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नापाक: हैशटैग वाले हजारों भड़काऊ ट्वीट के साथ पाकिस्तानी दुष्प्रचार तंत्र तेज, भारत के खिलाफ उगल रहे जहर  

Tue, 12 Apr 2022 07:03 PM IST
Amit Mandal एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Tue, 12 Apr 2022 07:03 PM IST
सार

अपने नागरिकों द्वारा कुशासन के किसी भी सवाल से ध्यान हटाने के लिए पाकिस्तान, भारत के खिलाफ एक शातिर अभियान का नेतृत्व कर रहा है। अल्पसंख्यकों के के खिलाफ जघन्य अपराधों पर पाकिस्तान चुप रहता है। 

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Pakistan launches disinformation campaign to disturb harmony in India
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न - फोटो : ANI

विस्तार

विभिन्न हैशटैग के इस्तेमाल से हजारों भड़काऊ ट्वीट्स के साथ पाकिस्तानी दुष्प्रचार तंत्र तेज हो गया है। ज्यादातर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के ट्वीट का उद्देश्य भारत की शांति को भंग करना है। दुष्प्रचार अभियान के तहत नफरत के बीज बोने के लिए @Babar_7860; @FMQureshipk; @ihtk1; @raufburrio; @ideowarrior; @zahrakhanpak911; @Abebeellan; @akhirhashmi159 and @rakibpatrkar जैसे ट्विटर हैंडल पर फर्जी जानकारी पोस्ट की जा रही है।  

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भारत के खिलाफ शातिर अभियान का नेतृत्व कर रहा पाकिस्तान
ऐसा ही एक ट्विटर हैंडल एक पाकिस्तानी बाबर मलिक (@Babar_7860) का है, जो पत्रकार होने का दावा करता है। एक और पाकिस्तानी ट्विटर हैंडल @fmqureshipk है जो भारत के खिलाफ जहर उगल रहा है। इसी तरह का झूठ फैलाने वाला एक और अकाउंट @ihtjk1 है। ये सभी पोस्ट भारत की सद्भाव को भड़काने और बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। पाकिस्तान, जिसके अपने घर में आग लगी है, अपने नागरिकों द्वारा कुशासन के किसी भी सवाल से ध्यान हटाने के लिए भारत के खिलाफ ऐसे शातिर अभियान का नेतृत्व कर रहा है।
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इसके अलावा, मुसलमानों के खिलाफ अत्याचार के लिए अन्य देशों की निंदा से दूर रहने वाले पाकिस्तान ने झिंजियांग में उइगर मानवाधिकारों के उल्लंघन के मुद्दे को आसानी से नजरअंदाज कर दिया है। वह भारत में मुसलमानों का तो समर्थन करता है, लेकिन उसके अपने देश में अल्पसंख्यकों पर उसका रिकॉर्ड निराशाजनक है। पाकिस्तान में हिंदू, ईसाई, अहमदिया और शिया जैसे अल्पसंख्यकों को अक्सर परेशान किया जाता है और सताया जाता है। देश में शिया अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों और गिरफ्तारियों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है, जो सुन्नी बहुसंख्यक इस देश के 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत के बीच हैं।
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पाकिस्तान में अल्पसंख्यक मानवाधिकारों की स्थिति बेहद खराब 
पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों के लिए यूनाइटेड किंगडम के सर्वदलीय संसदीय समूह (APPG) ने देश में अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों की लगातार बिगड़ती स्थिति को लेकर इस्लामाबाद की कड़ी आलोचना की है। पाकिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय त्रासदी बताने वाली 67 पन्नों की एक रिपोर्ट में ऐसे सभी अत्याचारों को उजागर किया गया है जो पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों पर हर रोज किए जा रहे थे। इसने कहा कि आजादी के सत्तर साल बाद भी अल्पसंख्यक लड़कियों का अपहरण, उनका जबरन धर्म परिवर्तन और बाद में विवाह पाकिस्तान की एक सच्चाई है। 


जघन्य अपराधों में शामिल लोगों को बचाया जाता है
इसके अलावा पाकिस्तान द्वारा अल्पसंख्यकों के खिलाफ जघन्य अपराधों में शामिल लोगों और पीड़ितों को सताने वालों का बेशर्मी से बचाव करने के कई मामले हैं। इन्हीं वजहों से ही दुनिया भर के कई विशेषज्ञों ने कहा है कि पाकिस्तान महिलाओं के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के लिए सबसे असुरक्षित देश है। ह्यूमन राइट्स वॉच के अनुसार, अल्पसंख्यकों को हिंसा, भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है, अधिकारी अक्सर पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने में विफल होते हैं और अपराधियों को जवाबदेह नहीं ठहराते हैं। डेली टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी नियमित रूप से शांतिपूर्ण आलोचकों को डराने के लिए आतंकवाद विरोधी और राजद्रोह कानूनों का इस्तेमाल करते हैं।

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