राज्यों के चुनाव के बाद फिर से बात करेंगे भारत और पाकिस्तान?
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उड़ी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत बेशक पूरी तरह पटरी से उतर चुकी हो और भारत की ओर से इसको लेकर कोई उत्साहजनक संकेत भी न मिल रहे हों बावजूद इसके पाकिस्तान को अभी भी उम्मीद है कि दोनों देश एक बार फिर बातचीत की मेज पर बैठेंगे।
पाकिस्तान के प्रमुख अखबार द डॉन के अनुसार पाकिस्तान के प्लानिंग और डेवलपमेंट मिनिस्टर अहशान इकबाल को अब भी पूरी उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच बातचीत जल्द ही शुरू होगी।
अखबार के अनुसार एहसान ने उम्मीद जताई कि भारत में चल रहे चुनावों के बाद दोनों देशों के नेता एक बार फिर दोनों तरफ शांति स्थापित करने की दिशा में बातचीत कर सकते हैं। एहसान ने कहा मार्च तक भारत में चुनावी प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी इसके बाद दोनों देशों के बीच बातचीत का माहौल तैयार हो सकेगा।
असल में एक सवाल के जवाब में एहसान ने कहा कि, हम सब इस दिशा में सोचने के लिए पर्याप्त परिपक्व हैं। भारत और पाकिस्तान को साथ रहना है, हम अपना भूगोल नहीं बदल सकते इसलिए हमें शांति के मुद्दे पर आगे बढ़ना चाहिए।
चीन पाक गलियारे को भारत को अवसर के रूप में देखना चाहिए
एहसान ने बताया कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पाकिस्तान, अफगानिस्तान और पडोसी भारत में भी शांति चाहते हैं, क्योंकि हमारा विकास क्षेत्र में शांति पर ही टिका है।
वहीं एक अन्य सवाल के जवाब में एहसान ने कहा कि हमारे यहां होने वाले चुनावों में भारत कोई मुद्दा नहीं है, कोई इस संबंध में बात भी नहीं करता है लेकिन हम यह महसूस करते हैं कि भारत की चुनावी प्रक्रिया पाकिस्तान को लेकर काफी संवेदनशील है। इसीलिए जब भी भारत में चुनाव होते हैं पाकिस्तान का मुद्दा वहां तेजी से उछाला जाता है।
वहीं चीन पाकिस्तान के आर्थिक गलियारे पर भारत की चिंताओं के संबंध में मंत्री का जवाब था कि नई दिल्ली को इसे चिंता के रूप में नहीं एक अवसर के रूप में देखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर आप इससे व्यापार करते हैं तो आप इसके द्वारा सीधे चीन तक भी पहुंच सकते हैं, हम इस संबंध में बहुत उत्साहित हैं और पूरी उम्मीद है कि भारत के साथ पाकिस्तान के संबंध जल्द सामान्य हो जाएंगे।