31 अक्तूबर से पहले घाटी में दहशत फैलाने की साजिश में पाकिस्तान
- तंगधार सेक्टर पीओके से जम्मू-कश्मीर पहुंचने का सबसे छोटा रास्ता
- बर्फबारी से पहले घाटी में आतंकियों की घुसपैठ की फिराक में पाक सेना
- नागरिकों की हत्या की योजना
- आर्टिलरी फायरिंग में आतंकी और पाक सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
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जम्मू-कश्मीर के सीमा से सटे तंगधार, उड़ी और उसके आसपास के इलाके ऐसे हैं जहां स्कूलों में हाजिरी ठीक-ठाक है और दुकानें खुली हैं। पाकिस्तान के आतंकी आका कश्मीर के सेब व्यापारियों के साथ नागरिकों पर हमले कर पूरी तरह दहशत फैलाने की फिराक में हैं। इनकी कोशिश है कि 31 अक्तूबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के औपचारिक तौर पर केंद्र शासित प्रदेश के गठन से पहले पूरे इलाके में अशांति फैला दें।
रविवार को सेना की कार्रवाई के ताजा आकलन के मुताबिक, जिन छह लॉन्च पैड को तबाह किया गया, वहां हरेक पर 15 से 20 आतंकी घुसपैठ करने की फिराक में थे। सूत्रों के मुताबिक पीर पंजाल के उत्तर में तंगधार सेक्टर ऐसा इलाका है, जो पीओके से कश्मीर पहुंचने का सबसे छोटा रास्ता है। पाकिस्तानी सेना ने तंगधार सेक्टर पर फोकस किया, ताकि बर्फबारी से पहले आतंकियों की घुसपैठ करा सके।
नियंत्रण रेखा (एलओसी) के तंगधार सेक्टर में सेना के रविवार को की गई कार्रवाई में कम से कम 20 आतंकी मारे गए और छह लांचिंग पैड नष्ट हुए। पूरी तरह से आर्टिलरी फायरिंग से की गई इस कार्रवाई के ताजा आंकलन के मुताबिक हरेक लांचिंग पैड पर 15 से 20 आतंकी घुसपैठ के आदेश के लिए तैयार बैठे थे। खुफिया सूचना के आधार की पाक सैन्य ठिकानों और आतंकी ठिकानों पर सधे हुए अंदाज में एक साथ कार्रवाई की गई।
सेना के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक इसमें पाक सेना का एक ब्रिगेड हेडक्वार्टर और कई चौकियां भी तबाह हुई हैं। उधर इस हमले से बौखलाए पाकिस्तान ने पूरे पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के एलओसी से लगे इलाके का इंटरनेट और सूचना तंत्र बंद कर रखा है। ताकि नुकसान की जानकारी सार्वजनिक नहीं हो सके।
तंगधार भौगोलिक रुप से पाकिस्तान से तीन तरफ से घिरा है। इसके बावजूद सामरिक स्तर पर भारत ने अपनी स्थिति मजबूत कर रखी है। भारतीय सेना ने पाक की इस योजना के भांपते हुए रविवार को एक साथ कई ठिकानों को आर्टिलरी फायरिंग से निशाना बनाया।
गोलाबारी से सीमा से सटे इलाकों में दहशत
सीमापार से हो रही गोलाबारी से घाटी के लोगों की चिंता बढ़ गई है। घाटी के घरों और फसलों को नुकसान हुआ है। स्थानीय निवासी परवेज अहमद ने कहा, हम सो रहे थे जब जोरदार धमाकों की आवाजें आनी लगीं। हम घर से बाहर आए तो देखा कि खेतों में आग लगी है। सब तहस-नहस हो चुका है। परवेज ने कहा, हम डरे हुए हैं पता नहीं कब दोबारा गोलाबारी शुरू हो जाए। हमारे घरों में रखा अनाज, खाने-पीने का सामान नष्ट हो गया है।
पाकिस्तान से अब नहीं आएगी चिट्ठी
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने से बौखलाए पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच डाक मेल सेवा को बंद कर दिया है। पाकिस्तान के रवैये को अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए कहा है कि डाक विभाग इस मामले में भावी कार्रवाई पर मंथन कर रहा है। गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के बाद पाकिस्तान ने अपनी ओर से भारत की ओर से भेजे जा रहे डाक मेल को स्वीकार करना बंद कर दिया है।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह अंतर्राष्ट्रीय कानून और विश्व डाक संघ के मानदंडों का खुला उल्लंघन है। पाकिस्तान ने बिना किसी पूर्व सूचना के एकतरफा कार्रवाई की है। वर्तमान में पाकिस्तान ने भारत को पत्र और मेल भेजने पर पाबंदी लगा दी है। प्रसाद ने कहा कि हर देश इस मामले में विश्व डाक संघ के तहत काम करता है, मगर पाकिस्तान ने इसकी भी परवाह नहीं की है।
प्रसाद ने कहा कि यह बौखलाहट में उठाया गया एकतरफा कदम है। यह अंतर्राष्ट्रीय कानून और विश्व डाक संघ के मानदंडों का उल्लंघन है। ऐसे में अब डाक विभाग इस मामले में पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करने के तरीके पर मंथन कर रहा है।
गौरतलब है कि बीते करीब सात दशकों में दोनों देशों के बीच तीन-तीन युद्घ होने, कई बार तनाव के चरम पर पहुंचने के बावजूद पाकिस्तान ने डाक मेल सेवा पर रोक नहीं लगाई थी। डाक विभाग का कहना है कि अनुच्छेद 370 रद्द होने के बाद पाकिस्तान ने 27 अगस्त को डाक का एक खेप स्वीकार किया था। इसके बाद न तो पाकिस्तान से कोई डाक आ रहा है और न ही पाकिस्तान भारत का डाक ही स्वीकार कर रहा है।