि, गवर्नर चौधरी ने प्रधानमंत्री इमरान खान के संकेत पर ही उस्मान का इस्तीफा मंजूर किया। पंजाब में भी राजनीतिक संकट खड़ा हो गया, जब विपक्षी दलों ने एकजुट होकर प्रांतीय असेंबली में मुख्यमंत्री बुजदार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला दिया।