{"_id":"5df8fa228ebc3e87e577a484","slug":"pakistan-pm-wishes-world-forgets-what-his-army-did-in-1971-to-ppl-of-erstwhile-east-pakistan","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तानी सेना द्वारा 1971 में बांग्लादेश में की गई कार्रवाई को भुलवाना चाहते हैं इमरान खानः भारत ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पाकिस्तानी सेना द्वारा 1971 में बांग्लादेश में की गई कार्रवाई को भुलवाना चाहते हैं इमरान खानः भारत
Tue, 17 Dec 2019 09:24 PM IST
देव कश्यप
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 17 Dec 2019 09:24 PM IST
सार
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जेनेवा में उठाया कश्मीर मुद्दा तो विफरा भारत
- इमरान ने जेनेवा में कहा, कश्मीर में मानवाधिकारों का हनन हो रहा है, विश्व समुदाय को संज्ञान लेना चाहिए
विज्ञापन
इमरान खान (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
विस्तार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की कश्मीर और नागरिकता संशोधन अधिनियम पर जेनेवा में की गई टिप्पणी पर भारत ने कड़ा विरोध जताया है। भारत ने कहा है कि इमरान खान वैश्विक मंचों का हमेशा दुरुपयोग करते हैं और जेनेवा में उनकी टिप्पणी भारत के आंतरिक मामलों में दखल है। पाकिस्तान को इस तरह के हस्तक्षेप से बाज आना चाहिए।
विज्ञापन
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर जवाब देते हुए विदेश मामलों के मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि इमरान खान ने एक वैश्विक मंच से एक बार फिर अपने संकीर्ण राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अब पूरे विश्व समुदाय को यह बात स्पष्ट हो जानी चाहिए कि पाकिस्तान इसी प्रकार हमेशा वैश्विक मंचों का दुरुपयोग करता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पूरा विश्व समुदाय जानता है कि पाकिस्तान ने अपने यहां के अल्पसंख्यकों को हमेशा सताया है और उनमें से अनेक भारत में शरण लेते रहे हैं। अब इमरान खान चाहते हैं कि विश्व समुदाय पाकिस्तान की 1971 में बांग्लादेश में की गई कार्रवाई को भूल जाए जिसमें पाकिस्तान ने वहां के निवासियों पर अत्याचार किए थे।
विज्ञापन
इसके पूर्व, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जेनेवा में कहा कि कश्मीर में मानवाधिकारों का हनन हो रहा है और विश्व समुदाय को इसका संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने भारतीय संसद द्वारा हाल ही में बनाए गए नागरिकता संशोधन अधिनियम का मुद्दा भी उठाया।