करतारपुर कॉरिडोर: भारत को आतंकी खतरे का अंदेशा, पाकिस्तान ने साधी चुप्पी
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करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन से पहले भारत ने पाकिस्तान के साथ सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता जाहिर की है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारत ने पाकिस्तान के साथ आतंकी खतरे को लेकर इनपुट साझा किया है। भारत को इंतजार है कि पाकिस्तान का क्या रुख लेता है।
Government sources: India has shared specific terror threats with Pakistan. India to wait and watch how Pakistan keeps its commitment. https://t.co/sAMpJLYisV
— ANI (@ANI) November 6, 2019विज्ञापन
सूत्रों ने कहा कि भारत ने स्पष्ट रूप से पाकिस्तान जाने वाले वीवीआईपी को उच्चतम स्तर की सुरक्षा प्रदान करने के लिए कहा है। सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) द्वारा भारत विरोधी गतिविधियों की धमकी भारत के लिए चिंता का विषय है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि गणमान्य व्यक्ति भारत से करतारपुर जाने वाले तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे का हिस्सा हैं। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत बादल, हरदीप पुरी और 150 सांसद शामिल हैं। पाकिस्तान ने पहले जत्थे से उद्घाटन समारोह का हिस्सा बनने के लिए अनुरोध किया था।
Government sources: Pakistan has assured the security of pilgrims. India had asked Pakistan that the security of pilgrims should be taken care of. No Khalistani groups and no anti-India activity should be allowed. No embarrassment should be caused to India. #KartarpurCorridor
— ANI (@ANI) November 6, 2019
सूत्रों के मुताबिक भारत ने पाकिस्तान की तरफ से जारी किए गए वीडियो में अलगाववादी जरनैल सिंह भिंडरवाले की मौजूदगी पर भी आपत्ति जताई है।
Government sources: India has taken note of photo of Jarnail Singh Bhindranwale (Khalistani Separatist) in the official video on #KartarpurCorridor launched by Pakistan I&B ministry. India has raised objection to the video through diplomatic channels.
— ANI (@ANI) November 6, 2019
पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर जाने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। भारत ने पाकिस्तान से कहा था कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। किसी भी खालिस्तानी समूह और किसी भी भारत विरोधी गतिविधि को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। भारत को कोई शर्मिंदगी नहीं होनी चाहिए।
सरकारी सूत्रों ने कहा कि पाक ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा का आश्वासन को दे दिया है लेकिन करतारपुर जाने के लिए भारत की एक टीम को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। भारत ने पाकिस्तान में करतारपुर में व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल को देखने के लिए एक अग्रिम टीम को अनुमति देने का अनुरोध किया था।
पाकिस्तान ने भारत के इस अनुरोध को मानने से इनकार कर दिया। पाकिस्तान ने केवल भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को साइट पर जाने की अनुमति दी है।
Govt sources:Dignitaries part of 1st 'Jatha' crossing over from India to Kartarpur to go as pilgrims. It includes Former PM Manmohan Singh,Punjab CM&Union Minister Harsimrat Badal&Hardeep Puri&150 parliamentarians.Pak had requested 1st 'Jatha' to be part of inauguration ceremony.
— ANI (@ANI) November 6, 2019
करतारपुर कॉरिडोर नौ नवंबर को खुलने वाला है। इस खास अवसर पर भारत और पाकिस्तान की तरफ से इसके उद्घाटन के लिए अलग-अलग कार्यक्रम रखे गए हैं। करतारपुर कॉरिडोर के खुल जाने के बाद भारत के गुरदासपुर में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित दरबार साहिब गुरुद्वारे से जुड़ जाएगा।