{"_id":"5b59521c4f1c1bb8538b54fb","slug":"pakistan-election-imran-khan-win-will-be-difficult-for-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान में वोटों की गिनती जारी, इमरान की जीत से भारत की बढ़ेंगी मुश्किलें?","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
पाकिस्तान में वोटों की गिनती जारी, इमरान की जीत से भारत की बढ़ेंगी मुश्किलें?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 26 Jul 2018 01:14 PM IST
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imran khan
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पाकिस्तान में हुए आम चुनाव के नतीजों पर पूरी दुनिया की नजर है। चूंकि यह चुनाव दक्षिण एशिया की राजनीति को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा इसलिए इसका भारत पर भी असर पड़ना तय है। हालांकि भारत-पाक रिश्तों में भले ही विवाद के मुद्दे पुराने ही हैं जिनका सुलझना बेहद मुश्किल है लेकिन दोनों देशों में नेतृत्व की विचारधारा आपसी चर्चा के तौर-तरीकों को हर तरह से प्रभावित करता है।
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प्रसिद्ध अखबार डॉन ने अपने संपादकीय में हाल ही में नई सरकार बनने को लेकर भारत और दक्षिण एशियाई देशों के साथ पाकिस्तान के रिश्तों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी। रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव पूर्व सर्वेक्षण में पाक में इमरान और शरीफ की पार्टियों में कांटे की टक्कर के बीच इमरान बढ़त में हैं। हालांकि कुछ अब लगभग साफ हो गया है कि इमरान खान का प्रधानमंत्री बनना तय है। बता दें कि इमरान खान ने चुनाव प्रचार में भारत के खिलाफ खूब जहर उगला था। सेना का परोक्ष साथ भी उन्हें मिला है। इसलिए इमरान के प्रधानमंत्री बनने पर भारत से अच्छे रिश्तों की उम्मीद बेकार साबित होगी।
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मालूम हो कि क्रिकेट से राजनीति में आए इमरान कई अवसरों पर जेहादियों से वार्ता शुरू करने और कट्टरपंथियों को मुख्य धारा में लाने की पैरवी कर चुके हैं। इस कारण उनके विरोधी उन्हें तालिबान खान तक के नाम से पुकारते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन और बिलावल भुट्टो के नेतृत्व वाली पार्टी पीपीपी की पूर्ववर्ती सरकारें भारत के साथ शांतिपूर्ण रिश्तों की पक्षधर रही हैं। इसलिए इनमें से कोई भी पार्टी यदि सत्ता में आती तो भारत के साथ रिश्ते सुधरने की दिशा में वार्ता चलते रहने की उम्मीद की जा सकती थी।
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नवाज शरीफ की पार्टी ने इमरान पर आरोप लगाया कि सेना और आईएसआई के साथ मिलकर वह गलत तरीके से चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव के लिए वोटिंग से ठीक पहले इमरान ने इसको मुद्दा बनाया और कहा कि नवाज शरीफ भारत के खिलाफ बहुत सॉफ्ट हैं। इमरान ने लोगों को यह कहते हुए उकसाया कि, 'भारत और मोदी को नवाज प्यारे हैं लेकिन वे हमारी सेना से नफरत करते हैं। अब उन्हें इस बात की चिंता है कि अगर इमरान सत्ता में आया तो पाकिस्तान के लिए काम करेगा।'
बता दें कि साल 2015 में मोदी अपनी अफगानिस्तान यात्रा के दौरान अचानक पाकिस्तान पहुंच गए। वहां उन्होंने नवाज से एक ऐसी मुलाकात की जो पहले से तय नहीं थी। इमरान खान ने इस मुलाकात पर टिप्पणी करते हुए 'हितों का टकराव' बताया था। हालांकि तब इमरान खान ने यह भी कहा था कि वह दोनों देशों के बीच संबंधों में गर्माहट का स्वागत करते हैं।