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1971 की जंग में पाक ने भारत के इस शहर पर गिराए थे 16 बम

Fri, 30 Sep 2016 03:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा Updated Fri, 30 Sep 2016 03:23 AM IST
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Pakistan Dropped 16 Bombs in this Indian city in 1971 war
- फोटो : bbc

पाकिस्तान के खिलाफ हर जंग में आगरा का महत्वपूर्ण रोल रहा है। 1948 हो या 1965 या फिर 1971 का युद्ध, हर बार आगरा स्टेशन के पैराकमांडो, एयरफोर्स स्क्वाड्रन ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। 1971 की जंग में आगरा इस कदर अहम था कि देश के जिन आठ हवाई अड्डों पर पाकिस्तानी वायुसेना ने अचानक हमला किया, उनमें आगरा भी एक था। तीन-चार दिसंबर 1971 की रात को आगरा एयरफोर्स पर 500 पाउंड वजन के 16 बम गिराए गए थे, जिनमें से तीन एयरफोर्स परिसर में रनवे पर फटे। हमलावर पाकिस्तानी सात स्क्वाड्रन के बी-57 विमान को आगरा में मार गिराया गया था।

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1971 में तीन दिसंबर की रात पाकिस्तानी बमवर्षक बी-57 विमानों ने रात 9:05 पर पहला हमला किया। आगरा एयरबेस पर छह बार हमले किए गए थे, जिनमें 16 बम गिराए गए, लेकिन आगरा में हवाई पट्टी पर केवल तीन ही फट सके। बाकी गांव, खेतों में जाकर फटे तो दो बम फटे ही नहीं।
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तीनों बम से हवाई पट्टी को मामूली नुकसान ही हुआ था, जिसे रात में ही तत्कालीन एयर कमोडोर जफर जहीर के निर्देशन में ठीक करा दिया गया। आगरा से कैनबरा विमानों के आपरेशन को रोकने के लिए यह हमला किया गया था, लेकिन एक भी दिन के लिए आगरा से उड़ान बंद नहीं हुईं।
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तत्कालीन सेंट्रल कमान एओसी एयर वाइस मार्शल एम वार्कर ने सात दिसंबर को आगरा आकर एयरफोर्स अधिकारियों की पीठ थपथपाई थी। युद्ध खत्म होते ही 19 दिसंबर को तत्कालीन एयर मार्शल आगरा एयरबेस का निरीक्षण करने पहुंचे थे।

तब काले कपड़े से ढंक ताज किया गया था बंद

Pakistan Dropped 16 Bombs in this Indian city in 1971 war

1971 में युद्ध की आहट के दौरान ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने ताजमहल को हमले से बचाने के लिए व्यवस्थाएं करनी शुरू कर दी थीं। तब ताजमहल के मुख्य गुंबद और चारों मीनारों को काले कपड़े से ढंका गया था।

मुख्य गुंबद पर बल्लियों की पाड़ लगाकर काले कपड़े को नीचे तक लटकाया गया। गुंबद के फर्श पर पेड़ों की शाखाओं को काटकर डाला गया और हरी घास बिछाई गई ताकि यह चांदनी रात में नजर न आ सके। उस समय ताजमहल पर वरिष्ठ संरक्षण सहायक एसके शर्मा तैनात थे।

युद्ध के दौरान पूरे 15 दिन तक ताजमहल को आम पर्यटकों के लिए बंद रखा गया था। युद्ध में जिस काले कपड़े और रस्सियों से ताजमहल को ढंका गया था, वह कुछ साल पहले तक ताजमहल आफिस के स्टोर में था।

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